राहुल गांधी बोले, छात्रों ने सरकार को झुकाया, अब पीएम से माफ़ी की मांग
Asif Khan
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2026-07-25 22:20:06
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर राहुल गांधी का बड़ा बयान, अमित शाह पर भी लगाए आरोप
छात्र आंदोलन के बाद सियासत गरम, राहुल गांधी ने सरकार को घेरा
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राहुल गांधी ने इसे छात्र आंदोलन की बड़ी सफलता बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री से माफ़ी और कथित पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही की मांग की। सरकार की ओर से सभी आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने आना बाकी है।
📍 New Delhi
📰 July 25, 2026
✍️ Asif Khan
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा: राहुल गांधी ने क्या कहा, क्यों बढ़ा राजनीतिक विवाद?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देश की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इसे देशभर के छात्रों के संघर्ष की जीत बताते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आंदोलन करने वाले छात्रों ने सरकार को अपनी आवाज़ सुनने के लिए मजबूर किया।
राहुल गांधी ने प्रदर्शन में शामिल छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि पूरे देश को उन पर गर्व होना चाहिए। उनके अनुसार छात्र केवल अपने भविष्य की नहीं बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए भी खड़े हुए।
प्रधानमंत्री से माफ़ी की मांग
राहुल गांधी ने कहा कि उनकी नज़र में दो मांगें अभी भी अधूरी हैं। पहली, प्रधानमंत्री छात्रों और देश के युवाओं से सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगें। दूसरी, प्रदर्शन के दौरान हुई कथित हिंसा की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध को बल प्रयोग से नहीं दबाया जाना चाहिए।
अमित शाह पर लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। गृह मंत्रालय या अमित शाह की ओर से इन आरोपों पर इस रिपोर्ट के प्रकाशित होने तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी।
सरकार का पक्ष
केंद्र सरकार पहले ही परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक मामलों की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा जता चुकी है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार नए मंत्री को सौंप दिया गया है।
सरकार का कहना है कि छात्रों का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता है और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
हाल के दिनों में कथित परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक विवाद को लेकर कई राज्यों में छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किए। विपक्ष ने सरकार को शिक्षा व्यवस्था में विफल बताते हुए जवाबदेही की मांग की, जबकि सरकार ने जांच और सुधार प्रक्रिया जारी रहने की बात कही।
इसी घटनाक्रम के बीच धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया।
राजनीतिक असर
राहुल गांधी ने इस घटनाक्रम को केवल एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं माना। उन्होंने किसानों, मजदूरों और अन्य वर्गों से भी संवैधानिक दायरे में अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने की अपील की।
भाजपा की ओर से कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक करार दिए जाने की संभावना है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और देश की राजनीति में प्रमुख बहस का विषय बना रह सकता है।
सम्पादकीय दृष्टिकोण
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्र आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था पर राष्ट्रीय बहस का नया अध्याय बन गया है। राहुल गांधी ने इसे छात्रों की जीत बताया है, जबकि उनके कई आरोपों पर स्वतंत्र पुष्टि और सरकार का विस्तृत पक्ष अभी सामने आना बाकी है। ऐसे में इस पूरे घटनाक्रम पर आगे की जांच और आधिकारिक प्रतिक्रियाएं महत्वपूर्ण रहेंगी।
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Asif Khan
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।