
Shah Times coverage on Vijay TVK gaining support from Congress, VCK and IUML in Tamil Nadu politics
कांग्रेस से IUML तक, विजय के पीछे बना नया गठबंधन
Tamil Nadu Politics में बड़ा उलटफेर, TVK को बढ़त?
तमिलनाडु की सियासत में अभिनेता-राजनेता Vijay की पार्टी TVK को बड़ा Political Momentum मिलता दिख रहा है। कांग्रेस, CPI, CPM के बाद अब VCK और IUML ने भी समर्थन का ऐलान किया है। इससे 2026 विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में नया समीकरण बनता नज़र आ रहा है।
📍Chennai, Tamil Nadu 📰 May 9, 2026 ✍️ Asif Khan
तमिलनाडु में बदलती सियासत, क्या विजय बन रहे हैं नया पावर सेंटर?
तमिलनाडु की Politics एक बार फिर बड़े बदलाव के दौर में दाखिल होती दिखाई दे रही है। Actor से Politician बने Vijay की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam यानी TVK को लगातार मिल रहा Opposition Support अब राज्य की सियासत में नई बहस पैदा कर रहा है।
कांग्रेस, CPI और CPM के बाद अब VCK और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग यानी IUML ने भी TVK को समर्थन देने का फैसला किया है। यह घटनाक्रम केवल एक चुनावी समझौता नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे तमिलनाडु में एक Alternative Political Axis के तौर पर देखा जा रहा है।
तमिल राजनीति लंबे समय से DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द घूमती रही है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में Anti-Incumbency, Leadership Vacuum और Youth Voter Shift जैसी बातें लगातार चर्चा में रही हैं। इसी माहौल में विजय की एंट्री ने Political Narrative को बदलने की कोशिश की है।
आखिर TVK को समर्थन क्यों मिल रहा है?
TVK अभी नई पार्टी है, लेकिन विजय की Popularity और उनके बड़े Fan Base ने पार्टी को शुरुआती राजनीतिक ऊर्जा दी है। Political Analysts मानते हैं कि तमिलनाडु में Cinema और Politics का रिश्ता नया नहीं है। पहले भी कई बड़े Film Stars सत्ता तक पहुंचे हैं।
हालांकि केवल स्टारडम से चुनाव नहीं जीते जाते। यही वजह है कि कई Regional Parties अब Strategic Alliance की तरफ बढ़ती दिखाई दे रही हैं।
VCK का Base दलित और सामाजिक न्याय की राजनीति से जुड़ा माना जाता है, जबकि IUML का प्रभाव कुछ मुस्लिम बहुल इलाकों में देखा जाता है। ऐसे में TVK के साथ इन दलों का आना Opposition Vote Consolidation की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
कांग्रेस और Left Parties का पहले ही समर्थन मिलना इस बात का संकेत देता है कि Anti-DMK और Anti-BJP Political Space में एक नया प्रयोग तैयार किया जा रहा है।
क्या DMK के लिए बढ़ रही है चुनौती?
तमिलनाडु में फिलहाल DMK सत्ता में है और पार्टी का संगठन मजबूत माना जाता है। मुख्यमंत्री M. K. Stalin राज्य में Welfare Politics और Dravidian Ideology को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
लेकिन राजनीतिक माहौल पूरी तरह स्थिर नहीं कहा जा सकता। बेरोजगारी, युवाओं की अपेक्षाएं, Regional Identity और Central Politics जैसे मुद्दे लगातार असर डाल रहे हैं।
TVK के उभार को कुछ Political Observers DMK के लिए सीधे खतरे के रूप में नहीं देखते, लेकिन इसे Long-Term Political Disruption जरूर माना जा रहा है।
कई Experts का मानना है कि अगर Opposition Votes एकजुट होते हैं, तो कई सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय या बेहद करीबी हो सकता है।
BJP का समीकरण कहाँ फिट होता है?
तमिलनाडु में BJP पिछले कुछ वर्षों से अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है। पार्टी ने Nationalism, Development और Central Schemes के जरिए राज्य में जगह बनाने की रणनीति अपनाई है।
हालांकि तमिल राजनीति की Regional Nature अभी भी काफी मजबूत है। ऐसे में TVK का उभार BJP और DMK दोनों के लिए नई चुनौती बन सकता है।
कुछ Analysts का कहना है कि विजय की साफ-सुथरी Public Image और Youth Appeal उन्हें Urban Voters के बीच मजबूत बना सकती है। वहीं Critics का तर्क है कि चुनावी राजनीति केवल Popular Face से नहीं चलती। Ground Cadre, Booth Network और Grassroots Presence भी उतनी ही अहम होती है।
विजय की राजनीति का असली एजेंडा क्या है?
