पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर दंड के प्रावधान वाला नया कानून लाने की तैयारी में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विधेयक का मसौदा कैबिनेट के सामने रखा जाएगा और इसे संसद के मौजूदा मानसून सत्र में पारित कराने का प्रयास होगा।
📍 स्थान: नई दिल्ली
📰 तारीख: 23 जुलाई 2026
✍️ Apurva Choudhary
पेपर लीक पर सरकार का बड़ा कदम
पेपर लीक के मामलों पर सख्त कार्रवाई के उद्देश्य से केंद्र सरकार नया पेपर लीक कानून लाने की तैयारी कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर सजा के प्रावधानों वाला विधेयक शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामने रखा जाएगा।
प्रधानमंत्री के अनुसार, कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद सरकार इसे संसद के मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह में पारित कराने का प्रयास करेगी।
फास्ट ट्रैक कोर्ट पर रहेगा जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ी होती हैं। ऐसे मामलों में लंबी न्यायिक प्रक्रिया की बजाय फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से शीघ्र सुनवाई सुनिश्चित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
सरकार का कहना है कि नए कानून में दोषियों के लिए कठोर दंड का भी प्रावधान होगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
22 लाख छात्रों का दिया उदाहरण
प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक की घटना के बाद सरकार की पहली प्राथमिकता छात्रों का शैक्षणिक वर्ष बचाना थी। इसी उद्देश्य से कम समय में 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की गई और उसके परिणाम भी घोषित किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि केवल पुनर्परीक्षा कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत कानूनी व्यवस्था भी आवश्यक है।
संसद में जल्द पेश हो सकता है विधेयक
प्रधानमंत्री के अनुसार, संबंधित विभागों ने विधेयक का मसौदा तैयार कर लिया है। कैबिनेट की चर्चा और सुझावों के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा और संसद में पेश किया जाएगा।
यदि विधेयक पारित होता है, तो परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।
पेपर लीक कानून को लेकर सरकार की यह पहल परीक्षा प्रणाली में भरोसा बहाल करने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। अब सभी की नजर कैबिनेट के फैसले और संसद में होने वाली चर्चा पर रहेगी।