प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' की शुरुआत करेंगे। यह 100 सप्ताह का राष्ट्रव्यापी जनभागीदारी अभियान होगा, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखकर उन्हें सामाजिक परिवर्तन का सक्रिय भागीदार बनाना है।
📍 Location: नई दिल्ली, भारत
📰 Date: 2 अगस्त 2026
✍️ Byline: Apurva Choudhary
नशा मुक्त भारत की दिशा में सरकार का बड़ा अभियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' की औपचारिक शुरुआत करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार यह अभियान केवल जागरूकता कार्यक्रम नहीं बल्कि युवाओं को सामाजिक परिवर्तन का नेतृत्व करने के लिए प्रेरित करने वाला राष्ट्रीय जन आंदोलन होगा।
इस पहल का उद्देश्य युवाओं को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों से अवगत कराना, उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना और विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
100 सप्ताह तक चलेगा राष्ट्रव्यापी जनभागीदारी अभियान
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार इस पहल के साथ 100 सप्ताह तक चलने वाला देशव्यापी 'जन भागीदारी अभियान' भी शुरू होगा। इसके तहत प्रत्येक रविवार देश के विभिन्न राज्यों, जिलों और शैक्षणिक संस्थानों में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य इसे केवल सरकारी अभियान तक सीमित न रखकर सामाजिक जनआंदोलन का स्वरूप देना है।
अभियान के दौरान खेल प्रतियोगिताएं, वॉकथॉन, योग और ध्यान सत्र, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, जागरूकता रैलियां, नुक्कड़ नाटक, चर्चा मंच, कला एवं पोस्टर प्रतियोगिताएं और सामुदायिक संपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
युवाओं को बनाया जाएगा परिवर्तन का दूत
इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि युवाओं को केवल प्रतिभागी नहीं बल्कि 'सामाजिक परिवर्तन के दूत' के रूप में तैयार करने का प्रयास किया जाएगा। सरकार का मानना है कि यदि युवा स्वयं नशे से दूर रहकर अपने परिवार, मित्रों और समुदाय को जागरूक करेंगे तो इसका प्रभाव व्यापक स्तर पर दिखाई देगा।
इसी सोच के तहत शैक्षणिक संस्थानों, युवा संगठनों, नागरिक समाज समूहों, उद्योग निकायों और आध्यात्मिक संगठनों को एक साझा मंच पर लाकर सामुदायिक भागीदारी को मजबूत किया जाएगा। इससे अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
10 हजार से अधिक युवा होंगे अभियान का हिस्सा
सरकार के अनुसार इस राष्ट्रीय पहल में देशभर से 10 हजार से अधिक युवा वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे। इसमें माई भारत (MY Bharat) के स्वयंसेवक, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के वालंटियर, युवा क्लब, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, गैर-सरकारी संगठन (NGOs), उद्योग संघों की युवा शाखाएं तथा 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठन सक्रिय भागीदारी करेंगे।
सरकार का मानना है कि विभिन्न संस्थाओं और सामाजिक संगठनों की संयुक्त भागीदारी से यह अभियान अधिक प्रभावी बनेगा और नशा मुक्त समाज के लक्ष्य को हासिल करने में व्यापक जनसमर्थन मिलेगा।
विकसित भारत के लक्ष्य से जुड़ी पहल
'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' को सरकार विकसित भारत के व्यापक विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ, शिक्षित और नशामुक्त युवा ही देश की सामाजिक और आर्थिक प्रगति की मजबूत नींव बन सकते हैं।
हालांकि, सामाजिक विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि केवल जागरूकता अभियान चलाना पर्याप्त नहीं होगा। नशे की रोकथाम के लिए परिवार, विद्यालय, स्थानीय समुदाय, स्वास्थ्य सेवाओं और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय भी आवश्यक होगा। यदि जनभागीदारी के साथ पुनर्वास और परामर्श सेवाओं को भी समान महत्व दिया जाए, तो इस पहल का प्रभाव अधिक व्यापक और स्थायी हो सकता है.