सऊदी अरब के जिज़ान और नजरान एयरपोर्ट पर 5 October को हमले हुए। 3 लोग मामूली घायल हुए और सुविधाओं को नुकसान पहुंचा। हूतियों ने हमलों का दावा किया है।
सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्से में जिज़ान और नजरान एयरपोर्ट को 5 October की शाम निशाना बनाया गया। सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन सामान्य प्राधिकरण यानी GACA ने मंगलवार को बताया कि दोनों एयरपोर्ट की सुविधाओं पर हमले हुए। घटना में 3 लोगों को मामूली चोटें आईं और कुछ भौतिक नुकसान हुआ।
घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने कहा कि संबंधित आपातकालीन टीमें और सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल पर तत्काल सक्रिय हुईं।
हमले में जिज़ान स्थित किंग अब्दुल्लाह बिन अब्दुलअज़ीज़ अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और नजरान अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट प्रभावित हुए।
दोनों एयरपोर्ट यमन की सीमा के करीब सऊदी अरब के दक्षिणी क्षेत्र में स्थित हैं। मौजूदा क्षेत्रीय तनाव के बीच इन एयरपोर्ट को निशाना बनाए जाने से नागरिक उड्डयन की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।
सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार हमलों में 3 लोगों को मामूली चोटें आईं। सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
प्राधिकरण ने यह भी कहा कि एयरपोर्ट सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है। नुकसान की विस्तृत समीक्षा सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर की जा रही है।
फिलहाल किसी बड़े जनहानि या गंभीर रूप से घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने अपने आधिकारिक बयान में हमले के लिए किसी संगठन का नाम नहीं लिया।
दूसरी ओर, यमन के हूती समूह ने सऊदी अरब में कई मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया है। समूह ने जिज़ान और नजरान में संवेदनशील ठिकानों के साथ एयरपोर्ट तथा अन्य सैन्य और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही।
इसलिए हूती दावे और सऊदी अधिकारियों की आधिकारिक पुष्टि को अलग-अलग रखना जरूरी है। फिलहाल एयरपोर्ट पर हमले की पुष्टि हुई है, लेकिन सऊदी आधिकारिक बयान में हमलावर की पहचान नहीं बताई गई है।
यह घटनाक्रम सऊदी अरब और यमन के हूती समूह के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच सामने आया है।
हाल के दिनों में सऊदी अरब ने यमन में हूतियों के खिलाफ अभियान तेज किया है। इसके जवाब में हूती समूह ने सऊदी क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा किया है।
इस टकराव का असर अब सैन्य ठिकानों के साथ नागरिक और आर्थिक बुनियादी ढांचे पर भी दिखाई दे रहा है।
किसी नागरिक एयरपोर्ट को निशाना बनाया जाना क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर घटनाक्रम माना जाता है। सऊदी प्राधिकरण ने कहा है कि वह सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर नुकसान का आकलन कर रहा है और यात्रियों तथा कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
इसका असर एयरपोर्ट संचालन और उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। हालांकि मौजूदा समय में सभी उड़ानों पर व्यापक असर की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
हूती समूह ने सोमवार को सऊदी अरब के कई ठिकानों पर हमले करने का दावा किया। उसके बयान में जिज़ान और नजरान के अलावा रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, अबहा एयरपोर्ट, रबिग में अरामको रिफाइनरी और सैन्य ठिकानों का भी उल्लेख किया गया।
हालांकि इन सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन्हें दावे के तौर पर ही रिपोर्ट करना उचित है।
सऊदी अरब और हूतियों के बीच तनाव का असर पहले भी ड्रोन और मिसाइल हमलों के रूप में सामने आता रहा है। मौजूदा घटनाक्रम में नागरिक एयरपोर्ट को निशाना बनाए जाने से स्थिति और संवेदनशील हो गई है।
खास चिंता यह है कि जिज़ान और नजरान जैसे सीमावर्ती इलाकों में नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए। एयरपोर्ट किसी भी देश की परिवहन और आर्थिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं।
सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने कहा है कि उसकी प्राथमिकता यात्रियों और एयरपोर्ट कर्मचारियों की सुरक्षा है। संबंधित एजेंसियां नुकसान का आकलन कर रही हैं और नागरिक उड्डयन व्यवस्था की सुरक्षा बनाए रखने के उपाय किए जा रहे हैं।
आने वाले समय में एयरपोर्ट की सुरक्षा जांच, उड़ान संचालन और संभावित नए हमलों को रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदम महत्वपूर्ण होंगे।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।