हरीश रावत ने मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने परिसर में सफाई भी की। कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।
मुजफ्फरनगर पहुंचे हरीश रावत, शहीद स्मारक पर अर्पित की श्रद्धांजलि; सफाई में भी लिया हिस्सा
मुजफ्फरनगर। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत २० सितंबर को मुजफ्फरनगर पहुंचे। उनके रामपुर तिराहा स्थित उत्तराखंड आंदोलन के शहीद स्मारक पहुंचने पर उन्होंने शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने स्मारक परिसर में खुद झाड़ू उठाकर साफ-सफाई में भी हिस्सा लिया। उनके मुजफ्फरनगर पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया और नारेबाजी की।
रामपुर तिराहा पहुंचकर शहीदों को किया नमन
हरीश रावत के उत्तराखंड दौरे की शुरुआत रामपुर तिराहा स्थित शहीद स्मारक से हुई। यहां उन्होंने उत्तराखंड आंदोलन के शहीदों की स्मृति को नमन करते हुए पुष्पांजलि अर्पित की। रामपुर तिराहा स्थित स्मारक उत्तराखंड आंदोलन के दौरान शहीद हुए आंदोलनकारियों की स्मृति से जुड़ा प्रमुख स्थल है। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने हरीश रावत का स्वागत किया और उनके समर्थन में नारे लगाए। स्थानीय स्तर पर आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही।
हाथ में झाड़ू लेकर की परिसर की सफाई
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद हरीश रावत ने स्मारक परिसर की साफ-सफाई में हिस्सा लिया। उन्होंने स्वयं झाड़ू उठाई और परिसर में सफाई की। उनके इस कदम की मौके पर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सराहना की।कार्यकर्ताओं ने इसे शहीद स्मारक के प्रति सम्मान और स्वच्छता के संदेश से जोड़कर देखा। हालांकि, इस कदम को लेकर किसी राजनीतिक निष्कर्ष के बजाय यह कार्यक्रम का प्रत्यक्ष हिस्सा रहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने स्मारक परिसर की सफाई में स्वयं भाग लिया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत
हरीश रावत के मुजफ्फरनगर पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखाई दिया। कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया और नारेबाजी की। कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष सतपाल कटारिया, नगर कांग्रेस अध्यक्ष रंजन मित्तल और महिला कांग्रेस अध्यक्ष अफसाना अंसारी समेत कई पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।स्थानीय कांग्रेस नेताओं की ओर से संगठन से जुड़े मुद्दों और पार्टी गतिविधियों को लेकर भी कार्यक्रम के दौरान सक्रियता दिखाई गई। सदस्यता कार्यक्रम के तहत कुछ लोगों को कांग्रेस में शामिल कराए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
महंगाई के मुद्दे पर सरकार पर निशाना
मुजफ्फरनगर दौरे के दौरान हरीश रावत ने महंगाई सहित जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा। उन्होंने महंगाई को आम लोगों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि सरकार के खिलाफ लगाए गए राजनीतिक आरोप हरीश रावत के बयान और कांग्रेस के राजनीतिक रुख का हिस्सा हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि नेता के राजनीतिक वक्तव्य के रूप में देखा जाना चाहिए।हरीश रावत इससे पहले भी महंगाई, बेरोजगारी और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार की नीतियों की आलोचना करते रहे हैं। हाल के महीनों में उनके बयानों में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की तैयारियों का भी उल्लेख रहा है।
२०२७ के विधानसभा चुनाव को लेकर किया दावा
कार्यक्रम के दौरान २०२७ के विधानसभा चुनाव से जुड़े सवाल पर हरीश रावत ने कांग्रेस की सरकार बनने का दावा किया। उन्होंने कहा कि आने वाला समय कांग्रेस का है और पार्टी आगामी चुनाव में सरकार बनाएगी।यह बयान हरीश रावत का राजनीतिक दावा है। चुनाव का वास्तविक परिणाम मतदाताओं के निर्णय और निर्धारित चुनाव प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा। आगामी चुनाव को लेकर किसी भी दल या नेता के दावे को उसी राजनीतिक संदर्भ में देखा जाना चाहिए।हरीश रावत पहले भी २०२७ के चुनाव में कांग्रेस की वापसी का दावा करते रहे हैं। जून २०२६ में उनके ऐसे ही एक बयान की रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें उन्होंने महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों का उल्लेख किया था।
सदस्यता अभियान पर भी जोर
कार्यक्रम के दौरान नगर कांग्रेस अध्यक्ष रंजन मित्तल की ओर से कुछ लोगों को कांग्रेस की सदस्यता दिलाए जाने की बात सामने आई। पार्टी की ओर से संगठन को मजबूत करने और अधिक लोगों को कांग्रेस से जोड़ने पर जोर दिया गया।स्थानीय कांग्रेस नेताओं के मुताबिक संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने और कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने की दिशा में गतिविधियां आगे भी जारी रहेंगी। सदस्यता अभियान को इसी संगठनात्मक प्रयास का हिस्सा बताया गया।
मुजफ्फरनगर से उत्तराखंड की ओर रवाना हुए
रामपुर तिराहा कार्यक्रम हरीश रावत के उत्तराखंड लौटने के कार्यक्रम का शुरुआती पड़ाव भी रहा। उपलब्ध कार्यक्रम संबंधी जानकारी के मुताबिक, रामपुर तिराहा से श्रद्धांजलि के बाद उनका उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए आगे बढ़ने का कार्यक्रम था। रामपुर तिराहा पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करना उनके दौरे का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। इसके बाद उनके हरिद्वार और देहरादून में भी कार्यक्रम निर्धारित बताए गए थे।
श्रद्धांजलि, सफाई और राजनीतिक बयान से चर्चा में रहा कार्यक्रम
मुजफ्फरनगर में हरीश रावत का कार्यक्रम कई स्तरों पर रहा। एक ओर उन्होंने रामपुर तिराहा स्थित शहीद स्मारक पर उत्तराखंड आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की, वहीं दूसरी ओर उन्होंने परिसर की सफाई में खुद हिस्सा लिया। इसके साथ ही उन्होंने महंगाई और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक बयान भी दिए।कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौजूदगी और सदस्यता अभियान ने इसे संगठनात्मक गतिविधि का रूप दिया। वहीं, शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि के कारण कार्यक्रम का भावनात्मक और स्मृति से जुड़ा पक्ष भी प्रमुख रहा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।