सूडान में ड्रोन हमले तेज़, 160 से अधिक मौतों की रिपोर्ट
सूडान की जंग में ड्रोन हमले क्यों बढ़ रहे हैं, आम नागरिकों पर कितना असर?
बाज़ार से विस्थापितों के ठिकानों तक हमले, सूडान में गहराया मानवीय संकट
सूडान | 20 अक्टूबर 2026
By Mohd Haris
सूडान में ड्रोन हमलों की नई लहर, नागरिक आबादी पर बढ़ा ख़तरा
अफ़्रीकी देश सूडान में सेना और अर्धसैनिक संगठन रैपिड सपोर्ट फ़ोर्सेज़ के बीच जारी संघर्ष लगातार गंभीर होता जा रहा है। देश के कई हिस्सों में ड्रोन हमलों की बढ़ती घटनाओं ने आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।
19 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, चिकित्सा सूत्रों और मानवाधिकार संगठनों ने हालिया हमलों में 160 से अधिक लोगों के मारे जाने की जानकारी दी है। राजधानी ख़ार्तूम में सोमवार को हुए ड्रोन हमलों में 3 बच्चों की मौत की जानकारी नागरिकों के ख़िलाफ़ हिंसा पर निगरानी रखने वाले संगठन इमरजेंसी लॉयर्स ने दी है।
पश्चिम कोर्डोफ़ान में सबसे घातक हमला, बाज़ार से लौट रहे लोग प्रभावित
पश्चिम कोर्डोफ़ान के अल-दिबाब कस्बे में रविवार शाम एक परिवहन स्थल पर ड्रोन हमला होने की ख़बर सामने आई।
स्थानीय निवासियों और चिकित्सा कर्मियों के मुताबिक, बाज़ार का काम ख़त्म होने के बाद ग्रामीण अपने घर लौटने के लिए परिवहन का इंतज़ार कर रहे थे।
इसी दौरान हुए हमले में 80 लोगों की मौत की जानकारी दी गई। समाचार एजेंसी एएफ़पी के हवाले से सामने आई चिकित्सा जानकारी के मुताबिक, 47 घायलों को नज़दीकी अल-मुजलद कस्बे ले जाया गया। इनमें से 30 लोगों ने बाद में दम तोड़ दिया। रैपिड सपोर्ट फ़ोर्सेज़ से जुड़े स्वघोषित प्रशासन और इमरजेंसी लॉयर्स संगठन ने इस हमले के लिए सूडानी सेना को ज़िम्मेदार ठहराया है।
दक्षिण दारफ़ुर के न्याला में हमला, 17 मौतों की सूचना
दक्षिण दारफ़ुर की राजधानी न्याला में सोमवार तड़के एक और ड्रोन हमला होने की जानकारी सामने आई।
चिकित्सा और रैपिड सपोर्ट फ़ोर्सेज़ से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इस हमले में 17 लोगों की मौत हुई और 23 अन्य घायल हुए।
मृतकों में संगठन के 7 अधिकारी शामिल बताए गए हैं। न्याला को रैपिड सपोर्ट फ़ोर्सेज़ का प्रमुख गढ़ माना जाता है। हमले के बाद क्षेत्र में सुरक्षा और नागरिकों की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ब्लू नाइल में विस्थापितों की सभा पर हमला, 41 मौतों का दावा
इथियोपिया की सीमा के नज़दीक स्थित सूडान के ब्लू नाइल प्रांत में शुक्रवार को विस्थापित लोगों की एक सभा पर ड्रोन हमला होने की रिपोर्ट है।
इमरजेंसी लॉयर्स संगठन के मुताबिक, रैपिड सपोर्ट फ़ोर्सेज़ के हमले में 41 लोगों की मौत हुई।
संगठन ने घटना की निंदा करते हुए इसे गंभीर मानवीय त्रासदी बताया।
इन आरोपों और मृतकों की संख्या का स्वतंत्र सत्यापन अभी उपलब्ध नहीं है।
अतबारा और सेतित बांधों को निशाना बनाने की कोशिश का दावा
पूर्वी सूडान के गेदारेफ़ राज्य में स्थित अतबारा और सेतित बांधों को भी ड्रोन हमलों का निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है।
एक सैन्य सूत्र के मुताबिक, रविवार को हवाई रक्षा प्रणाली ने कई ड्रोन रोक दिए।
सैन्य सूत्र ने इन ड्रोन को रैपिड सपोर्ट फ़ोर्सेज़ से संबंधित बताया है। हालांकि, संगठन की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
बांधों जैसे अहम बुनियादी ढांचों पर हमलों के आरोप नागरिक सेवाओं और जल संसाधनों की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा करते हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता, नागरिकों और सेवाओं की सुरक्षा पर ज़ोर
संयुक्त राष्ट्र ने सोमवार को सूडान में जारी घातक ड्रोन हमलों की निंदा की।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफ़न दुजारिक ने पत्रकारों से बातचीत में देशभर में जारी ड्रोन हमलों, बच्चों समेत नागरिकों की मौत और ज़रूरी सेवाओं में रुकावट पर चिंता जताई। संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि सूडान का संघर्ष केवल सैन्य मोर्चों तक सीमित नहीं है। इसका गंभीर असर नागरिक आबादी और बुनियादी सुविधाओं पर भी पड़ रहा है।
अप्रैल 2023 से जारी है सूडान का गृहयुद्ध
सूडान में मौजूदा गृहयुद्ध अप्रैल 2023 में शुरू हुआ था।
इस संघर्ष में एक ओर सूडानी सेना है, जिसका नेतृत्व अब्देल फ़तह अल-बुरहान कर रहे हैं। दूसरी ओर रैपिड सपोर्ट फ़ोर्सेज़ है, जिसके प्रमुख मोहम्मद हमदान दगालो हैं। दोनों पक्षों के बीच अर्धसैनिक बल को नियमित सेना में शामिल करने की योजना पर मतभेद के बाद संघर्ष शुरू हुआ था।
समय के साथ लड़ाई देश के अलग-अलग इलाक़ों में फैल गई। अब ड्रोन हमलों के बढ़ते इस्तेमाल से नागरिकों के लिए ख़तरा और गंभीर हो गया है।
13 मिलियन लोग विस्थापित, खाद्य संकट भी गंभीर
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, सूडान में जारी संघर्ष के कारण लगभग 13 मिलियन लोग अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर हुए हैं।
संघर्ष निगरानी संगठन एसीएलईडी के आंकड़ों के अनुसार, युद्ध में कम से कम 59,000 लोगों की मौत दर्ज की गई है। सहायता संगठनों का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष 33.7 मिलियन लोगों को तत्काल खाद्य सहायता की ज़रूरत है। इनमें 17.3 मिलियन बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 825,000 बच्चों के गंभीर तीव्र कुपोषण से प्रभावित होने का अनुमान है। ये आंकड़े सूडान में जारी मानवीय संकट की व्यापकता को दर्शाते हैं।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।