₹100 करोड़ क्लब में एक साल में 39% की बढ़ोतरी
भारत में 576 लोगों ने ₹100 करोड़ से ज्यादा आय बताई
₹100 करोड़ से ऊपर आय वाले करदाताओं में बड़ा इजाफा
AY 2025-26 में 576 व्यक्तियों ने ₹100 करोड़ या उससे अधिक Gross Total Income रिपोर्ट की, जो AY 2024-25 के 415 से करीब 39 प्रतिशत अधिक है। पांच वर्षों में संख्या 142 से बढ़ी है। सरकार ने स्पष्ट किया कि यह आयकर रिटर्न आधारित आंकड़ा है, संपत्ति या वास्तविक नेटवर्थ का आंकड़ा नहीं।
Location: नई दिल्ली, भारत
Date: 17 अगस्त 2026
By: Mohd Naved
भारत में ऊंची आय वाले करदाताओं की संख्या में तेज इजाफा दर्ज हुआ है। AY 2025-26 में 576 व्यक्तियों ने अपने Income Tax Returns में ₹100 करोड़ या उससे अधिक Gross Total Income रिपोर्ट की। AY 2024-25 में यह संख्या 415 थी। यानी एक साल में 161 व्यक्तियों की बढ़ोतरी हुई, जो करीब 38.8 प्रतिशत है।
यह आंकड़ा 27 जुलाई 2026 को लोकसभा में वित्त मंत्रालय की ओर से दिए गए जवाब में सामने आया। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि पिछले पांच Assessment Years में ₹100 करोड़ या उससे अधिक Gross Total Income रिपोर्ट करने वाले व्यक्तियों की संख्या चार गुना से ज्यादा बढ़ी है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक AY 2021-22 में 142 व्यक्तियों ने ₹100 करोड़ या उससे अधिक Gross Total Income रिपोर्ट की थी। यह संख्या AY 2022-23 में बढ़कर 301 हुई, लेकिन AY 2023-24 में घटकर 284 रह गई।
इसके बाद फिर तेज बढ़ोतरी हुई। AY 2024-25 में संख्या 415 और AY 2025-26 में 576 पहुंच गई। पांच साल में यह वृद्धि 142 से 576 तक हुई, यानी करीब 305 प्रतिशत की बढ़ोतरी।
इसलिए मौजूदा आंकड़ा केवल एक साल की तेजी नहीं दिखाता। इसमें बीच में उतार-चढ़ाव के बावजूद लंबी अवधि में ऊंची आय वाले ITR filers की संख्या में मजबूत वृद्धि दिखाई देती है।
यहां “आय” और “संपत्ति” के बीच फर्क समझना जरूरी है। 576 का आंकड़ा उन व्यक्तियों से जुड़ा है जिन्होंने ITR में ₹100 करोड़ या उससे अधिक Gross Total Income रिपोर्ट की है।
इसे भारत में मौजूद 576 “बिलियनेयर” कहना सही नहीं होगा। वित्त राज्य मंत्री ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि Income-tax Act, 2025 या पुराने Income-tax Act, 1961 में “billionaire” शब्द की कोई वैधानिक परिभाषा नहीं है।
सरकार ने यह भी कहा कि Wealth-tax Act, 1957 को 1 अप्रैल 2016 से समाप्त किए जाने के बाद सरकार करदाताओं की कुल aggregate wealth का आंकड़ा उसी तरीके से नहीं रखती। इसलिए ₹100 करोड़ की आय रिपोर्ट करने वाले व्यक्ति की कुल संपत्ति कितनी है, यह इस आंकड़े से पता नहीं चलता।
पिछले पांच Assessment Years का आंकड़ा एक स्पष्ट क्रम दिखाता है। AY 2021-22 में 142 व्यक्ति ₹100 करोड़ या उससे अधिक Gross Total Income रिपोर्ट कर रहे थे।
AY 2022-23 में यह संख्या 301 हुई। अगले वर्ष इसमें हल्की गिरावट आई और संख्या 284 रही। इसके बाद AY 2024-25 में 415 और AY 2025-26 में 576 का आंकड़ा सामने आया।
AY 2024-25 से AY 2025-26 के बीच 161 अतिरिक्त व्यक्तियों ने इस आय श्रेणी में ITR रिपोर्ट किया। यह लगभग 39 प्रतिशत की सालाना वृद्धि है।
वित्त मंत्रालय का रुख यह है कि ऊंची आय वाले व्यक्तियों की संख्या में बढ़ोतरी को केवल आय असमानता के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। सरकार ने अपने जवाब में रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्तीय समावेशन और अन्य कल्याणकारी योजनाओं को व्यापक आर्थिक समावेशन के संदर्भ में रखा।
सरकार ने Periodic Labour Force Survey के हवाले से यह भी बताया कि 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों में बेरोजगारी दर 2022 के 3.6 प्रतिशत से घटकर 2025 में 3.1 प्रतिशत हुई।
सबसे मजबूत तथ्य यह है कि ₹100 करोड़ या उससे अधिक Gross Total Income रिपोर्ट करने वाले व्यक्तियों की संख्या पांच साल में 142 से बढ़कर 576 हो गई।
दूसरा महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि यह वृद्धि रैखिक नहीं रही। 301 से 284 की गिरावट के बाद संख्या 415 और फिर 576 तक पहुंची। इससे यह संकेत मिलता है कि ऊंची आय वाले ITR filers की संख्या में दीर्घकालिक वृद्धि हुई है, लेकिन हर साल समान गति से नहीं।
