यूक्रेन के निप्रो रेलवे स्टेशन पर 29 अक्टूबर को हुए रूसी ड्रोन हमले में कम से कम 15 लोगों की मौत और 14 घायल हुए। ज़ेलेंस्की ने रूस पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
निप्रो, यूक्रेन | 31 अक्टूबर 2026
By Mohd Haris
निप्रो रेलवे स्टेशन पर ड्रोन हमला, यात्रियों में अफरातफरी
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के दौरान यूक्रेन के निप्रो शहर में एक रेलवे स्टेशन पर हुए ड्रोन हमले ने नागरिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 29 अक्टूबर 2026 की सुबह मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर हमला उस समय हुआ, जब वहां यात्री ट्रेनें मौजूद थीं और लोग सफर की तैयारी कर रहे थे। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, हमले में कम से कम 15 लोगों की मौत हुई, जबकि 14 अन्य घायल हुए। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 13 बताई गई थी, जो बाद में बढ़कर 14 और फिर 15 हो गई। निप्रोपेत्रोव्स्क के क्षेत्रीय गवर्नर ओलेक्सांद्र हान्झा के हवाले से 30 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्ट में 15 मौतों की जानकारी दी गई।
यात्री ट्रेन रवाना होने वाली थी, तभी प्लेटफॉर्म पर गिरा ड्रोन
यूक्रेन की सरकारी रेलवे कंपनी उक्रज़ालिज़्नित्सिया के अनुसार, हमले के समय एक यात्री ट्रेन ज़ापोरिज़्झिया की ओर रवाना होने की तैयारी कर रही थी।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि स्टेशन पर बढ़ते ख़तरे को देखते हुए पहले ही अलर्ट जारी किया गया था। इसके बावजूद प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
यूक्रेनी वायुसेना के अनुसार, निप्रो की ओर 4 जेट-संचालित रूसी ड्रोन भेजे गए थे। इनमें से 3 को हवाई रक्षा प्रणाली ने रोक दिया, जबकि एक ड्रोन रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म से टकराया।
अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में कई यात्रियों को गंभीर चोटें आईं। शुरुआती आधिकारिक जानकारी में 6 घायलों की हालत गंभीर बताई गई थी।
ज़ेलेंस्की ने हमले को बताया भयावह, रूस पर दबाव बढ़ाने की मांग
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने रेलवे स्टेशन पर हुए हमले की कड़ी निंदा की।
ज़ेलेंस्की के मुताबिक, जिस प्लेटफॉर्म को निशाना बनाया गया, वहां सामान्य यात्री ट्रेन और कम्यूटर ट्रेन मौजूद थीं।
उन्होंने कहा कि नागरिकों पर इस तरह के हमले रूस के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्णायक कार्रवाई की ज़रूरत दिखाते हैं।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने अमेरिका और यूरोपीय देशों से रूस पर आर्थिक प्रतिबंधों और दूसरे दबावकारी उपायों को लेकर सख्त रुख अपनाने की अपील की।
उनका कहना था कि युद्ध जारी रहने तक रूस के खिलाफ प्रतिबंधों में नरमी नहीं होनी चाहिए।
रेलवे स्टेशन के अलावा छात्रावास भी बना निशाना
निप्रो में उसी दिन एक अन्य ड्रोन हमले से एक शैक्षणिक संस्थान के छात्रावास में आग लग गई।
स्थानीय मेयर बोरिस फिलातोव के मुताबिक, इमारत की 5वीं मंज़िल पर आग लगी। हालांकि छात्र समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए थे और उस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली।
क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, हमलों के बाद निप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र में बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई। लगभग 350,000 लोगों के बिजली से वंचित होने की सूचना दी गई।
यह स्थिति बताती है कि युद्ध के दौरान परिवहन, बिजली और आवासीय ढांचे पर हमलों का असर सीधे आम नागरिकों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ रहा है।
दूसरे शहरों में भी हमले, बच्चों समेत कई लोगों की मौत
29 अक्टूबर को हमले केवल निप्रो तक सीमित नहीं रहे।
यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, उत्तरी शहर चेर्निहीव में मिसाइल हमले से 2 किशोरियों की मौत हुई। वहां कई अन्य लोग घायल हुए, जिनमें बच्चे भी शामिल थे।
मध्य यूक्रेन के क्रेमेनचुक शहर में आवासीय इमारतों पर हुए हमलों में 3 लोगों की मौत और 32 के घायल होने की सूचना मिली।
कीव में देर रात हुए एक अन्य हमले में भी 1 व्यक्ति की मौत दर्ज की गई। 30 अक्टूबर को जारी स्थानीय प्रशासन की रिपोर्टों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में यूक्रेन के विभिन्न हिस्सों में रूसी हमलों से कम से कम 27 लोगों की मौत और 128 के घायल होने की सूचना थी। यह संख्या पूरे देश में दर्ज घटनाओं की है, केवल निप्रो रेलवे स्टेशन की नहीं।
खेरसॉन में स्थानीय युद्धविराम, दूसरे इलाकों में जारी हमले
निप्रो पर हमला ऐसे समय हुआ, जब दक्षिणी यूक्रेन के खेरसॉन क्षेत्र में सीमित युद्धविराम के तहत मानवीय राहत पहुंचाने की कोशिशें चल रही थीं।
अमेरिकी मध्यस्थता से बनी इस स्थानीय व्यवस्था का मकसद रूसी नियंत्रण वाले ओलेश्की शहर तक राहत सामग्री पहुंचाना और वहां से निकलने के इच्छुक नागरिकों को सुरक्षित रास्ता देना था।
रिपोर्टों के मुताबिक, यह समझौता पूरे रूस-यूक्रेन मोर्चे पर लागू नहीं था।
इसलिए खेरसॉन में स्थानीय युद्धविराम और दूसरे शहरों में जारी हमले एक साथ सामने आए।
इस घटनाक्रम ने व्यापक युद्धविराम और स्थायी शांति समझौते की चुनौतियों को फिर उजागर किया है।
रूस ने नागरिकों को निशाना बनाने के आरोपों पर क्या कहा?
यूक्रेनी अधिकारियों ने निप्रो रेलवे स्टेशन पर हमले के लिए रूस को ज़िम्मेदार ठहराया है।
यूक्रेन की वायुसेना ने स्टेशन के प्लेटफॉर्म से मिले ड्रोन के मलबे की तस्वीरें जारी करते हुए दावा किया कि यह रूसी जेट-संचालित ड्रोन का हिस्सा था।
वायुसेना ने उन दावों को भी खारिज किया जिनमें नुकसान के लिए यूक्रेनी हवाई रक्षा प्रणाली को ज़िम्मेदार बताया जा रहा था।
दूसरी ओर, रूस व्यापक युद्ध के दौरान नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने के आरोपों से इनकार करता रहा है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।