मुजफ्फरनगर में बिना लाइसेंस आयुर्वेदिक दवाओं के कारोबार का खुलासा, दो गिरफ्तार
Wasi Siddiqui
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2026-09-25 15:44:53
Location | Date
मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश | 25 सितंबर 2026
By Wasi Siddiqui
मुजफ्फरनगर में पुलिस की कार्रवाई
मुजफ्फरनगर के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में पुलिस ने बिना लाइसेंस आयुर्वेदिक कामोत्तेजक दवाइयों के कथित निर्माण और बिक्री के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में दवाइयां, विभिन्न प्रकार के कंडोम, डिल्डो, पैकेजिंग सामग्री और कंप्यूटर उपकरण बरामद किए गए हैं।
पुलिस प्रेस नोट के अनुसार कार्रवाई 24 सितंबर 2026 की रात करीब 11:45 बजे इमरान कॉलोनी में पुराने निजामुद्दीन अस्पताल वाली गली में की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद फुरकान, उम्र करीब 45 वर्ष, और शाहिद, उम्र करीब 40 वर्ष के रूप में बताई गई है।
पुलिस के मुताबिक क्या हुआ
सिविल लाइन पुलिस का कहना है कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार आरोपी बाजार से कच्चा माल खरीदकर अपने घर पर कथित तौर पर कामोत्तेजक दवाइयां और माजून तैयार करते थे।
पुलिस का आरोप है कि इन उत्पादों पर फर्जी लेबल और मैन्युफैक्चरिंग संबंधी लोगो लगाकर उन्हें आयुर्वेदिक कंपनी के उत्पाद के रूप में बेचा जाता था। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास आयुर्वेदिक दवाइयों के निर्माण और बिक्री के लिए आवश्यक लाइसेंस या संबंधित डिग्री नहीं थी।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है।
बड़ी मात्रा में सामान बरामद
पुलिस प्रेस नोट के मुताबिक कार्रवाई के दौरान 50 माजून की डिब्बियां और आरएमडी हर्बल कंपनी के नाम वाली 12 बंडल रैपर टेप बरामद किए गए।
इसके अलावा पुलिस ने एक कार्टून VOREX VIRGIN POD CAPSULE, 473 डिल्डो बेल्ट सहित, 1,525 सिलिकन कंडोम और 1,820 ड्रैगन कंडोम बरामद करने की जानकारी दी है।
पुलिस के अनुसार 270 पारदर्शी शीशियां भी मिलीं, जिनमें पीले रंग का तरल पदार्थ भरा था। इसके अलावा 121 सफेद गोलियों की डिब्बियां, 242 गोल्डन गोलियों की डिब्बियां और 224 मिट्टी रंग की डिब्बियां बरामद होने का दावा किया गया है।
बरामदगी में 13 पैकेट दवाई किट, दो पैकेट सफेद रंग की गोलियां, एक पैकेट गोल्डन रंग की गोलियां और तीन खाकी पैकेट में खाकी रंग की गोलियां भी शामिल बताई गई हैं।
पुलिस ने एक लैपटॉप और कंप्यूटर सिस्टम भी बरामद किया है।
ऑनलाइन बिक्री और प्रचार का आरोप
पुलिस के अनुसार आरोपियों से पूछताछ में उन्होंने ऑनलाइन माध्यमों से अपने कथित कारोबार का प्रचार करने और ऑर्डर लेने की बात कही। प्रेस नोट में पुलिस ने आरोपियों के हवाले से बताया है कि यूट्यूब और व्हाट्सऐप के माध्यम से उत्पादों का प्रचार किया जाता था।
पुलिस का कहना है कि बरामद कंप्यूटर और लैपटॉप का इस्तेमाल ऑनलाइन प्रचार तथा व्हाट्सऐप के माध्यम से ऑर्डर लेने के लिए किया जाता था।
यह जानकारी पुलिस द्वारा दर्ज पूछताछ के आधार पर दी गई है। अदालत में आरोपों की जांच साक्ष्यों और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी।
पुलिस ने क्या आरोप लगाए
पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी कथित तौर पर बिना लाइसेंस आयुर्वेदिक दवाइयों का निर्माण और बिक्री कर रहे थे। आरोप यह भी है कि उत्पादों को बड़ी आयुर्वेदिक कंपनी के फर्जी उत्पाद के रूप में प्रस्तुत कर अधिक कीमत पर बेचा जाता था।
पुलिस ने यह भी आरोप लगाया है कि कंडोम और अन्य उत्पादों को बाहर से कम कीमत पर मंगाकर अधिक कीमत में बेचने का कारोबार किया जा रहा था।
