मंगलवार को MCX पर सोने और चांदी के वायदा भाव में गिरावट दर्ज हुई। चांदी ₹2,407 प्रति किलो और सोना ₹665 प्रति 10 ग्राम नीचे आया। हालांकि अगस्त के दौरान दोनों धातुओं में मजबूत तेजी रही है। निवेशकों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर, ब्याज दरों की उम्मीद और जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम आगे भी अहम रहेंगे।
📍 Location: नई दिल्ली
📰 Date: 25 अगस्त 2026
✍️ Byline: Apurva Choudhary
MCX पर सोना-चांदी में गिरावट
सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को घरेलू कमोडिटी मार्केट में कीमती धातुओं पर दबाव दिखाई दिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोने और चांदी दोनों के फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट नीचे कारोबार करते नजर आए।
चांदी की कीमत में एक कारोबारी सत्र में करीब ₹2,400 प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज हुई। वहीं सोने का वायदा भाव भी ₹1.62 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास आ गया। हालांकि इस गिरावट को अगस्त की पूरी तेजी से अलग करके देखना सही नहीं होगा।
चांदी ₹2,407 प्रति किलो फिसली
सोमवार के क्लोजिंग भाव के मुकाबले मंगलवार को MCX पर चांदी का वायदा भाव घटकर ₹2,41,813 प्रति किलोग्राम रह गया। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी ₹2,44,220 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
इस हिसाब से मंगलवार के कारोबार में चांदी ₹2,407 प्रति किलोग्राम नीचे आई। यानी एक ही कारोबारी सत्र में कीमत में लगभग एक फीसदी की गिरावट दर्ज हुई।
यह गिरावट ऐसे समय आई है जब अगस्त में चांदी ने कुल मिलाकर मजबूत प्रदर्शन किया है। इसलिए मौजूदा कमजोरी को बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के संदर्भ में देखना ज्यादा उचित होगा।
रिकॉर्ड हाई से अभी काफी नीचे
मौजूदा भाव की तुलना चांदी के बताए गए रिकॉर्ड स्तर से करें तो अंतर काफी बड़ा है। 29 जनवरी को MCX पर चांदी का ऑल टाइम हाई ₹4,20,048 प्रति किलोग्राम बताया गया था।
मंगलवार के ₹2,41,813 के स्तर पर चांदी उस रिकॉर्ड से करीब ₹1,78,235 प्रति किलोग्राम नीचे थी। इससे पता चलता है कि हाल की तेजी के बावजूद कीमती धातु अपने बताए गए रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रही है।
हालांकि अगस्त की तस्वीर अलग है। जुलाई के अंतिम कारोबारी दिन चांदी का भाव ₹2,17,198 प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था। इसके बाद अगस्त में अब तक करीब ₹24,615 प्रति किलोग्राम की बढ़त दर्ज की गई है।
सोना भी ₹665 प्रति 10 ग्राम नीचे
चांदी के साथ सोने के वायदा भाव में भी मंगलवार को कमजोरी रही। 24 कैरेट सोने का MCX फ्यूचर्स भाव सोमवार को ₹1,63,229 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
मंगलवार को यह घटकर ₹1,62,564 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। यानी पिछले क्लोजिंग भाव के मुकाबले सोने में करीब ₹665 प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज हुई।
सोने में यह कमजोरी भी अगस्त की समग्र तेजी को पूरी तरह पलटने के लिए पर्याप्त नहीं रही। महीने के प्रदर्शन को देखें तो कीमत अभी भी जुलाई के अंत के मुकाबले ऊंचे स्तर पर है।
अगस्त में सोने की तेजी बरकरार
31 जुलाई को MCX पर 10 ग्राम सोने का भाव ₹1,43,376 बताया गया था। मंगलवार के ₹1,62,564 के स्तर के मुकाबले अगस्त में अब तक सोने के वायदा भाव में करीब ₹19,188 प्रति 10 ग्राम की बढ़त बनती है।
इस लिहाज से मंगलवार की गिरावट को महीने की पूरी दिशा में बदलाव मानना अभी जल्दबाजी होगी। बाजार में एक तरफ ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली हो सकती है, वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय संकेत कीमतों को फिर प्रभावित कर सकते हैं।
कीमती धातुओं के बाजार में रोजाना की चाल और मासिक ट्रेंड अलग-अलग संकेत दे सकते हैं। इसलिए सिर्फ एक कारोबारी सत्र की गिरावट से लंबी अवधि की दिशा तय करना उचित नहीं होगा।
कीमतों पर किन फैक्टर्स का असर?
