कोर्ट ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 से जुड़ी याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि परीक्षा से संबंधित सभी मामले पहले से ही न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष लंबित हैं और उन्हीं के समक्ष इन पर सुनवाई होगी।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के समक्ष पेश हुए अधिवक्ताओं ने परीक्षा से पहले छात्रों की चिंताओं का हवाला देते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों, कथित पेपर लीक की चर्चाओं और दिल्ली उच्च न्यायालय में चल रही कार्यवाही के कारण अभ्यर्थियों में असमंजस और तनाव का माहौल है।
अधिवक्ताओं ने अदालत को यह भी बताया कि लगभग 1,600 अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र डाउनलोड करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ छात्रों को पहले आवंटित किए गए परीक्षा केंद्रों के स्थान पर नए केंद्र दिए जाने की शिकायत भी सामने आई है।
हालांकि, मुख्य न्यायाधीश ने दोहराया कि नीट-यूजी से जुड़े सभी मामलों पर न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा की पीठ ही विचार करेगी। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को पहले से लंबित याचिकाओं के साथ जोड़ा जा सकता है, लेकिन अलग से तत्काल सुनवाई की आवश्यकता नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने किसी भी तरह की अंतरिम राहत देने या अलग सुनवाई की तारीख तय करने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही परीक्षार्थियों द्वारा उठाई गई सभी चिंताओं को संबंधित पीठ के समक्ष विचार के लिए छोड़ दिया गया।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 21 जून को आयोजित की जाएगी। एजेंसी ने अभ्यर्थियों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।