मुजफ्फरनगर में मिशन शक्ति-5.0 के द्वितीय चरण में एंटी रोमियो टीमों ने महिलाओं और बालिकाओं को हेल्पलाइन, सरकारी योजनाओं और पुलिस सहायता केंद्रों की जानकारी देकर जागरूक किया।
मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
मुजफ्फरनगर में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर पुलिस का जागरूकता अभियान जारी है। मिशन शक्ति-5.0 के द्वितीय चरण के तहत जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में एंटी रोमियो टीमों ने महिलाओं और बालिकाओं से संवाद किया और उन्हें उपलब्ध सहायता सेवाओं तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के दौरान गांवों, कस्बों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और धार्मिक स्थलों सहित अलग-अलग स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस टीमों ने पंफलेट के जरिए महिलाओं को जरूरी हेल्पलाइन नंबरों और सहायता तंत्र की जानकारी उपलब्ध कराई।
अभियान का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके लिए उपलब्ध सरकारी और पुलिस सहायता व्यवस्था से परिचित कराना रहा। एंटी रोमियो टीमों ने संवाद के दौरान बताया कि किसी आपात स्थिति, उत्पीड़न या सहायता की जरूरत पड़ने पर संबंधित हेल्पलाइन सेवाओं का सहारा लिया जा सकता है।
पुलिस की ओर से डायल-112, महिला पावर लाइन-1090, हेल्पलाइन-181, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 जैसी सेवाओं की जानकारी दी गई। इसके साथ स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े नंबरों के बारे में भी बताया गया।
अभियान के दौरान महिलाओं को जनसुनवाई पोर्टल और स्थानीय थानों में संचालित मिशन शक्ति केंद्र के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस का जोर इस बात पर रहा कि महिलाओं को शिकायत और सहायता के उपलब्ध माध्यमों की जानकारी हो, ताकि जरूरत पड़ने पर वे संबंधित तंत्र तक पहुंच सकें।
मिशन शक्ति अभियान के तहत एंटी रोमियो टीमों ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों में महिलाओं और बालिकाओं से सीधे संवाद किया। जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की गई और उपलब्ध सहायता संसाधनों की जानकारी साझा की गई।
पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। पंफलेट के माध्यम से हेल्पलाइन सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाई गई।
इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य पुलिस और आम नागरिकों के बीच संवाद को मजबूत करना भी है। महिलाओं को शिकायत दर्ज कराने और सहायता प्राप्त करने के लिए उपलब्ध माध्यमों के बारे में जानकारी मिलने से जरूरत के समय सही संस्था तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
जागरूकता अभियान में केवल पुलिस हेल्पलाइन तक जानकारी सीमित नहीं रही। महिलाओं और बालिकाओं के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में भी बताया गया।
पुलिस टीमों ने निराश्रित महिला पेंशन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, आयुष्मान योजना और महिला शक्ति केंद्र योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की।
इन योजनाओं का मकसद अलग-अलग स्तर पर महिलाओं और परिवारों को सरकारी सहायता, स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और सशक्तिकरण से जोड़ना है। अभियान के दौरान महिलाओं को इन योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी देने का प्रयास किया गया।
उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति अभियान का व्यापक उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और सशक्तिकरण का माहौल तैयार करना है। इसी दिशा में पुलिस और प्रशासन की ओर से अलग-अलग स्तर पर जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाती हैं।
मुजफ्फरनगर में अभियान के मौजूदा चरण के तहत पुलिस टीमों ने जमीनी स्तर पर पहुंच बनाकर महिलाओं और बालिकाओं से संपर्क किया। गांव और कस्बों के साथ बाजारों तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों को जागरूकता गतिविधियों के लिए शामिल किया गया।
