मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत मुजफ्फरनगर में आयोजित समीक्षा बैठक में लक्ष्य के मुकाबले कम लोन स्वीकृति पर प्रशासन ने गंभीर चिंता व्यक्त की। मुख्य विकास अधिकारी ने विभिन्न बैंकों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण और योजना के लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। यह बैठक प्रदेश सरकार की स्वरोज़गार नीति को ज़मीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
📍: मुजफ्फरनगर
📰 : 09 जुलाई 2026
✍️: Wasi Siddiqui
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की समीक्षा में प्रशासन सख्त
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गुरुवार को विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए कि स्वरोज़गार योजनाओं में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी श्री कंडारकर कमल किशोर देशभूषण ने योजना के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले अपेक्षाकृत कम लोन स्वीकृत होने पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की।
बैठक का मुख्य फोकस यह था कि पात्र युवाओं तक सरकारी सहायता समय पर पहुँचे और बैंकिंग प्रक्रिया में अनावश्यक देरी समाप्त की जाए। प्रशासन का मानना है कि योजना की सफलता सीधे तौर पर बैंकिंग संस्थानों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है।
बैंकों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
समीक्षा के दौरान एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, इंडियन बैंक, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और भारतीय स्टेट बैंक सहित कई बैंक शाखाओं के प्रदर्शन का जायज़ा लिया गया। समीक्षा में सामने आया कि कई मामलों में ऋण स्वीकृति की गति निर्धारित अपेक्षाओं से कम रही।
मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित शाखा प्रबंधकों को स्पष्ट शब्दों में अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी दी। साथ ही निर्देश दिया गया कि लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कर पात्र आवेदकों को अनावश्यक प्रतीक्षा से बचाया जाए।
स्वरोज़गार योजनाओं की सफलता में बैंकिंग व्यवस्था की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का उद्देश्य केवल ऋण वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना, स्थानीय स्तर पर नए उद्यम स्थापित करना तथा रोज़गार के नए अवसर पैदा करना भी है।
ऐसी योजनाओं में बैंकों की भूमिका निर्णायक होती है। यदि आवेदन समय पर स्वीकृत नहीं होते तो युवाओं की कारोबारी योजनाएँ प्रभावित होती हैं और सरकारी नीति का अपेक्षित असर भी कम हो जाता है। यही कारण है कि प्रशासन नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से प्रगति की निगरानी कर रहा है।
लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर ज़ोर
बैठक में सभी शाखा प्रबंधकों को निर्देशित किया गया कि लंबित प्रकरणों का वितरण और आवश्यक कार्रवाई निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाए। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करना सभी संबंधित विभागों और बैंकों की साझा ज़िम्मेदारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि योजनाओं की प्रभावशीलता केवल बजट आवंटन से नहीं बल्कि समयबद्ध क्रियान्वयन से तय होती है। इसलिए नियमित मॉनिटरिंग और जवाबदेही व्यवस्था आवश्यक मानी जाती है।
युवाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना
प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं जो स्वरोज़गार शुरू करना चाहते हैं, लेकिन शुरुआती पूंजी के अभाव में अपने व्यवसाय की शुरुआत नहीं कर पाते। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान ऐसे युवाओं को संस्थागत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जाता है।
यदि ऋण स्वीकृति प्रक्रिया तेज़ होती है तो स्थानीय उद्योग, सेवा क्षेत्र और सूक्ष्म उद्यमों को गति मिल सकती है। इससे न केवल व्यक्तिगत आय बढ़ेगी बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
जवाबदेही और निगरानी बनी सबसे बड़ी चुनौती
सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में अक्सर यह चुनौती सामने आती है कि लक्ष्य निर्धारित होने के बावजूद विभिन्न स्तरों पर प्रक्रियागत विलंब हो जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल मॉनिटरिंग, नियमित समीक्षा और बैंकिंग संस्थानों की जवाबदेही बढ़ाकर इन समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
हालाँकि बैंकिंग क्षेत्र का यह भी तर्क रहता है कि ऋण स्वीकृति से पहले पात्रता, दस्तावेज़ों और वित्तीय जोखिम का परीक्षण आवश्यक होता है। इसलिए तेज़ी और सतर्कता के बीच संतुलन बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
बैठक में रहे अधिकारी उपस्थित
समीक्षा बैठक में उपायुक्त उद्योग जैस्मीन, सहायक आयुक्त उद्योग प्रीति त्यागी, सहायक आयुक्त उद्योग आशीष कुमार, अग्रणी जिला प्रबंधक अनिल कुमार सहित जिला उद्योग केंद्र और विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिकारियों ने योजना की वर्तमान प्रगति की समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजना पर भी चर्चा की।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान केवल एक सरकारी योजना नहीं बल्कि प्रदेश के युवाओं को उद्यमिता की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास है। मुजफ्फरनगर की समीक्षा बैठक से यह स्पष्ट संदेश गया है कि प्रशासन योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार करने के पक्ष में नहीं है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बैंकिंग व्यवस्था प्रशासन के निर्देशों के अनुरूप लंबित मामलों का कितनी तेज़ी से निस्तारण करती है और इसका लाभ वास्तविक पात्र युवाओं तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुँचता है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।