किन लोगों को नहीं करना चाहिए खजूर का सेवन? जानिए किन्हें बरतनी चाहिए सावधानी?
खजूर का सेवन शरीर को ऊर्जा देने और आहार में फाइबर शामिल करने का एक अच्छा तरीका हो सकता है। सूखे खजूर में प्राकृतिक शर्करा और पोटैशियम भी पाया जाता है। लेकिन किसी भी पौष्टिक खाद्य पदार्थ की तरह खजूर का सेवन भी व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और उसकी दैनिक आहार संबंधी जरूरतों के हिसाब से करना चाहिए। विशेष रूप से मधुमेह और किडनी की बीमारी से पीड़ित लोगों को खजूर की मात्रा पर ध्यान देने की जरूरत हो सकती है। इसका अर्थ यह नहीं है कि इन सभी लोगों को खजूर पूरी तरह छोड़ देना चाहिए। सही मात्रा व्यक्ति की बीमारी, रक्त जांच और निर्धारित डाइट पर निर्भर करती है।
1. डायबिटीज के मरीज रखें मात्रा का ध्यान
मधुमेह यानी डायबिटीज में रक्त शर्करा को नियंत्रित रखना महत्वपूर्ण होता है। खजूर में प्राकृतिक शर्करा और कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो रक्त शर्करा को प्रभावित कर सकते हैं। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार, मधुमेह से पीड़ित लोगों को फलों से मिलने वाले कार्बोहाइड्रेट को अपने भोजन की योजना में शामिल करना चाहिए। सूखे फलों की मात्रा पर विशेष ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि कम मात्रा में भी उनमें पर्याप्त कार्बोहाइड्रेट हो सकता है।
इसलिए डायबिटीज के मरीज खजूर खाते समय उसकी मात्रा और अपने ब्लड शुगर स्तर को ध्यान में रखें।
2. किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोग बरतें सावधानी
खजूर में पोटैशियम पाया जाता है। सामान्य परिस्थितियों में पोटैशियम शरीर की मांसपेशियों, नसों और हृदय की कार्यप्रणाली के लिए जरूरी है। लेकिन किडनी की कार्यक्षमता कम होने पर कुछ लोगों के शरीर में पोटैशियम का स्तर बढ़ सकता है। अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज (NIDDK) के अनुसार, किडनी की बीमारी में पोटैशियम की मात्रा को नियंत्रित करने की जरूरत व्यक्ति की जांच और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है। ऐसे में जिन मरीजों को पोटैशियम सीमित रखने की सलाह मिली है, उन्हें खजूर खाने से पहले अपने डॉक्टर या डाइटिशियन से उचित मात्रा की जानकारी लेनी चाहिए।
3. जिनका ब्लड शुगर नियंत्रित नहीं रहता
यदि किसी व्यक्ति का ब्लड शुगर बार-बार बढ़ता है, तो उसे अपने पूरे आहार में मौजूद कार्बोहाइड्रेट पर ध्यान देना चाहिए। खजूर को प्राकृतिक फल मानकर अधिक मात्रा में खाना भी रक्त शर्करा प्रबंधन को प्रभावित कर सकता है। ऐसे लोगों के लिए खजूर की कोई एक मात्रा सभी परिस्थितियों में सही नहीं मानी जा सकती। उनकी दवाओं, भोजन, शारीरिक गतिविधि और ब्लड शुगर के स्तर के अनुसार डाइट तय की जानी चाहिए।
4. वजन नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे लोग
खजूर में फाइबर और कई पोषक तत्व होते हैं, लेकिन इसमें ऊर्जा और कार्बोहाइड्रेट भी पर्याप्त मात्रा में होते हैं। यदि कोई व्यक्ति वजन घटाने के लिए अपनी कुल कैलोरी सीमित कर रहा है, तो उसे खजूर की मात्रा भी अपने दैनिक आहार में शामिल करके तय करनी चाहिए। इसका मतलब यह नहीं है कि वजन घटाने वालों के लिए खजूर निषिद्ध है। संतुलित मात्रा में इसे आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है, बशर्ते कुल ऊर्जा सेवन और पोषण संबंधी जरूरतों का ध्यान रखा जाए।
5. जिन्हें डॉक्टर ने विशेष डाइट की सलाह दी है
कुछ लोगों को किडनी की बीमारी, रक्त में पोटैशियम बढ़ने या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण विशेष आहार योजना अपनानी पड़ती है। ऐसी स्थिति में किसी भी खाद्य पदार्थ को केवल उसके सामान्य स्वास्थ्य लाभ देखकर नहीं चुनना चाहिए। यदि डॉक्टर ने पोटैशियम या कार्बोहाइड्रेट सीमित रखने को कहा है, तो खजूर की मात्रा भी उसी योजना के अनुसार तय करनी चाहिए।
खजूर खाते समय किन बातों का ध्यान रखें?
खजूर को पौष्टिक मानकर जरूरत से ज्यादा न खाएं। डायबिटीज होने पर इसे अपने कुल कार्बोहाइड्रेट सेवन में शामिल करें। किडनी की बीमारी में पोटैशियम की जांच और डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता दें। यदि आप किसी चिकित्सकीय डाइट का पालन कर रहे हैं, तो उसमें खजूर की उपयुक्त मात्रा की पुष्टि करें। केवल खजूर खाने से किसी बीमारी का इलाज होने का दावा न मानें।
निष्कर्ष
खजूर पोषक तत्वों से भरपूर फल है, लेकिन हर व्यक्ति की पोषण संबंधी जरूरत एक जैसी नहीं होती। मधुमेह के मरीजों को कार्बोहाइड्रेट और किडनी की बीमारी वाले कुछ मरीजों को पोटैशियम की मात्रा पर ध्यान देना चाहिए। वहीं, अन्य स्वस्थ लोगों के लिए भी संतुलित मात्रा में सेवन करना बेहतर है।
महत्वपूर्ण बात: खजूर सभी डायबिटीज या किडनी के मरीजों के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं है। इसे खाना चाहिए या नहीं और कितनी मात्रा में खाना चाहिए, इसका निर्णय व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार किया जाना चाहिए।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।