दिवाली से पहले योगी सरकार का बड़ा फैसला, UP के 285 राजस्व कर्मचारियों को मिला प्रमोशन
Mohammad Naved
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2026-11-05 11:39:21
दीपावली से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्व विभाग के 285 कर्मचारियों को पदोन्नति का तोहफा दिया है। इनमें 206 लेखपाल और 79 संग्रह अमीन शामिल हैं। सभी को पदोन्नत कर राजस्व निरीक्षक बनाया गया है। इस फैसले से लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को राहत मिली है।
📍 लखनऊ, उत्तर प्रदेश
🗓️ 5 नवंबर 2026
✍️ Mohd Naved
राजस्व विभाग के 285 कर्मचारियों को प्रमोशन
उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग में पदोन्नति को लेकर एक अहम फैसला सामने आया है। दीपावली से पहले 285 कर्मचारियों को उनके मौजूदा पद से आगे बढ़ाकर राजस्व निरीक्षक बनाया गया है।
प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, पदोन्नति पाने वालों में 206 लेखपाल और 79 संग्रह अमीन शामिल हैं। इस तरह दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 285 कर्मचारियों को नई जिम्मेदारी मिली है।
इस फैसले की जानकारी राजस्व परिषद के चेयरमैन बीएल मीणा ने दी। रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित कर्मचारियों को निर्धारित पात्रता के आधार पर पदोन्नति दी गई है।
किस पद के कितने कर्मचारियों को मिला प्रमोशन?
पदोन्नति का विवरण इस प्रकार है:
मौजूदा पद
पदोन्नति के बाद पद
कर्मचारियों की संख्या
लेखपाल
राजस्व निरीक्षक
206
संग्रह अमीन
राजस्व निरीक्षक
79
कुल
राजस्व निरीक्षक
285
इस फैसले में लेखपाल और संग्रह अमीन, दोनों संवर्गों के कर्मचारियों को शामिल किया गया है। विभागीय पदोन्नति के लिहाज से यह अहम कदम है।
लेखपाल की क्या होती है जिम्मेदारी?
लेखपाल ग्रामीण राजस्व व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। गांवों में भूमि अभिलेखों का रखरखाव, जमीन से संबंधित विवरण, फसल की स्थिति और राजस्व रिकॉर्ड में होने वाले बदलावों से जुड़े काम उनकी जिम्मेदारी में आते हैं।
किसान को जमीन के रिकॉर्ड में संशोधन कराना हो, भूमि संबंधी जानकारी हासिल करनी हो या राजस्व अभिलेखों से जुड़ा कोई मामला हो, ऐसे मामलों में लेखपाल की भूमिका अहम रहती है।
लेखपालों की पदोन्नति के बाद राजस्व निरीक्षक के रूप में उनकी विभागीय जिम्मेदारी और कार्यक्षेत्र में बदलाव होगा।
संग्रह अमीन का काम क्या होता है?
संग्रह अमीन का मुख्य काम सरकारी राजस्व और बकाया रकम की वसूली से संबंधित होता है। सरकारी विभागों की ओर से निर्धारित बकाया वसूलने की प्रक्रिया में इनकी भूमिका रहती है।
राजस्व वसूली की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में संग्रह अमीन महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। अब 79 संग्रह अमीनों को भी राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नति मिली है।
विभागीय कामकाज पर क्या पड़ेगा असर?
राजस्व विभाग का काम सीधे आम नागरिकों, किसानों और जमीन से जुड़े मामलों से संबंधित है। भूमि अभिलेख, राजस्व वसूली और प्रशासनिक प्रक्रिया में विभागीय कर्मचारियों की भूमिका अहम रहती है।
ऐसे में पदोन्नति से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ने और विभागीय जिम्मेदारियों के बेहतर निर्वहन में मदद मिलने की उम्मीद जताई गई है।
राजस्व परिषद के स्तर पर इस फैसले को कर्मचारियों के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, पदोन्नति से राजस्व सेवाओं की गुणवत्ता में कितना बदलाव आएगा, इसका आकलन आने वाले समय में विभागीय कामकाज के आधार पर ही किया जा सकेगा।
लंबे समय से इंतजार कर रहे कर्मचारियों को राहत
सरकारी विभागों में पदोन्नति कर्मचारियों के पेशेवर करियर का अहम हिस्सा होती है। लंबे समय तक प्रमोशन लंबित रहने से कर्मचारियों के बीच असंतोष और कार्य संबंधी चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।
ऐसे में 285 कर्मचारियों को पदोन्नति मिलने से संबंधित संवर्गों में सकारात्मक संदेश जाने की उम्मीद है।
यह फैसला दीपावली से पहले आया है, इसलिए कर्मचारियों के लिए इसकी खुशी और बढ़ गई है। हालांकि, सभी कर्मचारियों के व्यक्तिगत सेवा लाभ, वेतन निर्धारण और नई तैनाती से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं दी गई है।
अब आगे क्या?
पदोन्नति के बाद संबंधित कर्मचारियों को राजस्व निरीक्षक के रूप में नई जिम्मेदारियां निभानी होंगी। उनके कार्यभार ग्रहण करने, तैनाती और सेवा संबंधी औपचारिकताओं का विवरण सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट होगी।
उत्तर प्रदेश में राजस्व प्रशासन की भूमिका को देखते हुए यह पदोन्नति विभागीय स्तर पर महत्वपूर्ण है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि नई जिम्मेदारियों के साथ राजस्व संबंधी सेवाओं और प्रशासनिक कामकाज में कितना सुधार देखने को मिलता है।
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Mohammad Naved
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।