चैटजीपीटी में लॉक चैट फीचर का रोलआउट शुरू हुआ है। चुनी हुई बातचीत पिन से खुलेगी। ओपनएआई के मुताबिक, इसे चालू करने से डेटा रखने और मॉडल ट्रेनिंग की सेटिंग नहीं बदलती।
📍 ऑनलाइन अपडेट
🗓️ 20 अक्टूबर 2026
✍️ Mohd Naved
नया अपडेट: बातचीत तक पहुँच पर नियंत्रण
ओपनएआई ने चैटजीपीटी में लॉक चैट फीचर पेश किया है। कंपनी के रिलीज़ नोट्स के मुताबिक, चुनी हुई बातचीत नियमित हिस्ट्री, पिन की गई चैट और सामान्य सर्च से छिपाई जा सकेगी। इसे खोलने के लिए 4 अंकों का अकाउंट पिन या समर्थित डिवाइस ऑथेंटिकेशन इस्तेमाल होगा।
उपलब्धता: सभी अकाउंट पर एक साथ नहीं
कंपनी के मुताबिक, फ्री, गो, प्लस और प्रो यूज़र्स के लिए वेब, आईओएस, एंड्रॉयड तथा नए मैक और विंडोज़ डेस्कटॉप ऐप में सुविधा चरणबद्ध तरीके से जारी हो रही है।
ज़रूरी तथ्य: इस्तेमाल का तरीका
• संबंधित चैट का 3 डॉट वाला मेन्यू खोलें।
• ‘लॉक चैट’ चुनकर पुष्टि करें।
• निर्देश मिलने पर अकाउंट पिन बनाएँ या दर्ज करें।
• लॉक बातचीत ‘प्रोजेक्ट्स’ के भीतर ‘लॉक्ड चैट्स’ में मिलेगी।
कंपनी की सफ़ाई: सुरक्षा की सीमा समझें
ओपनएआई के हेल्प दस्तावेज़ के मुताबिक, चैट लॉक करना एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन या अलग एन्क्रिप्टेड वॉल्ट बनाना नहीं है। यह पहले से याद रखी गई जानकारी भी अपने आप नहीं हटाता।
बैकग्राउंड: डेटा कंट्रोल की अलग भूमिका
ओपनएआई के डेटा कंट्रोल दस्तावेज़ के अनुसार, मॉडल ट्रेनिंग का विकल्प सेटिंग्स के ‘डेटा कंट्रोल्स’ में मिलता है। ‘इम्प्रूव द मॉडल फॉर एवरीवन’ बंद होने पर नई बातचीत मॉडल ट्रेनिंग में इस्तेमाल नहीं होती। इस विकल्प को बंद करने से सेव की हुई चैट मिटती या छिपती नहीं है।
अहम सावधानी: पिन बदलना और रीसेट अलग
कंपनी के मुताबिक, मौजूदा पिन दर्ज करके उसे बदलने पर लॉक चैट नहीं मिटती। भूले हुए पिन को रीसेट करने पर सभी लॉक चैट और केवल उनके भीतर सुरक्षित संबंधित सामग्री स्थायी रूप से हटती है। सपोर्ट टीम उसे वापस नहीं ला सकती।
आगे क्या: रोलआउट का इंतज़ार
हेल्प दस्तावेज़ के मुताबिक, पात्र चैट के मेन्यू में विकल्प न दिखने का अर्थ है कि सुविधा आपके अकाउंट तक अभी नहीं पहुँची हो। जाँचे गए दस्तावेज़ों में सभी अकाउंट तक पहुँचने की अंतिम तारीख़ नहीं मिली।
निष्कर्ष: सेटिंग समझकर लें फ़ैसला
यूज़र के लिए अहम सवाल है कि उसे बातचीत तक पहुँच सीमित करनी है, मॉडल ट्रेनिंग रोकनी है या पुराना डेटा हटाना है। हर ज़रूरत के लिए संबंधित सेटिंग की शर्तें पढ़ना ज़रूरी है।
प्राइवेसी रिपोर्टिंग में ‘लॉक’, ‘डिलीट’ और ‘ट्रेनिंग बंद’ को एक ही अर्थ में पेश करना पाठक को गुमराह करेगा। इस अपडेट का आकलन करते समय एक्सेस कंट्रोल और डेटा के इस्तेमाल में फ़र्क स्पष्ट रखना चाहिए।
न्यूज़रूम, साझा कंप्यूटर और स्क्रीन शेयरिंग जैसे संदर्भों में बातचीत की दृश्यता अहम है। संवेदनशील स्रोतों या दस्तावेज़ों पर काम करते समय संस्थान की डेटा नीति भी निर्णय का हिस्सा होनी चाहिए। यह संपादकीय आकलन है, किसी सुरक्षा ऑडिट का निष्कर्ष नहीं।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।