पुलिस प्रेस नोट में बच्चों और युवाओं को इन उत्पादों की बिक्री का भी आरोप लगाया गया है। इस दावे के संबंध में प्रेस नोट में अलग से कोई संख्या या स्वतंत्र दस्तावेजी विवरण नहीं दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद फुरकान पुत्र इसराइल और शाहिद पुत्र जहूर शामिल हैं।
मोहम्मद फुरकान का स्थायी पता मुजफ्फरनगर के रामपुरी लद्धावाला क्षेत्र का बताया गया है, जबकि वर्तमान पता इमरान कॉलोनी, थाना सिविल लाइन, मुजफ्फरनगर बताया गया है।
शाहिद का पता गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र के टावर तालाब, संगम विहार से संबंधित बताया गया है। पुलिस के अनुसार उसका वर्तमान पता भी इमरान कॉलोनी, थाना सिविल लाइन, मुजफ्फरनगर है।
पुलिस ने आपराधिक इतिहास में क्या बताया
पुलिस प्रेस नोट में दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास में मुकदमा संख्या 248/26 का उल्लेख किया गया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 294, 295, 318(4), 336(3), 338 और 340(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 का उल्लेख है।
प्रेस नोट में इस मामले का विस्तृत घटनाक्रम या अदालत की वर्तमान स्थिति अलग से नहीं बताई गई है। इसलिए इस आपराधिक इतिहास के संबंध में अतिरिक्त निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
जांच में आगे क्या होगा
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की जांच की जा रही है। इसका मतलब जांच एजेंसियां कथित सप्लाई नेटवर्क, कच्चे माल के स्रोत, बिक्री चैनल और अन्य संभावित संपर्कों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया में हैं।
बरामद कंप्यूटर और लैपटॉप भी जांच का अहम हिस्सा हो सकते हैं, क्योंकि पुलिस ने इनके इस्तेमाल को ऑनलाइन प्रचार और ऑर्डर से जोड़ा है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से संबंधित डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद ही ऑनलाइन कारोबार की वास्तविक सीमा और नेटवर्क के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
पुलिस टीम की कार्रवाई
यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन, पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर के निर्देशन में किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पुलिस प्रेस नोट के अनुसार कार्रवाई में उपनिरीक्षक गजेन्द्र सिंह, कांस्टेबल सुधीर, कांस्टेबल अंकित, कांस्टेबल ब्रह्मदेव और कांस्टेबल मोहित शामिल रहे।
मामला अभी जांच के चरण में
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई शुरू करने की बात कही है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी पुलिस प्रेस नोट पर आधारित है। बरामद पदार्थों की वास्तविक संरचना, दवाइयों की गुणवत्ता, लाइसेंस संबंधी स्थिति, लेबल की वैधता और कथित ऑनलाइन नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की पुष्टि जांच और संबंधित विधिक प्रक्रिया के बाद होगी।
आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप अदालत में परीक्षण के अधीन हैं। गिरफ्तारी अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है।
आगे की कार्रवाई
सिविल लाइन पुलिस के अनुसार जांच में आरोपियों के कथित सप्लाई नेटवर्क और अन्य संपर्कों की पड़ताल जारी है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच, बरामद सामग्री की विधिक और तकनीकी जांच तथा संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से दो गिरफ्तारियों और बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। आगे की जांच से कथित कारोबार के स्रोत, वितरण नेटवर्क और कानूनी उल्लंघनों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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Wasi Siddiqui
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।