
Tourism and traffic situation on Nainital Mall Road as repairs begin – Shah Times
टोल और पार्किंग फीस बढ़ोतरी से टूरिज़्म चुनौती
होटल एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से नीति की मांग की
नैनीताल में करीब सात साल बाद माल रोड की मरम्मत शुरू होने से यातायात और पर्यटन व्यवस्था में बदलाव आया है। टोल टैक्स और पार्किंग शुल्क बढ़ने से स्थानीय कारोबार पर असर बताया गया है।
📍Nainital ✍️ Afzal Hussain Fauji
माल रोड पर मरम्मत का काम शुरू
नैनीताल की लाइफ लाइन मानी जाने वाली माल रोड पर करीब सात वर्षों के बाद मरम्मत कार्य शुरू किया गया है। यह सड़क झील के किनारे शहर को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है, जिस पर रोज़ाना स्थानीय नागरिकों, पर्यटकों, होटल कर्मियों और सप्लाई वाहनों की आवाजाही रहती है। नगर प्रशासन के अनुसार सड़क की सतह और ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है ताकि बरसात और भारी ट्रैफिक से होने वाले नुकसान को रोका जा सके।
मरम्मत शुरू होने के बाद कुछ हिस्सों में यातायात को सीमित किया गया है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करना पड़ रहा है। होटल एसोसिएशन ने कहा कि अगर यह सड़क धंस जाती तो नैनीताल में टूरिज़्म पूरी तरह ठप हो सकता था, इसलिए मरम्मत को जरूरी कदम बताया गया है, लेकिन काम की गति और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर ध्यान देने की जरूरत भी बताई गई है।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट और पर्यटक आवाजाही
होटल कारोबार से जुड़े लोगों ने बताया कि मरम्मत और ट्रैफिक नियमों के कारण कई पर्यटक पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। कुछ मार्गों पर बसों और टैक्सियों की संख्या कम हो गई है, जिससे शहर के अंदर मूवमेंट प्रभावित हुआ है। टूरिस्ट स्पॉट्स तक पहुंचने में देरी होने से होटल बुकिंग और दिनभर के ट्रैवल प्लान पर असर देखा जा रहा है।
प्रशासन ने जानकारी दी कि सुरक्षा और सड़क की हालत को देखते हुए कुछ अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस की ओर से डायवर्ज़न और पार्किंग ज़ोन तय किए गए हैं ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और काम सुरक्षित तरीके से पूरा हो सके।
टोल टैक्स और पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी
नगर पालिका द्वारा हाल ही में टोल टैक्स और पार्किंग शुल्क बढ़ाए जाने से स्थानीय टूरिज़्म और छोटे कारोबारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। होटल एसोसिएशन के अनुसार, बढ़ी हुई फीस के कारण कई पर्यटक शहर के अंदर अपनी गाड़ियों से आने से बच रहे हैं। इससे होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी और गाइड सेवाओं पर असर पड़ रहा है।
छोटे होटल और गेस्ट हाउस चलाने वालों ने कहा कि उनकी आय में गिरावट के बीच बैंक लोन की किश्तें चुकाना मुश्किल हो रहा है। कुछ व्यवसायियों ने बताया कि ऑफ-सीजन में पहले ही बुकिंग कम रहती है और अतिरिक्त शुल्क से मांग और घट सकती है।
पालिकाध्यक्ष को ज्ञापन
टोल और पार्किंग शुल्क कम किए जाने की मांग को लेकर होटल एसोसिएशन की ओर से नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल को पत्र सौंपा गया। एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि मौजूदा दरों से टूरिज़्म पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और इसे संतुलित करने की जरूरत है।
पालिका अध्यक्ष की ओर से शीघ्र राहत का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने कहा कि राजस्व और टूरिज़्म दोनों को ध्यान में रखते हुए शुल्क व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी और सभी स्टेकहोल्डर्स से बातचीत के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।
निजी वाहनों की एंट्री पर मुद्दा
