मुजफ्फरनगर में मीटर जांचने पहुंची बिजली टीम से धक्का-मुक्की और मीटर छीनने का आरोप है। विभाग ने 5 नामजद व 10 अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। एफआईआर की पुष्टि बाकी है।
📍 मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
🗓️ 24 अक्टूबर 2026
✍️ Mohd Naved
मीटर जांच के दौरान विवाद
मुजफ्फरनगर के शाहबुद्दीनपुर रोड पर शनिवार सुबह बिजली मीटर की जांच करने पहुंची विद्युत विभाग की टीम से धक्का-मुक्की और गाली-गलौज किए जाने का आरोप है। विभागीय शिकायत के उपलब्ध विवरण के मुताबिक, कुछ लोगों ने जांच के लिए खोला गया मीटर भी टीम के कब्जे से छीन लिया। विभाग ने शहर कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में मीटर से छेड़छाड़ का दावा
विभागीय विवरण के अनुसार, घटना सुबह करीब 8:30 बजे द मुस्लिम पब्लिक स्कूल के सामने स्थित एक उपभोक्ता परिसर की है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर 9 सदस्यीय टीम वहां मीटर की जांच करने पहुंची थी।
टीम में सहायक अभियंता अक्षय कुमार सिंह और अवर अभियंता अखिलेश कुमार सरोज तथा दिलीप कुमार यादव शामिल बताए गए हैं। विभाग का आरोप है कि मीटर संदिग्ध मिलने पर उसे खोलकर जांचा गया, जिसमें छेड़छाड़ के संकेत मिले।
मीटर से छेड़छाड़ और बिजली चोरी का यह विभागीय दावा है। इसकी स्वतंत्र तकनीकी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है।
5 नामजद और 10 अज्ञात के खिलाफ शिकायत
उपलब्ध शिकायत विवरण में उपभोक्ता अहसान अंसारी, नदीम, मेहरबान डीलर, आमिर और अलीशान के साथ 10 अज्ञात लोगों का उल्लेख है। इन पर टीम को घेरने, अभद्रता करने, धक्का-मुक्की और मीटर छीनने के आरोप लगाए गए हैं।
इन आरोपों पर संबंधित लोगों का जवाब उपलब्ध नहीं है। किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि नहीं हुई है।
मामले के अहम तथ्य
• विभागीय विवरण के अनुसार, टीम में 9 सदस्य शामिल थे।
• घटना शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे की बताई गई है।
• शिकायत में 5 नामजद और 10 अज्ञात लोगों का उल्लेख है।
• विभाग ने जांच के लिए खोला गया 1 मीटर छीनने का आरोप लगाया है।
• एफआईआर, गिरफ्तारी या किसी के घायल होने की पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
वीडियोग्राफी का उल्लेख, स्वतंत्र जांच बाकी
विभागीय विवरण के मुताबिक, घटना के बाद टीम शहर कोतवाली पहुंची और पुलिस को घटनाक्रम बताया। तहरीर में मौके की वीडियोग्राफी किए जाने का भी उल्लेख बताया गया है।
हालांकि, मूल वीडियो इस पैकेज के साथ उपलब्ध नहीं है। उसकी प्रामाणिकता, पूरा घटनाक्रम और उसमें शामिल व्यक्तियों की शिनाख़्त स्वतंत्र रूप से नहीं जांची गई है।
अधिकारी की बाइट का मूल बयान उपलब्ध नहीं
इनपुट में कुलदीप सिंह को विद्युत नगरीय वितरण खंड वाणिज्य-2, टाउन हॉल, मुजफ्फरनगर का अधिशासी अभियंता बताते हुए उनकी बाइट का उल्लेख किया गया है। बाइट की रिकॉर्डिंग या शब्दशः बयान उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसलिए उनके नाम से कोई प्रत्यक्ष उद्धरण शामिल नहीं किया गया है।
शिकायत और तकनीकी निष्कर्ष का फ़र्क़
इस मामले में मीटर से कथित छेड़छाड़ और टीम के साथ कथित दुर्व्यवहार, दोनों की अलग-अलग तस्दीक ज़रूरी है। उपलब्ध सामग्री में मूल तहरीर, मीटर की तकनीकी जांच रिपोर्ट और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।
बिजली चोरी की कथित अवधि, यूनिट या राजस्व नुकसान का कोई प्रमाणित आंकड़ा भी उपलब्ध नहीं है।
आगे किन बिंदुओं पर रहेगी नज़र
अगले अपडेट में एफआईआर की स्थिति, मीटर की बरामदगी, वीडियो की जांच और संबंधित लोगों के जवाब अहम होंगे। पुलिस की ओर से किसी तय कार्रवाई या समयसीमा की पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
विभाग ने कार्रवाई की मांग की
विद्युत विभाग ने सरकारी काम में बाधा डालने और टीम से दुर्व्यवहार की शिकायत पर कानूनी कार्रवाई मांगी है। आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच, तकनीकी साक्ष्य और संबंधित पक्षों के बयान से ही स्पष्ट होगा।
एडिटोरियल एनालिसिस
कर्मचारियों की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच अहम
विभागीय आरोप सही पाए जाने पर यह मामला जांच करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा और साक्ष्य के संरक्षण पर सवाल उठाता है। जांच के लिए खोला गया मीटर ही विवाद का केंद्र है। इसलिए उसकी स्थिति और उपलब्धता की तस्दीक अहम होगी।
साथ ही, उपभोक्ता के खिलाफ बिजली चोरी का आरोप तकनीकी प्रमाण के आधार पर परखा जाना चाहिए। टीम से दुर्व्यवहार का आरोप अपने आप मीटर में छेड़छाड़ साबित नहीं करता। इसी तरह मीटर पर संदेह से शिकायत में शामिल हर व्यक्ति की भूमिका तय नहीं होती।
निष्पक्ष पड़ताल में मूल वीडियो, जांच संबंधी अभिलेख और दोनों पक्षों के बयान साथ रखे जाने चाहिए। इस घटना के आधार पर पूरे इलाके या किसी समुदाय के बारे में निष्कर्ष निकालने का कोई आधार नहीं है।