तीसरा तथ्य यह है कि यह आंकड़ा “Gross Total Income” पर आधारित है। इससे किसी व्यक्ति की कुल संपत्ति, निवेश पोर्टफोलियो या नेटवर्थ का सीधा अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
₹100 करोड़ से अधिक आय रिपोर्ट करने वालों की बढ़ती संख्या भारत की बदलती आय संरचना का एक अहम संकेतक है। यह बताता है कि आय के सबसे ऊपरी हिस्से में भी कर रिटर्न में घोषित आय का दायरा बढ़ रहा है।
लेकिन इस आंकड़े को सीधे तौर पर बढ़ती आर्थिक असमानता का निर्णायक प्रमाण मानना उचित नहीं होगा। इसके लिए आय वितरण, संपत्ति वितरण, पूंजीगत लाभ, कारोबारी स्वामित्व, उपभोग और घरेलू संपत्ति जैसे कई संकेतकों का संयुक्त विश्लेषण जरूरी होगा।
यह आंकड़ा Tax Policy और Wealth Inequality पर बहस को प्रभावित कर सकता है। सरकार के सामने एक तरफ ऊंची आय वाले व्यक्तियों से कर संग्रह और compliance का सवाल है, दूसरी तरफ निवेश, उद्यमिता और पूंजी निर्माण को प्रोत्साहित करने की नीति भी महत्वपूर्ण है।
सरकारी जवाब में Progressive Income-tax Structure और रोजगार तथा सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कार्यक्रमों को समावेशी विकास के उपायों के तौर पर पेश किया गया है।
₹100 करोड़ से अधिक आय रिपोर्ट करने वालों की संख्या में बढ़ोतरी अर्थव्यवस्था के कुछ क्षेत्रों में उच्च आय सृजन की क्षमता का संकेत देती है। लेकिन इसका व्यापक सामाजिक असर समझने के लिए यह देखना जरूरी है कि यह आय किन स्रोतों से आती है और उससे रोजगार, निवेश तथा उत्पादक गतिविधियों पर क्या असर पड़ता है।
सरकारी जवाब में ग्रामीण और शहरी Consumption Inequality के लिए Gini coefficient का भी उल्लेख किया गया। रिपोर्ट किए गए आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण Gini 2022-23 के 0.266 से घटकर 2023-24 में 0.237 और शहरी Gini 0.314 से घटकर 0.284 हुआ।
भारत में उच्च आय वाले करदाताओं की संख्या में वृद्धि ऐसे समय सामने आई है जब भारतीय अर्थव्यवस्था में औपचारिक आय रिपोर्टिंग और Tax Compliance का दायरा बढ़ने पर लगातार चर्चा हो रही है।
फिर भी अंतरराष्ट्रीय तुलना करते समय “बिलियनेयर” की परिभाषा, आय और संपत्ति के आंकड़ों तथा विभिन्न देशों की Tax Reporting व्यवस्था में अंतर को ध्यान में रखना होगा। केवल ITR में ₹100 करोड़ की Gross Total Income रिपोर्ट करने वाले लोगों की संख्या से भारत की वैश्विक Billionaire Ranking तय नहीं होती।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि 576 व्यक्तियों की घोषित Gross Total Income में किस तरह की आय प्रमुख रही। उपलब्ध संसदीय आंकड़ा इस सवाल का विस्तृत उत्तर नहीं देता।
दूसरा सवाल यह है कि इस समूह की कुल Tax Liability और वास्तविक Tax Contribution कितनी है।
तीसरा सवाल यह है कि ऊंची आय में वृद्धि का कितना हिस्सा कारोबारी विस्तार, पूंजीगत आय, पेशेवर आय या अन्य आय स्रोतों से आया।
इन सवालों के जवाब के लिए अधिक विस्तृत आयकर डेटा और आय-वितरण संबंधी शोध की जरूरत होगी।
₹100 करोड़ या उससे अधिक आय रिपोर्ट करने वालों की संख्या आगे भी Tax Base, Income Distribution और Compliance की बहस का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगी।
आने वाले Assessment Years के आंकड़े यह स्पष्ट करेंगे कि AY 2025-26 की 576 की संख्या एक असाधारण उछाल थी या ऊंची आय वाले ITR filers की संख्या में लंबी अवधि की नई प्रवृत्ति का हिस्सा है।
AY 2025-26 में ₹100 करोड़ या उससे अधिक Gross Total Income रिपोर्ट करने वाले 576 व्यक्ति सामने आए हैं। पिछले वर्ष के 415 की तुलना में यह करीब 39 प्रतिशत की वृद्धि है और AY 2021-22 के 142 के मुकाबले चार गुना से अधिक है।
लेकिन इस आंकड़े को भारत में 576 “बिलियनेयर” होने के तौर पर पेश करना भ्रामक होगा। उपलब्ध सरकारी डेटा आयकर रिटर्न में घोषित Gross Total Income को दर्शाता है, कुल संपत्ति या नेटवर्थ को नहीं। यही फर्क इस खबर की सही तफ्सीर के लिए सबसे अहम है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।