मुजफ्फरनगर से सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के दिल्ली रवाना होने की स्थानीय सूचना है। करीब 45 बसें और 25–30 निजी गाड़ियां बताई गई हैं। पुलिस की ओर से पुष्टि बाकी है।
📍 मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
🗓️ 1 नवंबर 2026
✍️ Mohd Naved
पंकज मलिक कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली रवाना
मुजफ्फरनगर में चरथावल विधायक पंकज मलिक रविवार सुबह दिल्ली में इंडिया गठबंधन की रैली में शामिल होने के लिए रवाना हुए। उपलब्ध रिपोर्टों में उनके आवास पर पुलिस पहुंचने और उसके बाद गाड़ियों के काफिले के साथ निकलने का उल्लेख है। सपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि पुलिस उन्हें रैली में जाने से रोकने की कोशिश कर रही थी। पुलिस का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं है।
करीब 45 बसों की सूचना, अंतिम संख्या की पुष्टि बाकी
प्राप्त स्थानीय इनपुट के मुताबिक, जिले से कार्यकर्ताओं को ले जाने के लिए करीब 45 बसें और 25–30 निजी गाड़ियां जुटाई गईं। इसी इनपुट में सैकड़ों कार्यकर्ताओं के रवाना होने की बात कही गई है। वाहनों और प्रतिभागियों की स्वतंत्र गिनती उपलब्ध नहीं है।
रवाना होने से पहले की तैयारियों में सपा जिलाध्यक्ष ज़िया चौधरी ने 50 बसों से करीब 2000 कार्यकर्ताओं को ले जाने का लक्ष्य बताया था। तैयारी का लक्ष्य और मौके पर रवाना हुए वाहनों की संख्या अलग विवरण हैं। लक्ष्य को वास्तविक भागीदारी का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
शनिवार शाम से रोकने का आरोप
स्थानीय इनपुट के अनुसार, शनिवार शाम कई सपा नेताओं के आवासों पर पुलिस पहुंची थी। नेताओं ने इसे दिल्ली जाने से रोकने की कोशिश बताते हुए विरोध जताया।
इसी इनपुट में ज़िया चौधरी समेत नेताओं की एसएसपी सूरज कुमार राय से बातचीत और देर रात आवासों से पुलिस हटने का उल्लेख है। बातचीत के ब्योरे, पुलिस तैनाती के उद्देश्य और उसे हटाने की परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि बाकी है।
शिवाया टोल पर जुटने का कार्यक्रम
स्थानीय इनपुट के मुताबिक, दिल्ली जा रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं का मेरठ के शिवाया टोल प्लाजा पर एकत्रित होने का कार्यक्रम था। वहां से एक साथ रामलीला मैदान पहुंचने की योजना बताई गई। सभी वाहनों के टोल पर पहुंचने या रैली स्थल तक पहुंच जाने की पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
रामलीला मैदान में विपक्ष की रैली
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को इंडिया गठबंधन की रैली आयोजित होने की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से होती है। रैली मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव प्रक्रिया पर विपक्ष की आपत्तियों से जुड़ी है। चुनावी अनियमितताओं संबंधी आरोप विपक्ष के दावे हैं।
पुलिस के जवाब से स्पष्ट होगी कार्रवाई की वजह
इस घटनाक्रम में पुलिस की मौजूदगी की वजह, किसी लिखित रोक का आधार और नेताओं की आवाजाही पर वास्तविक पाबंदी की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। उपलब्ध सामग्री के आधार पर औपचारिक हिरासत या हाउस अरेस्ट की पुष्टि नहीं की जा सकती।