
राजाजी नेशनल पार्क 15 नवंबर से खुलेगा। 500 हाथी, 12 बाघ, 250 तेंदुए और 400 पक्षी प्रजातियों वाला ये पार्क रोमांच और प्रकृति प्रेमियों के लिए खास है।
मौहम्मद शाह नज़र,
देहरादून।
जंगल सफारी का इंतज़ार खत्म होने वाला है। उत्तराखंड का प्रसिद्ध राजाजी नेशनल पार्क 15 नवंबर से पर्यटकों के लिए फिर से खुलने जा रहा है। 830 वर्ग किलोमीटर में फैला यह नेशनल पार्क न सिर्फ राज्य की वन्य धरोहरों में शामिल है, बल्कि रोमांच, प्रकृति और जैव-विविधता का संगम भी है।
यहां करीब 500 से अधिक एशियाई हाथी, 12 बाघ, और 250 तेंदुए रहते हैं। इसके अलावा चित्तीदार हिरण, सांभर, जंगली सूअर, हिमालयी काला भालू और स्लॉथ भालू जैसी कई दुर्लभ प्रजातियां यहां आमतौर पर देखी जा सकती हैं।
पक्षी प्रेमियों का स्वर्ग
राजाजी नेशनल पार्क में 400 से अधिक पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें मोर, हॉर्नबिल, बुलबुल, किंगफिशर और कई हिमालयी पक्षी शामिल हैं। सुबह-सुबह जंगल में गूंजती पक्षियों की आवाज़ किसी संगीत से कम नहीं लगती।
सफारी सीज़न 15 नवंबर से 15 जून तक
वन विभाग के अनुसार, राजाजी पार्क 15 नवंबर से 15 जून तक खुला रहेगा। निदेशक कोको रोसो ने बताया कि सभी गेटों और ट्रैकों की मरम्मत 31 अक्तूबर तक पूरी कर ली जाएगी। इस बार पर्यटकों के लिए सफारी अनुभव को और बेहतर बनाया जा रहा है।
सफारी वाहन स्वामी 25 अक्तूबर तक आवेदन पार्क की वेबसाइट या प्रधान कार्यालय से कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 30 अक्तूबर है।




स्थानीय रोजगार और राजस्व
पार्क में चार प्रमुख रेंज — चिल्लावाली (30 किमी), हरिद्वार रानीपुर (24 किमी), मोतीचूर (22 किमी) और चीला (36 किमी) — में सफारी संचालित की जाती है।
हर साल एक करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त होता है और 200 से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है।
हाथियों की मौतों पर चिंता
इस बीच हरिद्वार क्षेत्र में हाथियों की मौतों ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। ट्रेन से टकराने और बिजली के झटके से कई हाथियों की मौत दर्ज की गई है। विभाग ने इस पर विशेष निगरानी टीमों का गठन किया है और हाथी गलियारों की सुरक्षा पर जोर दिया जा रहा है।
कम खर्च में रोमांच
राजाजी नेशनल पार्क में सफारी का आनंद किफायती दरों पर लिया जा सकता है। पर्यटक बिना अधिक खर्च किए जंगल के बीच हाथी, बाघ और तेंदुओं को नज़दीक से देख सकते हैं। अनुभवी गाइड के साथ जीप सफारी का अनुभव हर किसी के लिए यादगार बन जाता है।
क्या है खास राजाजी टाइगर रिजर्व में
एशियाई हाथी: 500+
बाघ: 12
तेंदुए: 250
पक्षी प्रजातियाँ: 400+
सफारी रेंज: 4 प्रमुख रेंजें
खुलने की अवधि: 15 नवंबर से 15 जून तक
कैसे पहुंचे राजाजी नेशनल पार्क
राजाजी राष्ट्रीय उद्यान का निकटतम रेलवे स्टेशन हरिद्वार है, जबकि हवाई अड्डा जॉलीग्रांट (देहरादून) में स्थित है। देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश और दिल्ली से सड़क मार्ग द्वारा यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है।
राजाजी टाइगर रिजर्व सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि प्रकृति, संरक्षण और रोमांच का संगम है। 15 नवंबर से शुरू होने वाला यह सफारी सीज़न उत्तराखंड की प्राकृतिक धरोहर का उत्सव साबित होगा।






