बार-बार प्यास लगना ही नहीं, ये भी हो सकते हैं डिहाइड्रेशन के शुरुआती संकेत
शरीर में पानी की कमी को न करें नजरअंदाज, जानिए शुरुआती लक्षण
डिहाइड्रेशन के शुरुआती संकेत पहचानिए, वरना बढ़ सकती हैं स्वास्थ्य समस्याएं
शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है। शुरुआती लक्षणों की समय पर पहचान और पर्याप्त तरल पदार्थ का सेवन कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने में मदद कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार गर्म मौसम, अधिक पसीना और बीमारी के दौरान विशेष सावधानी जरूरी है।
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📍 Location: India
📰 Date: 11 July 2026
✍️ Neelam Saini
शरीर में पानी की कमी के शुरुआती संकेत क्या होते हैं? आइए जानते हैं
डिहाइड्रेशन केवल प्यास नहीं, शरीर का चेतावनी संकेत भी है
मानव शरीर का लगभग 50 से 70 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना होता है। यही पानी शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने, पोषक तत्वों को पहुंचाने, पाचन क्रिया, रक्त संचार और अंगों के सामान्य कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब शरीर जरूरत से अधिक पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स खो देता है तथा उनकी भरपाई नहीं हो पाती, तब डिहाइड्रेशन की स्थिति बन सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डिहाइड्रेशन के शुरुआती संकेतों को समय पर पहचान लेना कई गंभीर समस्याओं से बचा सकता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और लंबे समय तक धूप में काम करने वाले लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है।
बार-बार प्यास लगना सबसे सामान्य संकेत
प्यास लगना शरीर का प्राकृतिक संकेत है कि उसे पानी की आवश्यकता है। यदि लगातार प्यास महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि कुछ लोगों, विशेषकर बुजुर्गों में प्यास का एहसास कम हो सकता है, इसलिए केवल इसी संकेत पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है।
मुंह और होंठों का सूखना
यदि मुंह बार-बार सूख रहा हो, होंठ फटने लगे हों या गला सूखा महसूस हो, तो यह शरीर में पानी की कमी का शुरुआती संकेत हो सकता है। यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो भोजन निगलने और बोलने में भी असुविधा हो सकती है।
गहरे रंग का पेशाब
विशेषज्ञों के अनुसार हल्के पीले रंग का पेशाब सामान्य माना जाता है। यदि पेशाब का रंग गहरा पीला या एंबर जैसा हो और उसकी मात्रा भी कम हो रही हो, तो यह शरीर में पानी की कमी का संकेत हो सकता है। हालांकि कुछ दवाएं और विटामिन भी पेशाब के रंग को प्रभावित कर सकते हैं।
थकान और कमजोरी महसूस होना
जब शरीर में पर्याप्त पानी नहीं होता, तो रक्त संचार प्रभावित हो सकता है और कोशिकाओं तक ऑक्सीजन व पोषक तत्वों की आपूर्ति कम हो सकती है। इसका परिणाम थकान, सुस्ती और कमजोरी के रूप में सामने आ सकता है।
सिरदर्द और चक्कर आना
डिहाइड्रेशन के कारण कुछ लोगों को सिरदर्द, हल्का चक्कर या ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई महसूस हो सकती है। यदि इसके साथ बेहोशी, भ्रम या लगातार उल्टी जैसे लक्षण हों, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है।
त्वचा का रूखा होना
पानी की कमी का असर त्वचा पर भी दिखाई दे सकता है। त्वचा रूखी, बेजान या कम लचीली महसूस हो सकती है। हालांकि त्वचा का रूखापन हमेशा डिहाइड्रेशन का संकेत नहीं होता, क्योंकि मौसम और अन्य त्वचा संबंधी कारण भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।
दिल की धड़कन तेज होना
शरीर में तरल पदार्थ कम होने पर कुछ लोगों में हृदय गति सामान्य से तेज हो सकती है। यदि इसके साथ सांस लेने में परेशानी या सीने में दर्द महसूस हो, तो इसे गंभीर संकेत मानते हुए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
किन लोगों में अधिक रहता है जोखिम
गर्मी के मौसम में बाहर काम करने वाले लोग, खिलाड़ी, छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और दस्त या उल्टी से पीड़ित लोगों में डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक हो सकता है। मधुमेह या किडनी से जुड़ी कुछ बीमारियों वाले लोगों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
पानी की कमी से कैसे बचें
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दिनभर नियमित अंतराल पर पानी पीना चाहिए। केवल प्यास लगने का इंतजार करना सही आदत नहीं मानी जाती। गर्म मौसम, व्यायाम या अधिक पसीना आने की स्थिति में पानी के साथ आवश्यकतानुसार इलेक्ट्रोलाइट्स वाले पेय भी उपयोगी हो सकते हैं। मौसमी फल, नारियल पानी और पानी से भरपूर सब्जियां भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करती हैं।
कब डॉक्टर से मिलना चाहिए
यदि पानी पीने के बावजूद लगातार चक्कर आ रहे हों, अत्यधिक कमजोरी हो, पेशाब बहुत कम हो रहा हो, तेज बुखार के साथ डिहाइड्रेशन के लक्षण हों, भ्रम की स्थिति बने या व्यक्ति बेहोश हो जाए, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। ऐसे मामलों में केवल घरेलू उपाय पर्याप्त नहीं होते।
निष्कर्ष
शरीर में पानी की कमी एक सामान्य लेकिन गंभीर स्थिति बन सकती है यदि इसके शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज किया जाए। बार-बार प्यास लगना, मुंह सूखना, गहरे रंग का पेशाब, थकान और सिरदर्द जैसे लक्षण समय रहते पहचानकर पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ का सेवन करना बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि पानी की आवश्यकता हर व्यक्ति में उम्र, मौसम, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए किसी भी गंभीर या लगातार बने रहने वाले लक्षण की स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।