भारतीय शेयर बाजार ने पिछले कारोबारी सत्र की गिरावट से उबरते हुए मजबूत शुरुआत की। सेंसेक्स 400 अंक से अधिक चढ़ा, जबकि निफ्टी भी हरे निशान में कारोबार करता दिखा। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और बैंकिंग व आईटी शेयरों में खरीदारी ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
📍 Location: मुंबई
📰 Date: 09 जुलाई 2026
✍️ Apurva Choudhary
Sensex Today: वैश्विक संकेतों के बीच शेयर बाजार में जोरदार वापसी, सेंसेक्स 400 अंक से अधिक चढ़ा
बाजार में लौटी निवेशकों की खरीदारी
भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को मजबूत शुरुआत की। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 400 अंक से अधिक चढ़ गया, जबकि एनएसई निफ्टी भी मजबूती के साथ हरे निशान में कारोबार करता रहा। पिछले कारोबारी सत्र की गिरावट के बाद निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में खरीदारी की, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
बैंकिंग और आईटी शेयर बने तेजी की वजह
बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और ऑटोमोबाइल सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत कॉर्पोरेट आय की उम्मीद और घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती निवेशकों के भरोसे को बनाए हुए है।
वैश्विक संकेतों से मिला समर्थन
एशियाई बाजारों में सकारात्मक रुख का असर भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला। हालांकि मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव अभी भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।
महंगाई के आंकड़ों पर रहेगी नजर
निवेशक अब भारत के खुदरा महंगाई (CPI) के आधिकारिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। यदि महंगाई RBI के 4 प्रतिशत लक्ष्य से ऊपर रहती है, तो इसका असर आगामी मौद्रिक नीति और ब्याज दरों के फैसलों पर पड़ सकता है।
कच्चे तेल की कीमतें बनी चुनौती
भारत अपनी अधिकांश कच्चे तेल की जरूरत आयात के माध्यम से पूरी करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी महंगाई, व्यापार घाटे और आर्थिक गतिविधियों पर दबाव बढ़ा सकती है।
विशेषज्ञों की राय
विश्लेषकों का कहना है कि भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत बनी हुई है। घरेलू मांग, सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और विनिर्माण गतिविधियों में सुधार बाजार को दीर्घकालिक समर्थन दे रहे हैं। हालांकि अल्पकाल में वैश्विक घटनाक्रमों के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
आगे क्या?
बाजार की अगली दिशा अब खुदरा महंगाई के आंकड़ों, RBI की मौद्रिक नीति और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर निर्भर करेगी। यदि महंगाई नियंत्रण में रहती है और कॉर्पोरेट प्रदर्शन बेहतर रहता है, तो बाजार में तेजी का रुख आगे भी जारी रह सकता है।