कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मुजफ्फरनगर परिवहन निगम ने जिला अस्पताल के पास से हरिद्वार और रुड़की के लिए पांच रोडवेज बसों का संचालन शुरू किया है। यात्रियों की सुविधा के लिए रोडवेज बस अड्डे पर विशेष कांवड़ सेल भी स्थापित की जा रही है।
📍 स्थान: मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
📰 तारीख: 28 जुलाई 2026
✍️ Byline: Apurva Choudhary
मुजफ्फरनगर से हरिद्वार जाने वाले यात्रियों को राहत, जिला अस्पताल से शुरू हुई नई बस सेवा
कांवड़ यात्रा के मद्देनज़र उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों की सुविधा के लिए जिला अस्पताल के पास से हरिद्वार और रुड़की के लिए पांच रोडवेज बसों का संचालन शुरू कर दिया है। यह बसें प्रतिदिन नियमित रूप से संचालित होंगी और यात्रियों को सीधी यात्रा सुविधा उपलब्ध कराएंगी।
कांवड़ यात्रा को देखते हुए लिया गया फैसला
हर वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए परिवहन निगम ने अतिरिक्त बस सेवा शुरू की है ताकि यात्रियों को बस अड्डे तक जाने की आवश्यकता न पड़े और उन्हें शहर के भीतर ही बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके।
पहले भी चला था संचालन, अब फिर हुई शुरुआत
जिला अस्पताल के पास से पहले भी रोडवेज बसों का संचालन किया गया था, लेकिन पर्याप्त यात्री नहीं मिलने के कारण सेवा बंद कर दी गई थी। अब कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ती मांग को देखते हुए इसे दोबारा शुरू किया गया है।
रुड़की और हरिद्वार तक मिलेगा सीधा सफर
नई व्यवस्था के तहत पांच रोडवेज बसें प्रतिदिन जिला अस्पताल के पास से यात्रियों को लेकर रुड़की और हरिद्वार जाएंगी। इससे स्थानीय लोगों और कांवड़ यात्रियों दोनों को यात्रा में सुविधा मिलेगी।
रोडवेज बस अड्डे पर बनेगी कांवड़ सेल
मुजफ्फरनगर डिपो के एआरएम प्रभात कुमार सिन्हा ने बताया कि कांवड़ यात्रा को सुचारु बनाने के लिए रोडवेज बस अड्डे पर विशेष कांवड़ सेल बनाई जा रही है। यह सेल यात्रियों को जानकारी, मार्गदर्शन और बस संचालन से जुड़ी सहायता उपलब्ध कराएगी।
यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
नई बस सेवा शुरू होने से जिला अस्पताल क्षेत्र और आसपास के यात्रियों को हरिद्वार जाने के लिए अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। परिवहन निगम का उद्देश्य कांवड़ यात्रा के दौरान भीड़ को व्यवस्थित करना और यात्रियों की यात्रा को सुरक्षित एवं सुगम बनाना है।
कांवड़ यात्रा के दौरान शुरू की गई यह नई बस सेवा श्रद्धालुओं और स्थानीय यात्रियों के लिए राहतभरी पहल मानी जा रही है। यदि यात्रियों की संख्या बढ़ती है, तो परिवहन निगम आगे भी अतिरिक्त बसों के संचालन पर विचार कर सकता है।