Uttar Pradesh
मुजफ्फरनगर में ढाई करोड़ की लूट का खुलासा, सांसद हरेंद्र मलिक ने पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की मांग की
Wasi Siddiqui
•
2026-09-01 15:43:04
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना में ढाई करोड़ की लूट के खुलासे पर सांसद हरेंद्र मलिक ने पुलिस की सराहना की। उन्होंने डीजीपी से ऑपरेशन में शामिल पुलिसकर्मियों को पुरस्कार देने की मांग की।
📍 मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
🗓️ 01 सितंबर 2026
✍️Wasi Siddiqui
ढाई करोड़ की लूट के खुलासे पर पुलिस की सराहना
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना में सेवानिवृत्त दरोगा के घर हुई करोड़ों रुपये की लूट के मामले में पुलिस कार्रवाई की सांसद हरेंद्र मलिक ने सराहना की है। सांसद ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी और संबंधित अधिकारियों से घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कार देकर सम्मानित करने की मांग की है।
पुलिस के अनुसार, 27 अगस्त की रात बुढ़ाना निवासी एक सेवानिवृत्त दरोगा के घर अज्ञात बदमाशों ने धावा बोला था। वारदात में बड़ी मात्रा में नकदी के साथ सोना-चांदी चोरी होने की बात सामने आई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमों को लगाया गया।
पुलिस ने बरामदगी का किया दावा
पुलिस की ओर से सामने आई जानकारी के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसके एक साथी को कांबिंग के दौरान पकड़े जाने की जानकारी दी गई।
पुलिस का दावा है कि आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई नकदी और सोना-चांदी बरामद कर लिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस ने इस बरामदगी को घटना में चोरी हुए माल की पूरी रिकवरी बताया है।
मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी के संबंध में पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई आगे की जांच का हिस्सा है। इसलिए वारदात से जुड़े सभी तथ्यों का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
हरेंद्र मलिक ने पुलिस की कार्रवाई को सराहा
मुजफ्फरनगर लोकसभा सांसद हरेंद्र मलिक ने पुलिस की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इतनी बड़ी वारदात के बाद कम समय में नकदी और कीमती सामान की बरामदगी महत्वपूर्ण है।
सांसद के मुताबिक, बरामदगी में एक पैसा और एक ग्राम सोना-चांदी भी कम नहीं हुआ। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के काम की तारीफ करते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई के लिए पुलिस टीम को प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
उनका कहना है कि घटना के बाद पुलिस ने जिस तेजी से कार्रवाई की, उससे मामले को सुलझाने में मदद मिली। उन्होंने ऑपरेशन में शामिल पुलिसकर्मियों के प्रयास को सराहनीय बताया।
अच्छे काम पर पुलिस की तारीफ भी जरूरी
हरेंद्र मलिक ने पुलिस की भूमिका को लेकर संतुलित रुख अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से गलत काम होने पर उसकी आलोचना जरूरी है, लेकिन जहां पुलिस बेहतर काम करती है, वहां उसकी प्रशंसा भी होनी चाहिए।
सांसद ने कहा कि पुलिस व्यवस्था पर अक्सर सवाल उठते हैं। ऐसे में किसी गंभीर अपराध के खुलासे और बरामदगी में बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीम का उत्साहवर्धन पुलिसकर्मियों के मनोबल के लिए महत्वपूर्ण है।
उनके बयान का मुख्य फोकस पुलिस के काम की समीक्षा के साथ-साथ अच्छे प्रदर्शन को संस्थागत स्तर पर पहचान देने पर रहा।
डीजीपी से पुरस्कार की मांग
सांसद हरेंद्र मलिक ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि बुढ़ाना की इस कार्रवाई में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाए।
उनका तर्क है कि पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य के लिए प्रोत्साहन मिलने से उनका मनोबल मजबूत होगा। साथ ही दूसरे पुलिसकर्मियों को भी गंभीर मामलों में तेज और प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रेरणा मिलेगी।