धार्मिक स्थलों जैसे सार्वजनिक संपर्क वाले स्थानों पर भी महिलाओं को सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई। इससे अभियान को अलग-अलग सामाजिक और सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचाने की कोशिश दिखाई देती है।
महिला सुरक्षा से जुड़ी किसी घटना के दौरान सही सहायता तंत्र की जानकारी समय पर मदद हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी वजह से पुलिस के जागरूकता अभियानों में हेल्पलाइन और शिकायत व्यवस्था की जानकारी प्रमुख हिस्सा रहती है।
डायल-112 जैसी आपातकालीन पुलिस सेवा के अलावा महिला पावर लाइन-1090, हेल्पलाइन-181 और चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 जैसी सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। महिलाओं को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और जनसुनवाई व्यवस्था के बारे में भी बताया गया।
स्वास्थ्य और एंबुलेंस सेवाओं से जुड़े नंबरों की जानकारी भी अभियान में शामिल रही। इससे जागरूकता कार्यक्रम को महिला सुरक्षा के साथ स्वास्थ्य और आपातकालीन सहायता के व्यापक दायरे से जोड़ा गया।
पुलिस की ओर से स्थानीय थानों में मिशन शक्ति केंद्र के बारे में भी महिलाओं को जानकारी दी गई। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सहायता व्यवस्था से परिचित होना शिकायत और मार्गदर्शन की प्रक्रिया को समझने में मदद करता है।
पुलिस टीमों ने महिलाओं को बताया कि उपलब्ध सरकारी तंत्र और सहायता सेवाओं का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार किया जा सकता है। जागरूकता का यह पहलू खास तौर पर उन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है जिन्हें हेल्पलाइन, शिकायत प्रक्रिया या सरकारी योजनाओं की जानकारी सीमित रूप से होती है।
मिशन शक्ति अभियान का दायरा केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है। इसके तहत महिलाओं के सम्मान, स्वावलंबन और सशक्तिकरण को भी प्रमुखता दी जाती है।
इसी वजह से पुलिस टीमों ने महिला केंद्रित सरकारी योजनाओं की जानकारी भी साझा की। निराश्रित महिला पेंशन योजना से लेकर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और महिला शक्ति केंद्र योजना तक विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया गया।
आयुष्मान योजना से जुड़ी जानकारी भी साझा की गई। इससे महिलाओं और परिवारों को स्वास्थ्य सुविधा से संबंधित सरकारी व्यवस्था के बारे में जानकारी हासिल करने का अवसर मिला।
जागरूकता अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू पुलिस और जनता के बीच सीधा संवाद है। पुलिस टीमों का सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर महिलाओं से बातचीत करना सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संवाद का माध्यम बनता है।
ऐसे अभियानों में केवल हेल्पलाइन नंबर बताना पर्याप्त नहीं होता। नागरिकों को यह समझना भी जरूरी है कि किस परिस्थिति में किस सहायता सेवा से संपर्क किया जाए। मिशन शक्ति के तहत पुलिस द्वारा दी गई जानकारी इसी जरूरत को संबोधित करती है।
मुजफ्फरनगर पुलिस की ओर से मिशन शक्ति-5.0 के द्वितीय चरण के तहत अलग-अलग थाना क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियां संचालित की गई हैं। अभियान में महिलाओं और बालिकाओं तक सुरक्षा सेवाओं तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया गया।
आगे भी ऐसे अभियानों का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि उपलब्ध हेल्पलाइन और सरकारी योजनाओं की जानकारी कितने लोगों तक पहुंचती है और जरूरत पड़ने पर नागरिक इन सेवाओं का कितना प्रभावी इस्तेमाल करते हैं।
महिला सुरक्षा के लिहाज से जागरूकता के साथ शिकायत तंत्र की पहुंच, त्वरित सहायता और स्थानीय स्तर पर प्रभावी पुलिस रिस्पॉन्स भी अहम रहेगा। मिशन शक्ति जैसे अभियानों की उपयोगिता इसी निरंतरता और जमीनी अमल से तय होगी।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।