हाथरस सत्संग हादसा: भोले बाबा को क्लीन चिट देने की कोशिश

उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने 2 जुलाई को हाथरस में हुई भगदड़ के लिए ‘सत्संग’ आयोजकों को दोषी ठहराया, जिसमें 121 लोगों की मौत हो गई थी

Lucknow, (Shah Times)। हाथरस कांड की एसआईटी रिपोर्ट पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने इस रिपोर्ट को राजनीति से प्रेरित बताया है। साथ ही साथ भोले बाबा पर कार्रवाई न करने के लिए यूपी सरकार पर हमला बोला है। दरअसल, एसआईटी रिपोर्ट सामने आने के बाद सरकार ने स्थानीय प्रशासन के खिलाफ एक्शन लिया है।

उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने 2 जुलाई को हाथरस में हुई भगदड़ के लिए ‘सत्संग’ आयोजकों को दोषी ठहराया, जिसमें 121 लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि रिपोर्ट में भोले बाबा यानी सूरजपाल जाटव का नाम शामिल नहीं है। इस बीच एसआईटी की रिपोर्ट पर बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने सवाल खड़े कर दिए हैं और उन्होंने इसे राजनीति से प्रेरित बताया है। साथ ही साथ कहा है बाबा की भूमिका को लेकर सरकार की चुप्पी से चिंता का कारण है।

बसपा सुप्रीमो ने बुधवार को ट्वीट करते हुए लिखा कि यूपी के जिला हाथरस में सत्संग भगदड़ कांड में हुई 121 निर्दोष महिलाओं व बच्चों की दर्दनाक मौत सरकारी लापरवाही का जीता-जागता प्रमाण है, लेकिन एसआईटी की ओर से सरकार को पेश रिपोर्ट घटना की गंभीरता के हिसाब से नहीं होकर राजनीति से प्रेरित ज्यादा लगती है, यह अति-दुखद है।

उन्होंने कहा कि इस अति-जानलेवा घटना के मुख्य आयोजक भोले बाबा की भूमिका के संबंध में एसआईटी की खामोशी भी लोगों में चिंताओं का कारण है। साथ ही, उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के बजाय उसे क्लीनचिट देने का प्रयास खासा चर्चा का विषय है। सरकार जरूर ध्यान दे ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

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