पुलिस विभाग में पुरस्कार और प्रशस्ति जैसे प्रोत्साहन उन मामलों में विशेष महत्व रखते हैं, जहां टीम ने कम समय में किसी गंभीर अपराध की जांच पूरी करने और आरोपियों तक पहुंचने में भूमिका निभाई हो।
मुठभेड़ और कांबिंग की कार्रवाई
इस मामले में पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान मुठभेड़ और बाद में कांबिंग की कार्रवाई की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार, एक आरोपी को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके साथी को कांबिंग के दौरान पकड़ा गया।
मुठभेड़ से जुड़े मामलों में पुलिस कार्रवाई के प्रत्येक पहलू की जांच प्रक्रिया के तहत पुष्टि की जाती है। आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे, बरामदगी और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही मामले की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।
इसलिए पुलिस के दावों और आरोपियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों को न्यायिक प्रक्रिया के संदर्भ में देखना महत्वपूर्ण होगा।
बदमाशों की फायरिंग के बीच पुलिस के सामने चुनौती
हरेंद्र मलिक ने पुलिसकर्मियों के सामने मौजूद जोखिम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कई मामलों में पुलिस को बदमाशों की फायरिंग का सामना करते हुए कार्रवाई करनी पड़ती है।
उनका कहना है कि ऐसे अभियानों में पुलिसकर्मियों के लिए जोखिम बना रहता है। इसलिए जहां पुलिस कानून के दायरे में रहकर प्रभावी कार्रवाई करती है, वहां अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाना जरूरी है।
सांसद ने यह भी स्पष्ट किया कि गलत कार्रवाई पर आलोचना और बेहतर काम पर प्रशंसा, दोनों पुलिस व्यवस्था की जवाबदेही का हिस्सा हैं।
बड़ी बरामदगी के दावे का महत्व
बुढ़ाना की वारदात में पुलिस की ओर से पूरी नकदी और सोना-चांदी बरामद करने का दावा इस मामले का अहम पहलू है। करोड़ों रुपये की संपत्ति से जुड़ी वारदात में बरामदगी जांच की दिशा और आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाने के लिहाज से महत्वपूर्ण होती है।
हालांकि, बरामदगी की वास्तविक मात्रा, सामान की पहचान और उसके स्वामित्व से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि पुलिस रिकॉर्ड और न्यायिक प्रक्रिया में होगी। ऐसे मामलों में बरामद माल का पंचनामा, पहचान और अन्य कानूनी औपचारिकताएं भी महत्वपूर्ण रहती हैं।
अब आगे क्या
मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ, बरामदगी से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की जांच आगे की कार्रवाई का आधार बनेगी। पुलिस वारदात में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर सकती है, हालांकि उपलब्ध जानकारी में किसी अतिरिक्त आरोपी की भूमिका की पुष्टि नहीं की गई है।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस की ओर से मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों और पुलिस की विवेचना के आधार पर आरोपों की स्थिति तय होगी।
पुलिसिंगऔर जवाबदेही दोनों जरूरी
बुढ़ाना की इस घटना पर सांसद हरेंद्र मलिक की प्रतिक्रिया पुलिसिंग के दो अहम पहलुओं पर ध्यान खींचती है। पहला, गंभीर अपराध के बाद त्वरित और प्रभावी जांच। दूसरा, पुलिस कार्रवाई में जवाबदेही और पारदर्शिता।
पुलिस के अच्छे काम की सराहना से जवानों का मनोबल बढ़ता है, वहीं किसी भी कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा कानून-व्यवस्था में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए जरूरी है।
इस मामले में पुलिस ने लूट की घटना का खुलासा करने और चोरी की नकदी तथा सोना-चांदी बरामद करने का दावा किया है। अब जांच की अगली कड़ी में आरोपियों के खिलाफ साक्ष्यों की पुष्टि और अदालत में मामले की कानूनी स्थिति महत्वपूर्ण होगी।
Wasi Siddiqui
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।