TVK अभी खुद को पूरी तरह Ideological Party के रूप में स्थापित नहीं कर पाई है। पार्टी भ्रष्टाचार विरोध, सामाजिक न्याय, प्रशासनिक सुधार और युवाओं की भागीदारी जैसे मुद्दों पर जोर देती रही है।
लेकिन Political Opponents पूछ रहे हैं कि क्या TVK के पास Governance Model है? क्या पार्टी केवल Celebrity Politics तक सीमित रहेगी या Policy-Based Politics भी करेगी?
यही सवाल आने वाले महीनों में सबसे ज्यादा अहम रहने वाला है।
विजय की Public Speeches में अक्सर System Change, Transparent Governance और People-Centric Politics जैसे शब्द सुनाई देते हैं। लेकिन Detailed Economic Vision या Administrative Blueprint अभी पूरी तरह सामने नहीं आया है।
तमिलनाडु में स्टार पॉलिटिक्स का इतिहास
तमिलनाडु की राजनीति में Cinema का प्रभाव दशकों पुराना है। M. G. Ramachandran से लेकर J. Jayalalithaa तक कई फिल्मी चेहरों ने राजनीति में बड़ी सफलता हासिल की।
इसी वजह से विजय की राजनीतिक एंट्री को हल्के में नहीं देखा जा रहा।
हालांकि इतिहास यह भी बताता है कि हर लोकप्रिय Actor राजनीति में सफल नहीं हुआ। कई बड़े नाम जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके।
इसलिए TVK के सामने सबसे बड़ी चुनौती Popularity को Votes में बदलने की होगी।
Minority और Social Justice Politics का असर
IUML और VCK का समर्थन केवल Symbolic नहीं माना जा रहा। तमिलनाडु की Politics में Identity-Based Mobilisation काफी अहम भूमिका निभाती है।
अगर Minority और Dalit Votes का एक हिस्सा TVK की तरफ शिफ्ट होता है, तो कई सीटों का गणित बदल सकता है।
लेकिन Political Experts यह भी कहते हैं कि Ground Reality हर जिले में अलग होती है। Alliance Announcement और Actual Vote Transfer में बड़ा फर्क हो सकता है।
कई बार गठबंधन कागज पर मजबूत दिखते हैं, लेकिन बूथ स्तर पर तालमेल नहीं बन पाता।
क्या यह Third Front की शुरुआत है?
तमिलनाडु लंबे समय से दो बड़े Dravidian Camps के बीच बंटा रहा है। ऐसे में TVK को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह वास्तव में तीसरा विकल्प बन पाएगी?
कुछ Analysts इसे शुरुआती Political Experiment बता रहे हैं। उनका कहना है कि 2026 चुनाव TVK के लिए सत्ता से ज्यादा Political Positioning का चुनाव हो सकता है।
अगर पार्टी मजबूत Vote Share हासिल करती है, तो आने वाले वर्षों में यह राज्य की स्थायी राजनीतिक ताकत बन सकती है।
Youth Factor कितना अहम?
तमिलनाडु में युवा वोटर तेजी से Digital Politics और Personality-Based Campaigns की तरफ आकर्षित हो रहे हैं।
विजय की Social Media Reach और Fan Clubs का नेटवर्क TVK को शुरुआती Momentum देता दिखाई देता है।
Political Campaign Experts मानते हैं कि Modern Elections में Narrative Building बेहद अहम हो चुका है।
TVK फिलहाल खुद को Anti-Establishment और Fresh Alternative के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है।
लेकिन चुनाव के दौरान पार्टी को Economy, Employment, Education और Governance जैसे कठिन सवालों का भी जवाब देना होगा।
आगे क्या?
अब सबसे बड़ी नजर सीट Sharing, Joint Campaigns और Election Strategy पर रहेगी।
क्या सभी सहयोगी दल पूरी ताकत से TVK के साथ मैदान में उतरेंगे? क्या यह गठबंधन चुनाव तक एकजुट रहेगा? क्या विजय बड़े Political Leader के रूप में खुद को साबित कर पाएंगे?
इन सवालों के जवाब आने वाले महीनों में धीरे-धीरे साफ होंगे।
फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि तमिलनाडु की राजनीति में नई हलचल शुरू हो चुकी है। TVK अब केवल एक Celebrity Political Project नहीं रह गई, बल्कि उसे गंभीर राजनीतिक खिलाड़ी के रूप में देखा जाने लगा है।
तमिलनाडु की राजनीति एक नए मोड़ पर खड़ी दिखाई देती है। TVK को मिल रहा लगातार समर्थन इस बात का संकेत है कि राज्य में राजनीतिक पुनर्संरचना की कोशिश चल रही है।
हालांकि चुनावी जीत और राजनीतिक प्रभाव के बीच बड़ा अंतर होता है। Ground Organisation, Policy Clarity और Alliance Stability आने वाले समय में निर्णायक साबित होंगे।
विजय की पार्टी फिलहाल Momentum हासिल करती दिख रही है, लेकिन असली परीक्षा चुनावी मैदान में होगी।




