शनिवार, 10 October 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 72472.33 ▲ 1.23%
BITCOIN $83055 ▲ 0.48%
38°C मुजफ्फरनगर
🔔 Google पर Shah Times की खबरें पाने के लिए क्लिक करें
EDITION:
BREAKING
Advertisement Advertisement
Health

मानसून पेट संक्रमण: डॉक्टरों ने बताए आसान उपाय, इन आदतों को आज ही बदलें

Shahana • 2026-07-12 06:04:22
मानसून पेट संक्रमण: डॉक्टरों ने बताए आसान उपाय, इन आदतों को आज ही बदलें

मानसून पेट संक्रमण से बचना है तो डॉक्टरों की ये सलाह जरूर जानिए

दूषित पानी से बढ़ रहा संक्रमण, मानसून में बदल लें ये 5 जरूरी आदतें


Location:-  New Delhi, India

Date:- 12 July 2026

Byline:- Shahana


बारिश
में क्यों बढ़ते हैं पेट के संक्रमण, एक्सपर्ट्स ने बताए बचाव के तरीके

मानसून के दौरान दूषित पानी, खराब भोजन और बढ़ती नमी की वजह से पेट के संक्रमण तेजी से बढ़ जाते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि साफ पानी, ताजा भोजन और व्यक्तिगत स्वच्छता जैसी सामान्य सावधानियां संक्रमण का जोखिम काफी कम कर सकती हैं। यही वजह है कि बारिश के मौसम में खानपान और हाइजीन पर अतिरिक्त ध्यान देना जरूरी माना जाता है।

मानसून पेट संक्रमण क्यों बन जाता है बड़ी चुनौती

बारिश का मौसम राहत लेकर आता है, लेकिन यही मौसम कई संक्रामक बीमारियों का जोखिम भी बढ़ा देता है। अस्पतालों और हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस दौरान उल्टी, दस्त, गैस्ट्रोएन्टराइटिस, फूड प्वाइजनिंग, टाइफाइड और हेपेटाइटिस ए जैसे मामलों में बढ़ोतरी देखी जाती है। इसका सबसे बड़ा कारण दूषित पानी, भोजन में बैक्टीरिया की तेज़ी से वृद्धि और नमी वाला वातावरण माना जाता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारतीय स्वास्थ्य एजेंसियां लंबे समय से इस बात पर ज़ोर देती रही हैं कि जलजनित और खाद्यजनित संक्रमणों की रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका सुरक्षित पानी, साफ भोजन और व्यक्तिगत स्वच्छता है।

दूषित पानी सबसे बड़ा जोखिम क्यों

मानसून के दौरान भारी बारिश कई इलाकों में जलभराव और सीवर ओवरफ्लो की स्थिति पैदा कर देती है। ऐसे हालात में पीने के पानी के स्रोत दूषित हो सकते हैं। कई बार पानी देखने में बिल्कुल साफ होता है, लेकिन उसमें मौजूद बैक्टीरिया, वायरस या परजीवी आंखों से दिखाई नहीं देते।

डॉक्टर सलाह देते हैं कि बारिश के मौसम में केवल उबला हुआ, फिल्टर किया हुआ या प्रमाणित सुरक्षित पैक्ड पानी ही पीना चाहिए। जिन इलाकों में पानी की गुणवत्ता पर संदेह हो, वहां उपयुक्त वाटर प्यूरीफिकेशन तकनीक या क्लोरीनेशन का इस्तेमाल किया जा सकता है। बाहर निकलते समय अपने साथ पानी रखना भी संक्रमण के जोखिम को कम करता है।

घर का ताजा भोजन सबसे सुरक्षित विकल्प

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि मानसून में खुले में रखा भोजन अपेक्षाकृत जल्दी खराब हो सकता है। नमी और तापमान का मिश्रण बैक्टीरिया के बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है।

इसी वजह से सड़क किनारे खुले खाद्य पदार्थ, लंबे समय तक बाहर रखे स्नैक्स और पहले से कटे हुए फलों का सेवन जोखिम बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों की राय है कि घर में ताजा तैयार किया गया भोजन संक्रमण से बचाव का सबसे भरोसेमंद तरीका माना जाता है।

फल और सब्जियों की सफाई क्यों जरूरी

बारिश के मौसम में फल और सब्जियों की सतह पर मिट्टी, कीटनाशकों के अवशेष और सूक्ष्मजीव अधिक मात्रा में मौजूद हो सकते हैं। केवल सामान्य पानी से धोना हर स्थिति में पर्याप्त नहीं माना जाता।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि फल और सब्जियों को बहते पानी से अच्छी तरह साफ किया जाए। आवश्यकता होने पर खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप हल्के सिरके वाले पानी से धोने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है। कच्चे स्प्राउट्स और लंबे समय से कटे हुए फलों से भी इस मौसम में दूरी रखना बेहतर माना जाता है।

