

सुलखान सिंह पूर्व डीजीपी यूपी
कॉलेजों (महाविद्यालयों) का हाल
शीर्ष 100 में तमिलनाडु 35, दिल्ली 32, केरल १5, बंगाल 8, महाराष्ट्र 3, कर्नाटक 2, हरियाणा-गुजरात-पुडुच्चेरी 1। बाक़ी सारे हिंदीभाषी प्रदेश शून्य
60 70 करोड़ लोग अयोध्या-मथुरा-काशी (Ayodhya-Mathura-Kashi), हिंदू-मुस्लिम (Hindu-Muslim), अगड़ा-पिछड़ा में भविष्य बना रहे हैं। प्रति व्यक्ति आय में सबसे नीचे, उद्योग धंधों में फिसड्डी, स्वास्थ्य में रसातल में। लेकिन उद्दंडता, अनुशासनहीनता, बदजुबानी, बदकलामी में सबसे आगे। सोशल मीडिया की पोस्टें देखकर, उत्तर प्रदेश (UP) बिहार (Bihar) के हालात वाकई चिंताजनक लगते हैं।



(स्रोत: NIRF)
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लेकिन इससे भी ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि यहां के लोग समझ ही नहीं रहे हैं कि वे कितने पीछे हैं, उनका कितना पतन हो चुका है और वे असभ्यता के कितने गहरे गड्ढे में गिरे पड़े हैं!!
वैसे तो मैं समाज को सचेत करने के उद्देश्य से अक्सर फेसबुक पर लिखता रहा हूं परंतु आज से शुरू करके मैं इस मुद्दे पर गहनता से लिखकर लोगों को जागरूक करने की कोशिश करूंगा । हो सकता है कि लोग अपना भी दिमाग इस्तेमाल करें।







