राखी सावंत के खिलाफ गैर जमानती वारंट, 2010 का मामला क्या है?
Mohammad Naved
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2026-10-18 12:55:21
राखी सावंत के खिलाफ 2010 के मामले में गैर जमानती वारंट जारी होने की जानकारी सरकारी अधिवक्ता ने दी है। झांसी में अगली सुनवाई 1 दिसंबर को बताई गई है। मूल आदेश का सत्यापन बाकी है।
📍 झांसी, उत्तर प्रदेश
|🗓️ 18 अक्टूबर 2026
✍️ Mohd Naved
अभिनेत्री राखी सावंत से जुड़े 2010 के एक मामले में अदालती कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। जिला शासकीय अधिवक्ता मृदुल कांत श्रीवास्तव के मुताबिक, झांसी की अदालत ने लगातार पेश नहीं होने पर उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। अधिवक्ता ने अगली सुनवाई 1 दिसंबर को होने की जानकारी दी है।
किस मामले से जुड़ा है वारंट?
अभियोजन के हवाले से उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मामला झांसी के हंसारी प्रेमनगर क्षेत्र के निवासी लक्ष्मण अहिरवार से जुड़ा है। वह अपनी पत्नी अनीता के साथ वैवाहिक विवाद को लेकर टीवी कार्यक्रम ‘राखी का इंसाफ’ में शामिल हुए थे।
लक्ष्मण की मां सावित्री ने शिकायत में आरोप लगाया था कि कार्यक्रम के दौरान उनके बेटे के लिए अपमानजनक और आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल की गई। परिवार ने कथित सार्वजनिक अपमान और उसके बाद हुई उनकी मृत्यु के बीच संबंध होने का आरोप लगाया था। यह अभियोजन और शिकायतकर्ता का पक्ष है, अदालत का अंतिम निष्कर्ष नहीं।
अब कार्रवाई क्यों हुई?
सरकारी अधिवक्ता के हवाले से सामने आए विवरण के मुताबिक, वारंट अदालत में उपस्थिति से संबंधित है। उपलब्ध जानकारी में इसे मुकदमे के दौरान पेश नहीं होने पर उठाया गया कदम बताया गया है। इसे दोषसिद्धि या सज़ा का फैसला बताना गलत होगा।
ज़रूरी तथ्य
• मामला 2010 के घटनाक्रम से संबंधित है। • शिकायत टीवी कार्यक्रम में कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर हुई थी। • शिकायतकर्ता लक्ष्मण अहिरवार की मां थीं। • सरकारी अधिवक्ता ने गैर जमानती वारंट की जानकारी दी है। • अगली सुनवाई 1 दिसंबर बताई गई है।
किन बातों पर पुष्टि बाकी है?
इस पड़ताल में मूल वारंट, प्रमाणित आदेश और मुकदमे की पूरी आदेश-पत्रिका उपलब्ध नहीं हुई। अलग-अलग विवरणों में पुराने घटनाक्रम की तारीखों, धाराओं और अदालत के पदनाम को लेकर अंतर मिला है। इसलिए इन्हें निश्चित तथ्य के तौर पर शामिल नहीं किया गया है।
राखी सावंत या उनके अधिकृत वकील का इस ताज़ा कार्रवाई पर सत्यापित जवाब भी उपलब्ध सामग्री में नहीं मिला। उनका पक्ष सामने आने पर रिपोर्ट अपडेट की जानी चाहिए।
आगे क्या देखें?
अगला अहम अपडेट अदालती आदेश, पेशी और बचाव पक्ष के जवाब से मिलेगा। सरकारी अधिवक्ता के मुताबिक अगली सुनवाई 1 दिसंबर है। गिरफ्तारी हो चुकी है या अंतिम फैसला आ गया है, ऐसी पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
इस प्रकरण की रिपोर्टिंग में 2 सवाल अलग रखना ज़रूरी है। पहला, अदालत में पेशी को लेकर क्या कार्रवाई हुई? दूसरा, पुराने आरोपों पर साक्ष्य क्या साबित करते हैं?
वारंट की खबर पहले सवाल से संबंधित है। दूसरे सवाल का जवाब न्यायिक परीक्षण से तय होगा। किसी व्यक्ति की मृत्यु को केवल एक टिप्पणी का नतीजा बताना भी उपलब्ध प्रमाण से आगे जाना होगा। कवरेज में शिकायतकर्ता के आरोप, बचाव पक्ष का जवाब और अदालत के निष्कर्ष अलग-अलग दर्ज होने चाहिए।
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Mohammad Naved
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।