हाथों की स्वच्छता संक्रमण रोकने की पहली शर्त

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हाथों की नियमित सफाई कई संक्रामक बीमारियों को रोकने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका है।

भोजन बनाने से पहले, खाने से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद साबुन और साफ पानी से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोना चाहिए। यदि साबुन और पानी उपलब्ध न हो, तो उपयुक्त अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, हाथ स्पष्ट रूप से गंदे हों तो साबुन और पानी ही अधिक प्रभावी माना जाता है।

किन लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत

बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में पेट के संक्रमण गंभीर रूप ले सकते हैं। इन वर्गों में डिहाइड्रेशन का खतरा भी अधिक रहता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि लगातार उल्टी, बार-बार दस्त, तेज बुखार, मल में खून, अत्यधिक कमजोरी या पेशाब कम आने जैसे लक्षण दिखाई दें तो घरेलू उपचार पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

क्या हर पेट दर्द संक्रमण होता है

विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि मानसून में होने वाला हर पेट दर्द संक्रमण का संकेत नहीं होता। कई बार खानपान में बदलाव, एसिडिटी या अन्य पाचन संबंधी समस्याएं भी समान लक्षण पैदा कर सकती हैं।

इसी कारण बिना जांच के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन उचित नहीं माना जाता। डॉक्टर की सलाह के बिना दवा लेने से एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस जैसी गंभीर समस्या भी बढ़ सकती है।

ओआरएस और हाइड्रेशन की अहम भूमिका

यदि दस्त या उल्टी की शुरुआत हो जाए, तो शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट की कमी तेजी से हो सकती है। ऐसे मामलों में ओआरएस का घोल और पर्याप्त तरल पदार्थ लेना महत्वपूर्ण माना जाता है।

हालांकि, यदि लक्षण लंबे समय तक बने रहें या मरीज की स्थिति बिगड़ने लगे, तो अस्पताल में जांच और उपचार आवश्यक हो सकता है।

बदलता मौसम और बदलती स्वास्थ्य चुनौतियां

शहरीकरण, जलभराव और बदलते जलवायु पैटर्न के कारण मानसून से जुड़ी स्वास्थ्य चुनौतियां पहले की तुलना में अधिक जटिल होती जा रही हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षित पेयजल, बेहतर स्वच्छता व्यवस्था और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन संक्रमण के मामलों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

सरकारी एजेंसियां भी समय-समय पर नागरिकों से सुरक्षित पानी पीने, साफ भोजन खाने और बीमार होने पर स्वयं दवा लेने से बचने की अपील करती रही हैं।

 

मानसून पेट संक्रमण पूरी तरह टाला नहीं जा सकता, लेकिन इसके जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सुरक्षित पानी, ताजा भोजन, हाथों की नियमित सफाई और सही खाद्य आदतें इस मौसम में सबसे प्रभावी सुरक्षा कवच हैं। यदि संक्रमण के लक्षण गंभीर हों या लंबे समय तक बने रहें, तो तुरंत योग्य डॉक्टर से परामर्श लेना सबसे सुरक्षित और जिम्मेदार कदम माना जाता है।

 

ADVERTISEMENT
Shahana

Shahana

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

संबंधित खबरें

बरसात में बच्चों को किन संक्रमणों से ज्यादा खतरा रहता है? जानिए बचाव के जरूरी तरीके

2026-08-27 23:26:13

बारिश का मौसम बीमारियों को भी देता है निमंत्रण, जानिए संक्रमण से बचाव के असरदार उपाय?

2026-07-09 12:19:56

ऐसा नाश्ता जो लंबी उम्र से जुड़ी डाइट का हिस्सा हो सकता है, घर पर बनाना भी आसान

2026-09-25 09:23:57

बारिश में बढ़ रहे H1N1 के मामले, इन शुरुआती लक्षणों को न करें नजरअंदाज

2026-08-26 17:41:09

बदलते मौसम में बच्चों और बुजुर्गों की सेहत कैसे रखें सुरक्षित? जानिए विशेषज्ञों की सलाह

2026-08-03 16:30:13

सीने में दर्द ही नहीं, ये संकेत भी हो सकते हैं दिल की बीमारी की चेतावनी; जानिए कब तुरंत सतर्क होना जरूरी

2026-10-08 17:36:12

सुबह की तुलना में शाम को शरीर का तापमान क्यों बढ़ जाता है? जानिए शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया

2026-09-28 18:57:13

🦷 मुंह की बदबू से हैं परेशान? अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय, जानिए क्या कहता है विज्ञान

2026-09-28 18:09:55

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर