प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर न्यूज़ीलैंड पहुंचे। इस दौरान प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ व्यापार, रक्षा, शिक्षा, डिजिटल तकनीक, कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्रीय सहयोग सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। इस दौरे को भारत-न्यूज़ीलैंड संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
📍 Location: ऑकलैंड, न्यूज़ीलैंड
📰 Date: 10 जुलाई 2026
✍️ Apurva Choudhary
PM मोदी का न्यूज़ीलैंड दौरा: व्यापार, रक्षा और इंडो-पैसिफिक साझेदारी को मिलेगी नई गति
ऑकलैंड में हुआ भव्य स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर न्यूज़ीलैंड के ऑकलैंड पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनका औपचारिक स्वागत किया गया, जबकि बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोगों ने तिरंगे और न्यूज़ीलैंड के झंडों के साथ उनका अभिनंदन किया। भारतीय और माओरी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने स्वागत समारोह को विशेष बना दिया।
क्रिस्टोफर लक्सन से होगी अहम वार्ता
प्रधानमंत्री मोदी अपने न्यूज़ीलैंड समकक्ष क्रिस्टोफर लक्सन के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। बैठक में व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), शिक्षा, कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।
व्यापार और निवेश पर रहेगा विशेष फोकस
दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। बाजार पहुंच, स्टार्टअप सहयोग, डिजिटल कॉमर्स, निर्यात और नवाचार आधारित साझेदारी को मजबूत करने के लिए कई प्रस्तावों पर विचार होने की संभावना है।
शिक्षा और रिसर्च सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
भारत, न्यूज़ीलैंड में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के सबसे बड़े स्रोतों में से एक है। इस यात्रा के दौरान छात्र विनिमय कार्यक्रम, संयुक्त शोध परियोजनाएं, विश्वविद्यालय सहयोग, स्किल डेवलपमेंट और अकादमिक डिग्री की पारस्परिक मान्यता पर चर्चा होने की उम्मीद है।
रक्षा और इंडो-पैसिफिक सहयोग पर जोर
दोनों देश मुक्त, खुले और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के समर्थक हैं। वार्ता में समुद्री सुरक्षा, नौसैनिक सहयोग, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी प्रयास, आपदा प्रबंधन और मानवीय सहायता जैसे विषय भी शामिल रहेंगे।
डिजिटल टेक्नोलॉजी और AI में साझेदारी
भारत की डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, UPI और डिजिटल गवर्नेंस मॉडल में न्यूज़ीलैंड की रुचि बढ़ी है। दोनों देश AI, साइबर सुरक्षा, फिनटेक, स्टार्टअप इकोसिस्टम और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विचार करेंगे।
कृषि, स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु सहयोग
डेयरी टेक्नोलॉजी, कृषि अनुसंधान, फूड प्रोसेसिंग, सोलर एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, विंड एनर्जी और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने की संभावना है। दोनों देश सतत विकास और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त परियोजनाओं पर चर्चा करेंगे।
प्रवासी भारतीयों की भूमिका भी अहम
न्यूज़ीलैंड में रहने वाला भारतीय समुदाय स्वास्थ्य, आईटी, शिक्षा, इंजीनियरिंग और व्यापार सहित कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के दौरान भारतीय समुदाय को भी संबोधित कर सकते हैं।
कई समझौतों पर लग सकती है मुहर
अधिकारियों के अनुसार व्यापार, शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कृषि, डिजिटल इनोवेशन, खेल और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से जुड़े कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
आगे की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच आर्थिक, रणनीतिक और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देगा। यह यात्रा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की सक्रिय कूटनीतिक भूमिका को भी और मजबूत करेगी।