कम या ज्यादा नींद दोनों हो सकती हैं नुकसानदायक, जानिए कितने घंटे सोना है सही
अच्छी सेहत के लिए कितनी नींद जरूरी? रिसर्च और विशेषज्ञों की पूरी रिपोर्ट
रोजाना पूरी नींद क्यों है जरूरी, जानिए उम्र के अनुसार सही स्लीप टाइम
भागदौड़ भरी जीवनशैली और बढ़ते स्क्रीन टाइम के कारण नींद से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पर्याप्त और नियमित नींद न केवल शरीर को आराम देती है, बल्कि मस्तिष्क, हृदय, प्रतिरक्षा प्रणाली और मानसिक स्वास्थ्य को भी मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती है।
📍 Location: भारत
📰 Date: 2 अगस्त 2026
✍️ Neelam Saini
रात में कितने घंटे की नींद लेना सेहत के लिए फायदेमंद होता है? आइए जानते हैं
अच्छी नींद केवल आराम नहीं, बेहतर स्वास्थ्य की बुनियाद
स्वस्थ जीवनशैली की चर्चा अक्सर संतुलित आहार और नियमित व्यायाम तक सीमित रह जाती है, जबकि पर्याप्त नींद भी उतनी ही महत्वपूर्ण मानी जाती है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी गुणवत्ता वाली नींद शरीर की मरम्मत, ऊर्जा संतुलन और मानसिक कार्यक्षमता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आज की डिजिटल जीवनशैली, देर रात तक मोबाइल और लैपटॉप का उपयोग, अनियमित दिनचर्या और बढ़ता तनाव लाखों लोगों की नींद को प्रभावित कर रहे हैं। इसका असर धीरे-धीरे संपूर्ण स्वास्थ्य पर दिखाई देने लगता है।
वयस्कों के लिए कितनी नींद जरूरी है
अमेरिकन एकेडमी ऑफ स्लीप मेडिसिन और नेशनल स्लीप फाउंडेशन के अनुसार अधिकांश स्वस्थ वयस्कों के लिए रोजाना 7 से 9 घंटे की नींद सबसे उपयुक्त मानी जाती है। हालांकि प्रत्येक व्यक्ति की जरूरत उम्र, स्वास्थ्य, कार्यशैली और जीवनशैली के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है।
उम्र के अनुसार नींद की आवश्यकता
विशेषज्ञों के अनुसार नवजात और छोटे बच्चों को सबसे अधिक नींद की आवश्यकता होती है। किशोरों को लगभग 8 से 10 घंटे, जबकि अधिकांश वयस्कों को 7 से 9 घंटे की नियमित और गुणवत्तापूर्ण नींद लेने की सलाह दी जाती है। बुजुर्गों के लिए भी लगभग 7 से 8 घंटे की नींद सामान्य रूप से पर्याप्त मानी जाती है।
कम नींद लेने से क्या हो सकता है
लगातार कम नींद लेने से दिनभर थकान, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, चिड़चिड़ापन और कार्यक्षमता में कमी आ सकती है। लंबे समय तक नींद की कमी उच्च रक्तचाप, मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, हृदय रोग और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ी पाई गई है।
क्या ज्यादा सोना भी नुकसानदायक हो सकता है
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल कम नींद ही नहीं, बल्कि नियमित रूप से आवश्यकता से अधिक सोना भी कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हो सकता है। हालांकि अधिक नींद कई बार किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकती है। इसलिए लगातार अत्यधिक नींद आने पर चिकित्सकीय सलाह लेना उचित माना जाता है।
अच्छी नींद के लिए क्या करें
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रोजाना एक ही समय पर सोने और जागने की आदत बनाएं। सोने से पहले मोबाइल, लैपटॉप और अन्य स्क्रीन का उपयोग कम करें। शाम के समय अत्यधिक कैफीन और निकोटीन से बचें तथा शांत, अंधेरा और आरामदायक वातावरण में सोने का प्रयास करें।
क्या दोपहर की नींद फायदेमंद है
कुछ अध्ययनों के अनुसार 20 से 30 मिनट की छोटी झपकी कुछ लोगों में सतर्कता और कार्यक्षमता बढ़ा सकती है। हालांकि लंबी या देर शाम की नींद रात की नींद को प्रभावित कर सकती है।
कब डॉक्टर से संपर्क करें
यदि लगातार कई सप्ताह तक नींद नहीं आती, खर्राटों के साथ सांस रुकने जैसी समस्या महसूस होती है, दिनभर अत्यधिक नींद आती है या नींद के कारण दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है, तो स्लीप विशेषज्ञ या चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
भविष्य की चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक जीवनशैली में स्लीप हेल्थ को भी सार्वजनिक स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाना चाहिए। जागरूकता, नियमित दिनचर्या और स्वस्थ आदतें बेहतर नींद के साथ बेहतर जीवन गुणवत्ता सुनिश्चित कर सकती हैं।
निष्कर्ष
पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद स्वस्थ जीवन का आधार है। अधिकांश वयस्कों के लिए रोजाना 7 से 9 घंटे की नींद लाभकारी मानी जाती है। यदि पर्याप्त समय सोने के बावजूद लगातार थकान या नींद से जुड़ी समस्याएं बनी रहती हैं, तो चिकित्सकीय सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।