शनिवार, 03 October 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
EDITION:
BREAKING
#ShahTimes #Muzaffarnagar #Bijnor #Moradabad #BreakingNews #Politics #Education #Crime #Sports #Business
Book Your Ads With Shah Times
India

तुर्किये से नवप्रीत सिंह भारत डिपोर्ट, अमित शाह ने दी जानकारी

Harish Qureshi • 2026-10-03 11:51:15
तुर्किये से नवप्रीत सिंह भारत डिपोर्ट, अमित शाह ने दी जानकारी

कथित नार्को-तस्करी नेटवर्क से जुड़े नवप्रीत सिंह को तुर्किये से भारत लाया गया। अमित शाह के अनुसार उसने फर्जी पहचान से नागरिकता हासिल की और ड्रग तस्करी नेटवर्क चलाया।


नई दिल्ली | 3 अक्टूबर 2026

By Mohd Haris


तुर्किये से भारत लाया गया नवप्रीत सिंह


कथित अंतरराष्ट्रीय नारकोटिक्स नेटवर्क से जुड़े वांटेड आरोपी नवप्रीत सिंह को तुर्किये से भारत लाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 3 अक्टूबर 2026 को इसकी जानकारी दी। शाह के मुताबिक, भारतीय एजेंसियों ने नवप्रीत सिंह की पहचान और उसके विदेशी ठिकाने का पता लगाने के बाद तुर्किये से उसका डिपोर्टेशन सुनिश्चित कराया।


अमित शाह ने अपने सार्वजनिक बयान में कहा कि नवप्रीत सिंह ने कथित तौर पर ‘नवाब वीरक’ नाम की फर्जी पहचान के जरिए तुर्किये की नागरिकता हासिल की थी। उनके मुताबिक, इसके बाद भी वह अफगानिस्तान से भारत तक हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी से जुड़े नेटवर्क को संचालित करता रहा। शाह ने कहा कि भारतीय एजेंसियों ने उसकी वास्तविक पहचान सामने लाने के लिए काम किया और उसे भारत वापस लाया गया।


फर्जी पहचान और विदेशी ठिकाने का दावा


नवप्रीत सिंह की पहचान को लेकर गृह मंत्री के बयान में ‘नवाब वीरक’ नाम का उल्लेख किया गया है। यह दावा महत्वपूर्ण है क्योंकि किसी दूसरे देश में अलग पहचान के इस्तेमाल से किसी वांटेड आरोपी की पहचान और लोकेशन का पता लगाना अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन के लिए जटिल प्रक्रिया बन जाता है।


हालांकि, फर्जी पहचान से तुर्किये की नागरिकता हासिल करने से जुड़े सभी दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस पहलू को सरकारी दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।


नवप्रीत सिंह पर किस तरह के आरोप हैं


भारतीय जांच एजेंसियों के पुराने रिकॉर्ड में नवप्रीत सिंह का नाम अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़े मामलों में सामने आया था। मई 2026 में उपलब्ध जांच संबंधी जानकारी के मुताबिक, वह पंजाब से जुड़ा आरोपी था और उसके खिलाफ कई नारकोटिक्स मामलों का उल्लेख किया गया था। उस समय उसका आखिरी ज्ञात ठिकाना तुर्किये बताया गया था।


जांच एजेंसियों के अनुसार, नवप्रीत सिंह से जुड़े नेटवर्क के भारत में संचालन की जिम्मेदारी उसके कथित सहयोगी प्रभदीप सिंह के पास थी। प्रभदीप सिंह को मई 2026 में अजरबैजान से भारत वापस लाया गया था। वह 2021 के एक बड़े हेरोइन बरामदगी मामले में वांटेड था।


358 किलो हेरोइन वाले मामले से कनेक्शन


नवप्रीत सिंह का नाम जिस बड़े नारकोटिक्स मामले की जांच में सामने आया, उसमें 2021 में कुल 358 किलोग्राम हेरोइन और संबंधित नशीले पदार्थों की बरामदगी का पुलिस रिकॉर्ड दर्ज है।


जांच के मुताबिक, इस नेटवर्क की पड़ताल जुलाई 2021 में शुरू हुई थी। दिल्ली में एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच आगे बढ़ी और फरीदाबाद से जुड़े ठिकानों से बड़ी मात्रा में हेरोइन बरामद होने की जानकारी सामने आई। जांच एजेंसियों ने बाद में इस नेटवर्क के कथित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन को अफगानिस्तान, तुर्किये और भारत के कई राज्यों तक जोड़ा।


इस मामले में प्रभदीप सिंह पर आरोप था कि वह तुर्किये में मौजूद नवप्रीत सिंह और भारत में सक्रिय कथित नेटवर्क के बीच संपर्क का काम करता था। पुलिस के अनुसार, वह नशीले पदार्थों की खेप की गतिविधियों की निगरानी करता था और दूसरे आरोपियों के साथ संपर्क में रहता था।


प्रभदीप सिंह की वापसी के बाद जांच


मई 2026 में प्रभदीप सिंह को अजरबैजान से भारत लाया गया था। उस समय पुलिस के मुताबिक वह 2023 से फरार था। उसे भारत लाने की कार्रवाई दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और केंद्रीय जांच एजेंसी के समन्वय से हुई थी।


