देहरादून के यूपीईएस दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं से रोजगार सृजन और नवाचार पर जोर देने की अपील की। उपलब्ध विज्ञप्ति में 4,795 विद्यार्थियों को उपाधियां देने का उल्लेख है।
📍 देहरादून
🗓️ 10/22/2026
✍️ Wasi Siddiqui
युवाओं से रोजगार सृजन की अपील
उपलब्ध विज्ञप्ति के मुताबिक, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून के बिधौली स्थित यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने रोजगार देने की क्षमता विकसित करने, लगातार सीखने और अपने ज्ञान का इस्तेमाल समाज की तरक्की में करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेशेवर उपलब्धियों के साथ व्यक्ति का व्यवहार, विनम्रता और संस्कार भी उसकी पहचान तय करते हैं। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को जीवन के अगले चरण के लिए शुभकामनाएं दीं।
6 विद्यार्थियों को सिल्वर प्लेट पुरस्कार
विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने 6 विद्यार्थियों को सिल्वर प्लेट पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत की और समारोह में पहुंचे उनके परिजनों से भी मुलाकात की।
सम्मानित विद्यार्थियों के नाम और पुरस्कार चयन के मानदंड उपलब्ध सामग्री में नहीं दिए गए हैं।
समारोह से जुड़े प्रमुख तथ्य
• विज्ञप्ति में आयोजन को यूपीईएस का 24वां दीक्षांत समारोह बताया गया है।
• कुल 4,795 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान किए जाने का उल्लेख है।
• इनमें नियमित पाठ्यक्रमों के 3,806 विद्यार्थी शामिल हैं।
• यूपीईएस ऑनलाइन के 989 विद्यार्थियों का भी उल्लेख है।
• मुख्यमंत्री ने 6 विद्यार्थियों को सिल्वर प्लेट पुरस्कार से सम्मानित किया।
व्यवहार और संस्कार पर जोर
विज्ञप्ति में मुख्यमंत्री का संदेश है, “व्यक्ति की असली पहचान उसके व्यवहार, विनम्रता और संस्कारों से होती है।”
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि मेहनत और लगन के साथ दूसरों की मदद करने की भावना बनाए रखें। उनके मुताबिक, ज्ञान और क्षमता का सामाजिक हित में इस्तेमाल शिक्षा की अहम जिम्मेदारी है।
विकसित भारत 2047 से जोड़ी युवाओं की भूमिका
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और कार्यक्षमता इस लक्ष्य को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।
विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने उम्मीद जताई कि यूपीईएस से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश और विदेश में अपनी उपलब्धियों से उत्तराखंड की पहचान मजबूत करेंगे।
एआई, ग्रीन एनर्जी और अनुसंधान का जिक्र
धामी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल टेक्नोलॉजी को मौजूदा दौर के महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है।
देहरादून में साइंस सिटी के निर्माण का उल्लेख भी मुख्यमंत्री के संबोधन में किया गया। उपलब्ध सामग्री में परियोजना की लागत, निर्माण की प्रगति या पूरा होने की तारीख नहीं दी गई है।
निबंध प्रतियोगिता और भर्ती व्यवस्था पर बयान
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल में आयोजित निबंध प्रतियोगिता में 2.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने इसे युवाओं की जागरूकता और विभिन्न विषयों पर उनकी भागीदारी से जोड़ा।
भर्ती प्रक्रियाओं के संदर्भ में उन्होंने राज्य के नकल विरोधी कानून को देश का सबसे सख्त कानून बताया। यह मुख्यमंत्री का आकलन है। उपलब्ध सामग्री में इस तुलनात्मक दावे के समर्थन में कोई अध्ययन या कानूनी तुलना नहीं दी गई है।
विश्वविद्यालय और अतिथियों की मौजूदगी
विज्ञप्ति के मुताबिक, कार्यक्रम में यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, यूपीईएस के अध्यक्ष डॉ. राम के. शर्मा, कुलपति डॉ. सुनील राय और प्रो-वाइस चांसलर मनीष मदान मौजूद रहे।
इन पदनामों का उल्लेख उपलब्ध विज्ञप्ति के आधार पर किया गया है।
आंकड़े और तारीख की स्थिति
विज्ञप्ति में दिए गए 3,806 नियमित और 989 ऑनलाइन विद्यार्थियों का योग 4,795 है। हालांकि, सभी उपाधियां प्रदान किए जाने की प्रक्रिया पूरी होने का स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं है।
आयोजन का दिन गुरुवार बताया गया है। पूरी तारीख और वर्ष सामग्री में दर्ज नहीं हैं, इसलिए इन्हें अनुमान से नहीं जोड़ा गया है।
आगे क्या
उपलब्ध विज्ञप्ति में किसी नई रोजगार योजना, अनुदान, भर्ती या आवेदन प्रक्रिया की घोषणा नहीं है। समारोह की पूरी तारीख, पुरस्कार प्राप्त विद्यार्थियों की सूची और उपाधि वितरण का अंतिम विवरण विश्वविद्यालय की पुष्टि से स्पष्ट होगा।
मुख्यमंत्री के संबोधन का मुख्य जोर शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी, नवाचार और रोजगार सृजन पर रहा।
रोजगार देने वाले युवा तैयार करने का संदेश उच्च शिक्षा को उद्यमिता से जोड़ता है। इस दिशा में प्रगति परखने के लिए विद्यार्थियों को मिलने वाले प्रशिक्षण, वित्तीय मदद, इनक्यूबेशन और स्थापित उद्यमों के आंकड़े जरूरी होंगे।
उपलब्ध विज्ञप्ति में ऐसी उपलब्धियों का विवरण नहीं है। इसलिए संबोधन को रोजगार संबंधी परिणाम या नई सरकारी योजना की घोषणा के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।
तकनीकी शिक्षा के साथ व्यवहार और सामाजिक जिम्मेदारी का उल्लेख भी अहम है। इसकी व्यावहारिक तस्वीर विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम, सामुदायिक कार्य और विद्यार्थियों को मिलने वाले अवसरों से सामने आएगी।