नई दिल्ली|29 अगस्त 2026|शाह टाइम्स
By Mohd Haris
नीरज चोपड़ा ने 21 अगस्त को लुसाने डायमंड लीग में 88.05 मीटर का थ्रो किया था। यह 2026 सीजन में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। इससे पहले चोट से वापसी के बाद उन्होंने दोहा डायमंड लीग में 85.69 मीटर के साथ चौथा स्थान हासिल किया था। इसके बाद ग्लासगो में उन्होंने 85.83 मीटर का प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता। वहां श्रीलंका के रुमेश पथिरागे ने 89.75 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया था। लुसाने में 88.05 मीटर का थ्रो नीरज के लिए वापसी की दिशा में सकारात्मक संकेत माना जा रहा था। वह एशियन गेम्स की तैयारी के अहम चरण में पहुंच चुके थे, लेकिन ट्रेनिंग के दौरान लगी चोट ने पूरा कार्यक्रम बदल दिया।
नीरज ने अपने सोशल मीडिया संदेश में कहा कि लुसाने में सीजन का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने के बाद उन्हें लग रहा था कि उनकी लय लौट रही है। इसके कुछ समय बाद ट्रेनिंग के दौरान टखने में लिगामेंट टियर हो गया। उन्होंने डॉक्टर और टीम से चर्चा के बाद इस सीजन के बाकी मुकाबलों से हटने का निर्णय लिया। नीरज ने चोट को निराशाजनक बताया, लेकिन उनका फोकस अब पूरी तरह रिकवरी और मजबूत वापसी पर है।
2026 एशियन गेम्स 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में आयोजित होंगे। नीरज इन खेलों में भारत की पुरुष जैवलिन स्पर्धा के प्रमुख दावेदार थे।
उनकी गैरमौजूदगी भारतीय एथलेटिक्स टीम के लिए बड़ा झटका है। नीरज ने पिछले एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था और इस बार भी उनसे शीर्ष प्रदर्शन की उम्मीद थी।
अब भारत की जैवलिन चुनौती में रोहित यादव पर विशेष नजर रहेगी। रोहित ने हाल में 87.68 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।
नीरज ने कम प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के बावजूद डायमंड लीग फाइनल के लिए क्वालिफाई किया था। ब्रसेल्स में 5 सितंबर को होने वाले फाइनल में उनकी जगह अब नहीं होगी। नीरज ने 2026 में केवल कुछ चुनिंदा मुकाबलों में हिस्सा लिया था। चोट से वापसी के बाद उनका प्रदर्शन धीरे-धीरे बेहतर हो रहा था और लुसाने में 88.05 मीटर का थ्रो उनके लिए अहम उपलब्धि रहा। चोट के कारण अब उनका पूरा ध्यान प्रतिस्पर्धा से हटकर रिहैबिलिटेशन और फिटनेस पर रहेगा।
एशियन गेम्स और डायमंड लीग फाइनल के अलावा नीरज सितंबर में बुडापेस्ट में होने वाली पहली वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप में भी हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
इस तरह चोट ने उनके 2026 सीजन को तय कार्यक्रम से पहले खत्म कर दिया है। हालांकि नीरज ने वापसी की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की है। उनकी वापसी का समय चोट की गंभीरता, मेडिकल आकलन और रिहैबिलिटेशन की प्रगति पर निर्भर करेगा।
नीरज की अनुपस्थिति एशियन गेम्स में भारत की पदक संभावनाओं के लिए अहम नुकसान है। वह वैश्विक स्तर पर भारत के सबसे भरोसेमंद एथलीटों में शामिल हैं।
हालांकि जैवलिन थ्रो में भारत के पास दूसरे खिलाड़ी भी हैं। रोहित यादव के हालिया 87.68 मीटर के प्रदर्शन ने उन्हें मजबूत दावेदार बनाया है। लेकिन नीरज की जगह भरना आसान नहीं होगा। एशियन गेम्स में अब भारतीय टीम को नीरज के बिना रणनीति बनानी होगी। प्रतियोगिता में पदक की उम्मीद दूसरे खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।
2026 का शुरुआती हिस्सा नीरज के लिए चोट और वापसी से जुड़ा रहा। जून में दोहा डायमंड लीग से उन्होंने प्रतिस्पर्धी वापसी की थी। दोहा में 85.69 मीटर के बाद ग्लासगो में 85.83 मीटर और फिर लुसाने में 88.05 मीटर का प्रदर्शन आया। आंकड़ों से उनके प्रदर्शन में सुधार दिखाई दे रहा था। इसी वजह से लुसाने के बाद लगी चोट का समय नीरज के लिए खास तौर पर निराशाजनक है। वह खुद भी अपने संदेश में इस बात का जिक्र कर चुके हैं कि उन्हें अपनी लय लौटती महसूस हो रही थी।
नीरज के लिए इस समय सबसे अहम लक्ष्य जल्दबाजी में वापसी नहीं, बल्कि चोट से पूरी तरह उबरना है। उन्होंने साफ कहा है कि उनका ध्यान अच्छी तरह रिकवरी करने और मजबूत वापसी पर रहेगा। एलीट एथलीट के लिए लिगामेंट चोट के बाद वापसी की प्रक्रिया मेडिकल टीम की निगरानी में होती है। इसलिए अभी उनकी अगली प्रतियोगिता या वापसी की तारीख को लेकर कोई अनुमान लगाना उचित नहीं होगा। भारत के लिए यह खबर एशियन गेम्स से पहले बड़ा झटका है, लेकिन नीरज के लंबे करियर को देखते हुए फिलहाल प्राथमिकता उनकी पूरी फिटनेस और सुरक्षित वापसी होगी। 2026 में भारत को नीरज के बिना एशियन गेम्स में उतरना होगा। अब निगाह रोहित यादव और भारतीय जैवलिन टीम के दूसरे खिलाड़ियों पर होगी। वहीं नीरज के प्रशंसकों की नजर उनकी रिहैबिलिटेशन और अगले सीजन में वापसी पर रहेगी।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।