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पाकिस्तान के 23 आतंकियों पर भारत की बड़ी कार्रवाई, UAPA list में शामिल

Asif Khan • 2026-07-04 15:45:28
पाकिस्तान के 23 आतंकियों पर भारत की बड़ी कार्रवाई, UAPA list में शामिल

यूएपीए के तहत 23 पाकिस्तानी आतंकवादी घोषित, गृह मंत्रालय की बड़ी कार्रवाई


भारत ने 23 पाकिस्तान आधारित आतंकियों को किया नामित, सूची में अब 80 नाम


आतंकवाद पर सख्ती, केंद्र ने 23 और आतंकियों को यूएपीए सूची में जोड़ा


भारत सरकार ने यूएपीए के तहत पाकिस्तान आधारित 23 व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किया है। सरकार के अनुसार ये जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और अन्य प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हैं। इस फैसले के बाद यूएपीए के तहत नामित व्यक्तिगत आतंकवादियों की संख्या 80 हो गई।


📍New Delhi

📰 July 4, 2026

✍️ Asif Khan


भारत ने 23 आतंकियों को यूएपीए के तहत घोषित किया, सुरक्षा नीति में क्या बदलता है

भारत सरकार ने शनिवार को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, यानी यूएपीए, के तहत पाकिस्तान में मौजूद 23 व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित करने की अधिसूचना जारी की। गृह मंत्रालय के मुताबिक ये सभी प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े बताए गए हैं। इस फैसले के बाद यूएपीए के तहत अधिसूचित व्यक्तिगत आतंकवादियों की कुल संख्या 80 हो गई।

कार्रवाई का आधार क्या है

सरकारी आदेश के अनुसार जिन व्यक्तियों को सूची में शामिल किया गया है, उनका संबंध जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा तथा अन्य प्रतिबंधित संगठनों से बताया गया है। सरकार का कहना है कि ये व्यक्ति भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों, घुसपैठ, भर्ती, वित्तीय सहायता और आतंकवादी नेटवर्क को सहयोग देने में कथित रूप से शामिल रहे हैं। इन आरोपों का आधार सुरक्षा एजेंसियों के पास उपलब्ध सूचनाएं और जांच से जुड़े रिकॉर्ड बताए गए हैं।

यूएपीए में नामित करने का कानूनी महत्व

यूएपीए में 2019 के संशोधन के बाद केंद्र सरकार को केवल संगठनों ही नहीं, बल्कि व्यक्तियों को भी आतंकवादी घोषित करने का अधिकार मिला। इस व्यवस्था का उद्देश्य उन लोगों पर सीधे कार्रवाई करना है जिन्हें सुरक्षा एजेंसियां आतंकवादी गतिविधियों में शामिल मानती हैं।

ऐसे नामित व्यक्तियों के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी और अन्य एजेंसियों को वित्तीय नेटवर्क की जांच, संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया और अन्य कानूनी कार्रवाई में सहायता मिलती है। हालांकि किसी व्यक्ति को सूची में शामिल किए जाने के बाद कानून के तहत समीक्षा का प्रावधान भी मौजूद है।

घटनाक्रम की समयरेखा

वर्ष 2019 में संसद ने यूएपीए संशोधन पारित किया, जिससे व्यक्तियों को भी आतंकवादी घोषित करने का प्रावधान लागू हुआ।

इसके बाद अलग-अलग चरणों में कई वांछित आतंकियों को इस सूची में शामिल किया गया। 4 जुलाई 2026 को जारी नई अधिसूचना में 23 और नाम जोड़े गए, जिससे कुल संख्या 80 तक पहुंच गई।

यह फैसला क्यों अहम माना जा रहा है

सुरक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि ऐसे कदमों का उद्देश्य सीमा पार संचालित आतंकी नेटवर्क पर कानूनी और कूटनीतिक दबाव बढ़ाना होता है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि केवल सूची में नाम जोड़ना पर्याप्त नहीं होता। प्रभावी परिणाम के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग, वित्तीय निगरानी और प्रत्यर्पण से जुड़े प्रयास भी समान रूप से महत्वपूर्ण रहते हैं।

अलग-अलग दृष्टिकोण

सरकार का कहना है कि यह फैसला आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति के अनुरूप है और इससे सुरक्षा एजेंसियों को कानूनी कार्रवाई में मजबूती मिलेगी।

दूसरी ओर, कानूनी विशेषज्ञों का एक वर्ग यह मानता है कि ऐसी कार्रवाई के साथ पारदर्शी समीक्षा प्रक्रिया और न्यायिक निगरानी भी उतनी ही आवश्यक है, ताकि कानून का संतुलित और निष्पक्ष इस्तेमाल सुनिश्चित किया जा सके।

राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय असर

यह कदम ऐसे समय आया है जब भारत लगातार सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाता रहा है। नई अधिसूचना से भारत का यह संदेश और स्पष्ट हुआ है कि वह आतंकी नेटवर्क से जुड़े व्यक्तियों की पहचान और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई को लगातार आगे बढ़ा रहा है।

भविष्य में यह मामला द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सुरक्षा सहयोग, वित्तीय प्रतिबंधों और आतंकवाद विरोधी कूटनीतिक प्रयासों में भी संदर्भ के रूप में सामने आ सकता है।

सम्पादकीय दृष्टिकोण 


23 नए व्यक्तियों को यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित करना भारत की आतंकवाद विरोधी नीति का नया चरण माना जा रहा है। इसका कानूनी प्रभाव केवल सूची बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई, वित्तीय निगरानी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में इस निर्णय का वास्तविक असर जांच एजेंसियों की कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की गति से तय होगा।

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Asif Khan

Asif Khan

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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