होटल एसोसिएशन ने यह भी बताया कि नैनीताल में पर्यटकों के निजी वाहनों को सीमित या रोकने से प्राइवेट ट्रैवल एजेंसियों को सीधा लाभ मिल रहा है। एसोसिएशन के अनुसार, जब निजी गाड़ियां शहर में नहीं आ पातीं, तब पर्यटक इन एजेंसियों की टैक्सी और पैकेज पर निर्भर हो जाते हैं।
इन एजेंसियों पर आरोप है कि वे पर्यटकों को जिस होटल में ठहराती हैं, वहां से करीब तीस प्रतिशत कमीशन लेती हैं। होटल मालिकों का कहना है कि इससे उनके मार्जिन पर असर पड़ता है और प्रतिस्पर्धा असंतुलित हो जाती है।
टैक्स और रजिस्ट्रेशन का सवाल
होटल एसोसिएशन ने यह भी कहा कि कई प्राइवेट ट्रैवल एजेंसियां किसी प्रकार का स्थानीय टैक्स अदा नहीं करतीं। साथ ही कुछ होटल, होमस्टे और गाइड बिना पंजीकरण के काम कर रहे हैं। इससे सरकारी राजस्व पर भी असर पड़ता है और अधिकृत कारोबारियों को नुकसान होता है।
प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि पंजीकरण और टैक्स से जुड़ी प्रक्रियाओं की जांच की जा रही है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
विंटर कार्निवाल और पर्यटन
हर वर्ष नैनीताल में होने वाले विंटर कार्निवाल को टूरिज़्म बढ़ाने वाला बड़ा आयोजन माना जाता है। होटल एसोसिएशन ने कहा कि इस कार्यक्रम से शहर में पर्यटकों की संख्या बढ़ती है और होटल, रेस्टोरेंट व लोकल मार्केट को फायदा मिलता है।
हालांकि, कार्यक्रमों के दौरान पुलिस व्यवस्था में कमी के चलते कई बार अव्यवस्था की स्थिति बन जाती है, जिससे कुछ पर्यटकों के बीच नकारात्मक संदेश जाता है। एसोसिएशन ने कहा कि बेहतर सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट से इस इवेंट का प्रभाव और बेहतर हो सकता है।
मुख्यमंत्री से नीति की मांग
होटल एसोसिएशन ने राज्य के मुख्यमंत्री से अपील की है कि सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ संवाद कर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ठोस नीति तैयार की जाए। इसमें होटल, ट्रैवल एजेंसियां, टैक्सी यूनियन, गाइड, नगर पालिका और पुलिस को शामिल करने की बात कही गई है।
एसोसिएशन ने यह भी कहा कि गैर पंजीकृत होटल, होमस्टे, फर्जी ट्रैवल एजेंसियां, फर्जी गाइड और सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि नैनीताल का टूरिज़्म सेक्टर पारदर्शी और सुरक्षित बना रहे।
पत्रकार वार्ता में मौजूद पदाधिकारी
इस मुद्दे पर आयोजित पत्रकार वार्ता में होटल एसोसिएशन के महासचिव वेद साह, कोषाध्यक्ष सी.पी. भट्ट, आलोक साह, रमनजीत सिंह, रुचिर साह, स्नेह छाबड़ा और जितेंद्र जेठी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने संयुक्त रूप से बताया कि वे प्रशासन के साथ संवाद के लिए तैयार हैं और समाधान की दिशा में सहयोग करेंगे।
प्रशासन की स्थिति
नगर प्रशासन और पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि माल रोड की मरम्मत, ट्रैफिक कंट्रोल और शुल्क व्यवस्था का उद्देश्य शहर की दीर्घकालिक सुरक्षा और सुविधा है। अधिकारियों के अनुसार, नैनीताल भूस्खलन और सड़क धंसने के जोखिम वाले क्षेत्र में आता है, इसलिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि पर्यटन उद्योग की चिंताओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और पालिका तथा जिला प्रशासन स्तर पर बैठकें कर संतुलित समाधान खोजा जाएगा।
आगे की प्रक्रिया
माल रोड की मरम्मत का काम आने वाले हफ्तों में अलग-अलग चरणों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान ट्रैफिक डायवर्ज़न, पार्किंग ज़ोन और पब्लिक ट्रांसपोर्ट रूट्स की जानकारी समय-समय पर जारी की जाएगी।
टोल और पार्किंग शुल्क को लेकर पालिका स्तर पर समीक्षा बैठक प्रस्तावित है, जिसमें होटल एसोसिएशन और अन्य कारोबारियों की मांगों पर विचार किया जाएगा। प्रशासन ने कहा कि शहर की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण दोनों को संतुलित रखते हुए निर्णय लिया जाएगा।






