प्रयागराज में अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा की राष्ट्रीय बैठक में मंदिरों में चढ़ावे की चोरी रोकने के लिए कठोर कानून की मांग की गई। बैठक में तीर्थ पुरोहितों के अधिकारों, धार्मिक स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित हुए।
📍 Location: प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
📰 Date: 26 जुलाई 2026
✍️ Apurva Choudhary
प्रयागराज में हुई राष्ट्रीय बैठक
प्रयागराज में रविवार को अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों से आए पुरोहितों ने हिस्सा लिया। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित रामकृष्ण तिवारी ने की। विभिन्न धार्मिक और संगठनात्मक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के बाद कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर कड़े कानून की मांग
बैठक का सबसे प्रमुख प्रस्ताव अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी से जुड़ा रहा। महासभा ने इस प्रकार के मामलों में बेहद कठोर सजा की मांग करते हुए आरोपियों के लिए फांसी की सजा का प्रस्ताव पारित किया। संगठन ने कहा कि इस प्रस्ताव को केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा ताकि इस पर आवश्यक विचार किया जा सके।
तीर्थ पुरोहितों के अधिकारों पर भी हुई चर्चा
बैठक में विभिन्न धार्मिक स्थलों पर विकसित किए जा रहे कॉरिडोर और अन्य परियोजनाओं के कारण तीर्थ पुरोहितों के पारंपरिक अधिकारों पर पड़ने वाले प्रभाव का मुद्दा भी उठाया गया। महासभा ने मांग की कि धार्मिक स्थलों के विकास के साथ-साथ पुरोहितों के अधिकार और सम्मान भी सुरक्षित रखे जाएं।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर जोर
महासभा ने धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने और तीर्थ पुरोहितों के बैठने के लिए उचित स्थान सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। इन विषयों पर भी अलग-अलग प्रस्ताव पारित किए गए।
देशभर से पहुंचे प्रतिनिधि
बैठक में अयोध्या, वाराणसी, मथुरा, वृंदावन, हरिद्वार, बद्रीनाथ, केदारनाथ, द्वारका, सोमनाथ, रामेश्वरम, उज्जैन, चित्रकूट, नासिक, कुरुक्षेत्र, गंगोत्री, यमुनोत्री और अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संगठन ने भविष्य में अपने विस्तार की भी योजना साझा की।
आगे क्या होगा?
महासभा के अनुसार, बैठक में पारित सभी प्रस्ताव संबंधित सरकारों और विभागों को भेजे जाएंगे। इन प्रस्तावों पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर आने वाले समय में स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रयागराज में आयोजित इस राष्ट्रीय बैठक में मंदिर सुरक्षा, तीर्थ पुरोहितों के अधिकार और धार्मिक स्थलों के प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर कठोर सजा की मांग वाला प्रस्ताव सबसे अधिक चर्चा का विषय बना हुआ है।