जांच अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि प्रभदीप सिंह ने भारत में उस अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के संचालन में भूमिका निभाई, जिसे नवप्रीत सिंह से जोड़ा गया था। उसके भारत लौटने के बाद जांच एजेंसियों को नेटवर्क के कथित वित्तीय, लॉजिस्टिक और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के बारे में पूछताछ का आधार मिला।


तुर्किये से भारत लाने की प्रक्रिया


मई 2026 में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भारत ने नवप्रीत सिंह को तुर्किये से वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की थी। उस समय उसके खिलाफ कई नारकोटिक्स मामलों का उल्लेख था और भारत की ओर से तुर्किये को अनुरोध भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी।


भारत और तुर्किये के बीच प्रत्यर्पण संधि 2001 में हुई थी और जून 2002 में लागू हुई। ऐसे मामलों में संबंधित देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियां, राजनयिक माध्यम और अंतरराष्ट्रीय सहयोग तंत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


अमित शाह ने क्या कहा


अमित शाह के अनुसार, भारतीय एजेंसियों ने नवप्रीत सिंह की वास्तविक पहचान का पता लगाने और उसके तुर्किये स्थित ठिकाने तक पहुंचने के लिए कार्रवाई की। उन्होंने एजेंसियों को इस ऑपरेशन के लिए बधाई दी।


शाह ने यह भी कहा कि नवप्रीत सिंह को भारत वापस लाकर उसके खिलाफ ड्रग तस्करी और अन्य आरोपों से जुड़े मामलों में कार्रवाई की जा रही है। सरकारी बयान में इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय नारकोटिक्स नेटवर्क के खिलाफ अभियान का हिस्सा बताया गया है।


कानूनी स्थिति को लेकर सावधानी जरूरी


नवप्रीत सिंह के खिलाफ लगाए गए आरोपों और जांच एजेंसियों के दावों को अदालत में अंतिम रूप से साबित तथ्य के रूप में पेश नहीं किया जाना चाहिए। उपलब्ध जानकारी में उसे विभिन्न नारकोटिक्स मामलों में वांटेड और कथित नेटवर्क के सरगना के रूप में वर्णित किया गया है।


अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क पर असर


नवप्रीत सिंह की भारत वापसी से जांच एजेंसियों को उस कथित नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की पड़ताल में अतिरिक्त जानकारी मिलने की संभावना है। खासतौर पर भारत में मौजूद कथित सहयोगियों, विदेशों में मौजूद संपर्कों, वित्तीय लेनदेन और नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन से जुड़े सवाल जांच के केंद्र में रह सकते हैं।


हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि उसकी भारत वापसी से पूरे नेटवर्क का संचालन खत्म हो गया है। किसी अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट को तोड़ने के लिए गिरफ्तारी के साथ वित्तीय नेटवर्क, सप्लाई चैन, सहयोगियों और लॉजिस्टिक ढांचे की जांच भी जरूरी होती है।


2026 में बढ़ा अंतरराष्ट्रीय सहयोग


2026 में भारत ने विदेशों में मौजूद वांटेड आरोपियों को वापस लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन सहयोग पर जोर बढ़ाया है। अप्रैल में तुर्किये से एक अन्य कथित ड्रग तस्कर को भारत लाए जाने और मई में अजरबैजान से प्रभदीप सिंह की वापसी के बाद नवप्रीत सिंह का मामला इसी क्रम में सामने आया है।


इन मामलों में एक समान पहलू यह है कि जांच केवल भारत की सीमा के भीतर नहीं रहती। आरोपी यदि विदेश में मौजूद हो तो उसकी पहचान, लोकेशन, गिरफ्तारी और भारत वापसी के लिए संबंधित देश की एजेंसियों के साथ समन्वय जरूरी होता है।

वीडियो देखें

ADVERTISEMENT
Harish Qureshi

Harish Qureshi

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

संबंधित खबरें

भारत को ‘डेड इकोनॉमी’ कहने पर सियासी घमासान, अमित शाह ने राहुल गांधी के बयान पर साधा निशाना

2026-09-25 15:35:43

ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के कितने ठिकाने प्रभावित हुए? एपी सिंह ने बताई पूरी कार्रवाई

2026-10-03 12:52:21

भारतीय IT सेक्टर में क्या हो रहा है? नौकरियों और ग्लोबल डिमांड के बीच बदलती तस्वीर

2026-10-03 12:47:50

IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत: प्रोफेसर डूला से 10 घंटे पूछताछ

2026-10-03 12:27:16

परगट सिंह कौन हैं? हॉकी के ओलंपियन से पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष तक का सफर

2026-10-03 12:19:16

घायल कैप्टन स्मित मच्छार से मोदी की वीडियो कॉल, कॉकपिट क्राइसिस की कहानी खुद पायलट ने बताई

2026-10-02 22:19:24

पुराने समय में भारतीय घरों में अनाज को लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखा जाता था?

2026-10-02 19:12:15

पुराने समय में खबरें एक जगह से दूसरी जगह कैसे पहुंचती थीं? जानिए संदेश पहुंचाने का पूरा इतिहास।

2026-10-02 19:06:17

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर