देश के कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित है। उत्तराखंड में 170 फीट का बैली ब्रिज बह गया, छत्तीसगढ़ में 1 छात्र का शव मिला और 2 की तलाश जारी है, जबकि बिहार में 47 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं।
नई दिल्ली | 12 सितंबर 2026
By Mohd Haris
मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है, जबकि राजस्थान के कई जिलों में भी बारिश का पूर्वानुमान है।
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में कुलागाड़ नाले के तेज बहाव ने 170 फीट लंबे बैली ब्रिज को बहा दिया। पुल के टूटने से व्यास, दारमा और चौदांस घाटियों की सड़क कनेक्टिविटी प्रभावित हुई है। ये क्षेत्र चीन सीमा के करीब स्थित हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक यह बैली ब्रिज 27 अगस्त को तैयार किया गया था। इससे पहले 18 अगस्त को चट्टान गिरने के कारण पुराना ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ था। नए पुल के बह जाने से सीमावर्ती क्षेत्रों में आवाजाही को लेकर फिर चुनौती पैदा हो गई है।
यह घटना उत्तराखंड के सीमावर्ती इलाकों में लगातार बारिश और अचानक बढ़ने वाले नदी-नालों के खतरे को सामने लाती है।
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में हसदेव नदी में 3 कॉलेज छात्रों के बहने की घटना सामने आई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक बिलासपुर के चौकसे कॉलेज के 8 छात्र-छात्राएं पिकनिक के लिए देवरी गांव पहुंचे थे।
नदी किनारे सेल्फी के दौरान एक छात्र का पैर फिसलने के बाद वह पानी में गिर गया। उसे बचाने की कोशिश में 2 अन्य छात्र भी नदी में उतर गए और तेज बहाव में तीनों बह गए।
ताजा अपडेट के अनुसार करीब 18 घंटे बाद एक छात्र पवन लाल का शव बरामद किया गया। 2 अन्य छात्र सचिन और मुरारी अब भी लापता हैं और उनकी तलाश के लिए बचाव अभियान जारी है।
बारिश के दौरान नदियों और नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। सामान्य दिखने वाला पानी भी कुछ मिनटों में तेज धारा में बदल सकता है।
छत्तीसगढ़ की घटना में भी नदी किनारे मौजूद छात्रों के लिए पानी का बहाव गंभीर खतरा बन गया। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां लगातार लोगों से उफनती नदियों और नालों से दूरी बनाए रखने की अपील करती हैं।
बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पीटीआई के मुताबिक 15 जिलों में 47.33 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। गंगा और उसकी सहायक नदियों के कई हिस्सों में पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।
भागलपुर में बाढ़ के दबाव के कारण कई तटबंधों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। कुछ स्थानों पर मरम्मत का काम पूरा किया गया, जबकि अन्य जगहों पर बहाली जारी है।
बिहार में गंगा के अलावा कई प्रमुख नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर हैं। आकाशवाणी के मुताबिक गंगा कई स्थानों पर पटना, मुंगेर और भागलपुर में खतरे के निशान से ऊपर बनी हुई थी। कोसी भी खगड़िया और कटिहार क्षेत्र के कुछ निगरानी केंद्रों पर ऊंचे स्तर पर थी।
जलस्तर में कुछ स्थानों पर गिरावट के संकेत जरूर मिले हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि बाढ़ का संकट समाप्त हो गया है। निचले इलाकों में पानी और नदी की धारा अब भी गंभीर चुनौती बनी हुई है।
बिहार में राहत अभियान जारी है। आकाशवाणी की रिपोर्ट के अनुसार प्रभावित इलाकों में सामुदायिक रसोई, नाव और मेडिकल कैंप संचालित किए जा रहे हैं।
प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित आबादी तक भोजन, पीने का पानी, दवाएं और सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराना है।
बड़े पैमाने पर प्रभावित आबादी के कारण राहत व्यवस्था पर दबाव भी बढ़ा है।
मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी सामने आई है।
मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई है। अगले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश के साथ आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधि जारी रहने का अनुमान है।
राजस्थान में भी मानसून की गतिविधि बनी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक 29 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। अलवर, सवाई माधोपुर और दौसा में तेज बारिश के कारण कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी थी।
बारिश का असर स्थानीय यातायात और निचले इलाकों में जनजीवन पर पड़ सकता है।
उत्तर प्रदेश में भी कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक 26 जिलों में बाढ़ का असर बताया गया है और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
गंगा और दूसरी नदियों के जलस्तर पर प्रशासन लगातार नजर रख रहा है। कानपुर और उन्नाव के आसपास भी गंगा का जलस्तर चिंता का विषय बना हुआ है।
मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों में बारिश और आंधी की संभावना जताई है। उत्तराखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई क्षेत्रों में अगले दौर की बारिश का असर देखने को मिल सकता है।
इस स्थिति में पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए अतिरिक्त बारिश नई मुश्किलें पैदा कर सकती है।
मौजूदा हालात में समस्या केवल भारी बारिश नहीं है। कई क्षेत्रों में पहले से नदियों का जलस्तर ऊंचा है। ऐसे में नई बारिश होने पर पानी की निकासी धीमी हो सकती है।
बिहार की स्थिति इसका उदाहरण है। राज्य में सामान्य से कम बारिश के बावजूद कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं। नदी घाटियों में ऊपर से आने वाला पानी और गंगा के ऊंचे जलस्तर के कारण पानी की निकासी प्रभावित होने की बात सामने आई है।
पिथौरागढ़ में पुल बहने की घटना केवल स्थानीय आवाजाही का मामला नहीं है। व्यास, दारमा और चौदांस घाटियां सीमावर्ती क्षेत्र से जुड़ी हैं।
ऐसे इलाकों में सड़क और पुल जैसी आधारभूत संरचना का क्षतिग्रस्त होना स्थानीय आबादी के साथ प्रशासनिक और रणनीतिक कनेक्टिविटी के लिए भी चुनौती पैदा करता है। फिलहाल प्राथमिकता वैकल्पिक संपर्क बहाल करने और प्रभावित इलाकों तक जरूरी सेवाएं पहुंचाने की है।
आने वाले दिनों में स्थिति काफी हद तक बारिश की तीव्रता और नदियों के जलस्तर पर निर्भर करेगी। उत्तराखंड में पहाड़ी नालों और नदियों के अचानक उफान पर आने का खतरा बना हुआ है।
बिहार में बाढ़ प्रभावित आबादी के लिए नदी का जलस्तर सबसे अहम संकेतक रहेगा। मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी बारिश का नया दौर निचले इलाकों में जलभराव बढ़ा सकता है।
नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों को अनावश्यक जोखिम लेने से बचना चाहिए। खासकर पुल, पुलिया और नदी किनारे सेल्फी या फोटो लेने से बचना जरूरी है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करना और सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश मिलने पर तुरंत कार्रवाई करना अहम है।
उत्तराखंड से बिहार तक बारिश और बाढ़ ने कई राज्यों में प्रशासन के सामने गंभीर चुनौती खड़ी की है। पिथौरागढ़ में 170 फीट का बैली ब्रिज बहने से सीमावर्ती घाटियों की कनेक्टिविटी प्रभावित हुई है। छत्तीसगढ़ में हसदेव नदी की घटना में 1 छात्र का शव बरामद हुआ है और 2 की तलाश जारी है।
बिहार में 15 जिलों के 47 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी बारिश का दौर जारी है।
फिलहाल सबसे अहम चुनौती राहत-बचाव अभियान के साथ नदी के जलस्तर और मौसम की निगरानी है। अगले कुछ दिनों की बारिश इस पूरे मौसम तंत्र की दिशा तय करेगी।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।