राहुल गांधी ने अमित शाह से पूछा, छात्रों पर पेलेट गन का हुक्म किसने दिया?
Asif Khan
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2026-07-26 15:45:17
छात्र प्रदर्शन पर सियासत तेज, राहुल गांधी का गृह मंत्री को खुला पत्र
दिल्ली छात्र प्रदर्शन विवाद, राहुल गांधी ने मांगी जवाबदेही
राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई पर जवाब मांगा है। पत्र में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल ये आरोप विपक्ष के दावे हैं और आधिकारिक जांच या सरकार की विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।
📍 नई दिल्ली
🗓️ 26 जुलाई 2026
✍️ आसिफ खान
राहुल गांधी ने उठाए जवाबदेही के सवाल
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को संबोधित पत्र में कहा कि 20 जुलाई को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया।
राहुल गांधी ने लिखा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन नागरिकों का अधिकार है और प्रशासन की जिम्मेदारी संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की होती है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जवाबदेही तय करने की मांग की।
पत्र में क्या कहा गया
पत्र में राहुल गांधी ने दावा किया कि 19 वर्षीय छात्र साहिल लोछाब पेलेट लगने से गंभीर रूप से घायल हुआ और उसकी आंख की रोशनी प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने मीडिया और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों का भी उल्लेख किया।
पत्र में महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार तथा सादे कपड़ों में मौजूद लोगों द्वारा छात्रों की पिटाई के आरोप भी लगाए गए हैं।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है और न ही किसी आधिकारिक जांच ने इन दावों की पुष्टि की है।
अमित शाह से पूछे गए दो सवाल
राहुल गांधी ने अपने पत्र में दो प्रमुख प्रश्न उठाए।
पहला, क्या छात्रों के खिलाफ पेलेट गन सहित घातक बल प्रयोग की अनुमति गृह मंत्री या गृह मंत्रालय की ओर से दी गई थी। यदि नहीं, तो इसकी मंजूरी किसने दी।
दूसरा, प्रदर्शन के दौरान सादे कपड़ों में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान क्या थी और उनकी तैनाती किसके आदेश पर की गई।
घटनाक्रम की पृष्ठभूमि
हाल के दिनों में परीक्षा प्रणाली और कथित पेपर लीक के मुद्दे पर विभिन्न छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए। विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेर रहा है और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग कर रहा है।
इसी क्रम में राहुल गांधी का यह पत्र सामने आया है, जिसने छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
सरकार का पक्ष
समाचार लिखे जाने तक गृह मंत्रालय की ओर से राहुल गांधी के पत्र में लगाए गए प्रत्येक आरोप पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं हुई थी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियां घटनाक्रम की समीक्षा कर रही हैं। यदि सरकार की ओर से विस्तृत बयान जारी होता है तो उससे पूरे विवाद की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
राजनीतिक असर
यह पत्र ऐसे समय आया है जब विपक्ष शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा अनियमितताओं और छात्र आंदोलनों के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांग रहा है। माना जा रहा है कि यह विषय संसद और राष्ट्रीय राजनीति में आगे भी प्रमुख मुद्दा बना रह सकता है।
सम्पादकीय दृष्टिकोण
राहुल गांधी का पत्र छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाता है। हालांकि पत्र में लगाए गए आरोप फिलहाल विपक्ष के दावे हैं। इनकी पुष्टि किसी स्वतंत्र जांच या आधिकारिक निष्कर्ष से होना बाकी है। ऐसे मामलों में अंतिम निष्कर्ष उपलब्ध साक्ष्यों, जांच और सरकार के आधिकारिक पक्ष के आधार पर ही तय होंगे।
वीडियो देखें
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Asif Khan
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।