ईरानी सेना के प्रवक्ता ने रूस से सुखोई-35 खरीदने और युद्ध के बाद डिलीवरी मिलने की बात कही है। विमानों की संख्या, आपूर्ति की तारीख और परिचालन तैनाती की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
📍 ईरान
🗓️ 1 नवंबर 2026
✍️ Mohd Naved
खरीद का दावा, डिलीवरी का इंतज़ार
ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमी-निया ने कहा है कि रूस से सुखोई-35 लड़ाकू विमानों की खरीद से जुड़ी तैयारियां पहले की जा चुकी थीं। उनके बयान के उपलब्ध विवरण के मुताबिक, विमान युद्ध से पहले आने थे और अब युद्ध के बाद प्राप्त होंगे। इस बयान से विमानों की ईरान पहुंचने की पुष्टि नहीं होती।
प्रवक्ता ने प्रशिक्षण पर क्या कहा?
अकरमी-निया के मुताबिक, पायलटों के प्रशिक्षण का काम भी किया गया था। हालांकि प्रशिक्षण पूरा होने का दावा अपने आप में विमान की डिलीवरी या लड़ाकू मिशन के लिए तैयार होने का प्रमाण नहीं है। उनके बयान के साथ खरीद अनुबंध, विमान संख्या या निश्चित आपूर्ति कार्यक्रम सार्वजनिक नहीं किया गया है।
सौदे का ज़िक्र पहले भी हुआ था
सुखोई-35 की खरीद की बात पहली बार सामने नहीं आई है। जनवरी 2025 में वरिष्ठ ईरानी सैन्य अधिकारी अली शादमानी ने भी खरीद की पुष्टि की थी। उस समय उन्होंने विमानों की संख्या और उनकी डिलीवरी की स्थिति स्पष्ट नहीं की थी। इसलिए ताज़ा बयान को ईरान की पहली खरीद घोषणा बताना सही नहीं होगा।
सुखोई-35 की ख़ासियत क्या है?
विमान निर्माता के आधिकारिक विवरण के मुताबिक, सुखोई-35, सुखोई-27 का उन्नत बहुउद्देशीय संस्करण है। इसे हवाई, ज़मीनी और समुद्री लक्ष्यों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए विकसित किया गया है। निर्माता इसे 4++ पीढ़ी का लड़ाकू विमान बताता है। यह निर्माता का तकनीकी वर्गीकरण है, किसी प्रतिद्वंद्वी विमान पर युद्ध में जीत की गारंटी नहीं।
क्या अमेरिकी विमानों पर बढ़त तय है?
उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर सुखोई-35 को अमेरिकी विमानों का निश्चित जवाब या अजेय हथियार कहना उचित नहीं है।
संपादकीय विश्लेषण में किसी विमान की क्षमता और पूरे वायुसेना तंत्र की युद्धक तैयारी अलग सवाल हैं। प्रभाव का आकलन करने के लिए विमान के साथ मिलने वाले हथियार, पायलट दक्षता, रखरखाव, रडार सहयोग और परिचालन उपलब्धता की जानकारी चाहिए। ईरान के लिए इन पहलुओं का पूरा सत्यापित विवरण उपलब्ध नहीं है।
अब किन जानकारियों का इंतज़ार?
अगला अहम पड़ाव वास्तविक डिलीवरी की पुष्टि होगा। इसके बाद विमान संख्या, संस्करण, हथियार पैकेज और परिचालन तैनाती की जानकारी से सौदे की अहमियत समझ आएगी।
जांच में देखे गए स्रोतों में रूस की ओर से स्पष्ट डिलीवरी कार्यक्रम नहीं मिला। इसलिए फिलहाल खबर का निष्कर्ष सीमित है: ईरानी प्रवक्ता ने खरीद की बात कही है, जबकि आपूर्ति और तैनाती की स्वतंत्र पुष्टि बाकी है।