पराग्वे में डिजिटल बैंक यूएनो के वित्तीय पतन ने देश की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया है। राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को 6 नवंबर 2026 को संसद के महाभियोग फैसले के बाद पद से हटा दिया गया। इसके कुछ ही समय बाद अभियोजन पक्ष के आदेश पर उन्हें उनके आवास में हाउस अरेस्ट कर दिया गया। बैंक से जुड़े कथित कारोबारी हितों और सरकारी धन के इस्तेमाल को लेकर यह संकट अब राजनीतिक विवाद से आगे बढ़कर आपराधिक जांच तक पहुंच गया है।
असुनसियोन, पराग्वे | 7 नवंबर 2026
By Mohd Haris
बैंकिंग संकट से राष्ट्रपति की कुर्सी तक पहुंचा विवाद
दक्षिण अमेरिका के पराग्वे में पिछले कुछ दिनों से जारी वित्तीय संकट ने सरकार की स्थिरता को गंभीर चुनौती दी। विवाद के केंद्र में यूएनो बैंक है, जिसके बंद होने और खातों पर रोक लगने से लाखों ग्राहकों की जमा पूंजी प्रभावित हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति सैंटियागो पेना के इस बैंक के मालिकाना समूह से पुराने कारोबारी संबंध रहे थे। विपक्षी सांसदों ने इन्हीं संबंधों, सरकारी धन के इस्तेमाल और नियामकीय फैसलों को लेकर उनके खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई शुरू की।
44 सांसदों ने राष्ट्रपति को हटाने के पक्ष में दिया वोट
पराग्वे की सीनेट में 6 नवंबर को हुए महाभियोग मतदान में मौजूद 45 में से 44 सांसदों ने सैंटियागो पेना को पद से हटाने के पक्ष में मतदान किया। 1 सांसद अनुपस्थित रहा।
रिपोर्ट के अनुसार, सीनेट ने पेना को पद के दायित्वों के निर्वहन में गंभीर विफलता का दोषी ठहराया। इस फैसले के बाद उपराष्ट्रपति पेड्रो आलियाना ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली। राष्ट्रपति पेना ने मतदान से पहले अपने इस्तीफे की पेशकश की थी। हालांकि, सांसदों ने इस्तीफे को स्वीकार करने के बजाय महाभियोग की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। इससे उन्हें पूर्व राष्ट्रपतियों को मिलने वाली संवैधानिक संसदीय सुरक्षा भी गंवानी पड़ी।
हाउस अरेस्ट: अभियोजन पक्ष ने जारी किया गिरफ्तारी आदेश
महाभियोग के बाद पराग्वे के अभियोजन पक्ष ने पेना के खिलाफ गिरफ्तारी आदेश जारी किया। पुलिस ने उन्हें असुनसियोन स्थित उनके आवास पर हिरासत में लिया और हाउस अरेस्ट में रखा। यूरोपीय प्रेसफोटो एजेंसी ईएफई की 7 नवंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, पराग्वे पुलिस ने पुष्टि की कि पूर्व राष्ट्रपति को आधिकारिक तौर पर हिरासत में लिया गया है।
अभियोजन पक्ष की अधिकारी सिल्विया गोंजालेज के मुताबिक, पेना को आर्थिक अपराध और भ्रष्टाचार निरोधक इकाई के समक्ष पेश किया जाना है। यह कार्रवाई यूएनो बैंक के पतन से जुड़े कथित आर्थिक अनियमितताओं के मामले में की गई। जांच में विश्वासघात, प्रभाव के कथित दुरुपयोग और सरकारी धन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल हो रही है।
यूएनो बैंक का पतन: लाखों खाताधारकों पर पड़ा असर
इस पूरे राजनीतिक संकट की जड़ यूएनो बैंक का वित्तीय संकट है। पराग्वे के केंद्रीय बैंक ने वित्तीय स्थिति बिगड़ने के बाद इस बैंक के खिलाफ समाधान और नियंत्रण की प्रक्रिया शुरू की। रिपोर्ट के मुताबिक, यूएनो बैंक की सॉल्वेंसी निर्धारित कानूनी न्यूनतम स्तर के आधे से भी नीचे पहुंच गई थी। इसके बाद बैंक के परिचालन पर रोक लगी और ग्राहकों के खाते प्रभावित हुए। यूएनो के लगभग 2.94 मिलियन ग्राहक थे। यह संख्या पराग्वे की वयस्क आबादी के करीब 60% के बराबर बताई गई है।
बैंकिंग सेवाएं बाधित होने के बाद ग्राहकों को नकदी निकालने, डिजिटल ट्रांसफर करने और कार्ड से भुगतान करने में परेशानी हुई। पेंशनभोगियों और छोटे कारोबारियों की चिंता भी बढ़ गई। रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक में सार्वजनिक क्षेत्र की बड़ी रकम जमा थी। इसमें पेंशन और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सरकारी फंड भी शामिल थे।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।