महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में ठाणे पुलिस ने पटना और जम्मू से तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां अब पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क, कथित साजिश, उम्मीदवारों की भूमिका और वित्तीय लेन-देन की गहन पड़ताल कर रही हैं।
📍 मुंबई
📰 2 जुलाई 2026
✍️ Apurva Choudhary
महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक की जांच ने पकड़ी रफ्तार, अंतरराज्यीय नेटवर्क पर फोकस
महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के कथित पेपर लीक मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। ठाणे पुलिस ने इस सिलसिले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिससे अब तक पकड़े गए आरोपियों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। नई गिरफ्तारियों ने संकेत दिया है कि मामला केवल एक राज्य तक सीमित नहीं, बल्कि कई राज्यों में फैले कथित नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में एक को जम्मू जबकि दो को बिहार की राजधानी पटना से पकड़ा गया है। तीनों से पूछताछ के आधार पर जांच का दायरा और विस्तृत किया जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपियों पर क्या आरोप हैं
जांच एजेंसियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कपिल दहिया, सोनू सिंह और मिथुन सिंह के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि कपिल दहिया लंबे समय से फरार था और उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया था।
सोनू सिंह और मिथुन सिंह पर आरोप है कि उन्होंने कथित साजिश से जुड़ी एक बैठक में भाग लिया था। पुलिस इस बैठक और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
जांच का दायरा क्यों बढ़ाया गया
अधिकारियों के अनुसार अब जांच केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित रूप से प्रश्नपत्र किस तरह बाहर पहुंचा, किन लोगों को इसका लाभ मिला और पूरे नेटवर्क में पैसों का प्रवाह कैसे हुआ।
जांच एजेंसियां संभावित बिचौलियों, कोचिंग सेंटर संचालकों और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका का भी विश्लेषण कर रही हैं।
शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला
टीईटी परीक्षा के दौरान अनियमितताओं की शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इसके बाद भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र के परीक्षा कदाचार रोकथाम कानून के तहत जांच शुरू की गई।
पुलिस का कहना है कि तकनीकी और वित्तीय दोनों पहलुओं की समानांतर जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
परीक्षा प्रणाली पर फिर उठे सवाल
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं केवल एक आपराधिक मामला नहीं होतीं, बल्कि लाखों अभ्यर्थियों के विश्वास को भी प्रभावित करती हैं।
ऐसे मामलों में समयबद्ध जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से अधिक सुरक्षित बनाना आवश्यक माना जाता है।
आगे क्या होगा
तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के बाद पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ से पूरे नेटवर्क, लाभार्थियों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
यदि जांच में नए नाम सामने आते हैं तो आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में हुई नई गिरफ्तारियां इस ओर संकेत करती हैं कि जांच अब व्यापक स्तर पर पहुंच चुकी है। फिलहाल पुलिस पूरे कथित नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है। अंतिम तस्वीर जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।