सोने और चांदी की कीमतें सिर्फ घरेलू डिमांड और सप्लाई से तय नहीं होतीं। अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट, डॉलर की चाल, ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें और ग्लोबल जियोपॉलिटिकल माहौल इनकी कीमतों पर असर डाल सकते हैं।
जब वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है तो सोने की मांग को सपोर्ट मिल सकता है। दूसरी ओर डॉलर और ब्याज दरों से जुड़े बदलाव कीमती धातुओं पर दबाव भी बना सकते हैं।
चांदी का बाजार इसके अलावा इंडस्ट्रियल डिमांड से भी प्रभावित होता है। इसलिए चांदी की कीमतों को समझने के लिए निवेश मांग के साथ इंडस्ट्रियल उपयोग और ग्लोबल इकोनॉमिक आउटलुक पर भी नजर रखना जरूरी है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
मंगलवार की गिरावट के बावजूद अगस्त में सोने और चांदी दोनों की कीमतें जुलाई के अंतिम स्तरों से ऊपर हैं। इससे बाजार में यह संकेत मिलता है कि हाल की तेजी के बाद कीमतों में करेक्शन या शॉर्ट-टर्म वोलैटिलिटी संभव है।
हालांकि किसी भी गिरावट को अपने आप खरीदारी का संकेत मानना उचित नहीं है। कमोडिटी मार्केट में कीमतें तेजी से बदल सकती हैं और फ्यूचर्स कारोबार में जोखिम स्पॉट मार्केट की तुलना में अलग हो सकता है।
निवेशकों को अपने रिस्क प्रोफाइल, निवेश अवधि और बाजार की वोलैटिलिटी को ध्यान में रखकर फैसला करना चाहिए। सिर्फ एक दिन की कीमत देखकर ट्रेडिंग या निवेश की रणनीति तय करना जोखिम बढ़ा सकता है।
MCX भाव और स्थानीय बाजार के दाम अलग हो सकते हैं
यहां एक अहम अंतर समझना जरूरी है। MCX पर दिखने वाले भाव फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट के होते हैं, जबकि स्थानीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी के दाम अलग हो सकते हैं।
स्थानीय कीमतों पर टैक्स, मेकिंग चार्ज, प्रीमियम, शुद्धता और स्थानीय बाजार की परिस्थितियों का असर पड़ सकता है। इसलिए MCX के फ्यूचर्स भाव को सीधे दुकान पर मिलने वाले अंतिम खरीद मूल्य के बराबर नहीं माना जाना चाहिए।
खरीदारों और निवेशकों के लिए यह फर्क खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक ही दिन में अलग-अलग बाजारों में कीमतों में अंतर दिखाई दे सकता है।
आगे बाजार की नजर किन संकेतों पर?
अब बाजार की निगाह अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट और ग्लोबल मैक्रो संकेतों पर रहेगी। डॉलर इंडेक्स, ब्याज दरों की उम्मीद, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और जियोपॉलिटिकल तनाव आने वाले सत्रों में सोने-चांदी की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
घरेलू स्तर पर रुपये की चाल भी महत्वपूर्ण रह सकती है। भारत में कीमती धातुओं की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय भाव के साथ मुद्रा विनिमय दर का असर पड़ता है।
इसलिए मंगलवार की गिरावट के बाद अगली दिशा केवल घरेलू MCX कारोबार से तय नहीं होगी। ग्लोबल मार्केट से मिलने वाले संकेत यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगे कि मौजूदा कमजोरी अस्थायी करेक्शन है या बाजार में बड़ा बदलाव शुरू हुआ है।
गिरावट के बावजूद अगस्त में मजबूत प्रदर्शन
MCX पर मंगलवार को सोने और चांदी दोनों के वायदा भाव में गिरावट दर्ज हुई। चांदी ₹2,407 प्रति किलोग्राम और सोना ₹665 प्रति 10 ग्राम नीचे आया।
इसके बावजूद अगस्त के दौरान दोनों धातुओं ने जुलाई के अंत के मुकाबले मजबूत बढ़त दर्ज की है। इसलिए मौजूदा गिरावट को फिलहाल बाजार की शॉर्ट-टर्म वोलैटिलिटी के रूप में देखना ज्यादा संतुलित होगा।
आगे सोने और चांदी की दिशा अंतरराष्ट्रीय कीमतों, डॉलर, ब्याज दरों की उम्मीद, जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम और घरेलू मुद्रा बाजार से मिलने वाले संकेतों पर निर्भर करेगी। निवेशकों के लिए सबसे अहम बात यह है कि तेज उतार-चढ़ाव के बीच किसी भी फैसले से पहले बाजार के व्यापक ट्रेंड और जोखिम दोनों का जायजा लिया जाए।