साढ़े चार करोड़ की धोखाधड़ी करने का प्रकरण,आत्महत्या के बाद आया नया मोड़

एसटीएफ ने जांच को दून पुलिस से करवाने के लिए एडीजी एलओ को लिखा पत्र

 

अपर पुलिस महानिदेशक ने दून पुलिस को भेजे जांच करने के लिए दस्तावेज

प्रवेश कुमार मित्तल ने डीजीपी को दिया था शिकायती प्रार्थना पत्र और दस्तावेज

मृतक मोहित भटेजा की पत्नी ने प्रवेश और उसके बेटे समेत कई के खिलाफ लिखवाया मुकदमा

देहरादून/मयूर गुप्ता,(Shah Times)। जमीन खरीदने के नाम पर तीन से अधिक लोगों द्वारा करीब साढ़े चार करोड़ रूपये की धोखाधड़ी करने के मामले की जांच किसी निष्पक्ष जांच एजेंसी से करवाने के लिए डीजीपी को दिए गए प्रार्थना पत्र के बाद पूरे मामले की जांच कर रही एसटीएफ की जांच के दौरान एक आरोपी द्वारा अपने मकान पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिए जाने की जानकारी के बाद आनन-फानन में एसटीएफ ने अपर पुलिस महानिदेशक को धोखाधड़ी की जांच देहरादून पुलिस से करवाएं जाने के लिए पत्र लिखा तो तत्काल उसकी जांच दून पुलिस के सुपूर्द कर दी गई जो कि प्रचलित है।

दून ट्रफलनगर सोसाईटी धोरण रोड निकट आईटी पार्क निवासी प्रवेश कुमार मित्तल पुत्र स्व.टी.पी.मित्तल ने पुलिस महानिदेशक से उनके कार्यालय में मिलकर एक प्रार्थना पत्र दस्तावेजों के साथ सौंपा था। प्रार्थना पत्र में मोहित भटेजा निवासी सी 505 सोलिएटर एवेन्यु जीएमएस रोड और उसके सहयोगियों अनिल डाबर, चिराग बवेजा और सपना बवेजा आदि लोगों पर रामनगर में जमीन खरीदने के नाम पर उसके साथ साढ़े चार करोड़ रूपये की धोखाधड़ी करने और अन्य लोगों से भी धोखाधड़ी करने की बात कही गई थी।  

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी ने तत्काल इसकी जांच एसटीएफ को सौंप दी थी ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके। एसटीएफ के एसएसपी आयुष अग्रवाल ने साढ़े चार करोड़ रूपये की धोखाधड़ी के मामले की जांच डीजीपी के पत्र मिलने के बाद एसटीएपफ के सीओ आर.बी.चमोला के सुपूर्द कर दी थी। 

बताया जाता है कि जांच के दौरान एसटीएपफ कार्यालय में जांच अधिकारी सीओ ने दोनों पक्षों को अपना-अपना पक्ष रखने और जांच से संबंध्ति दस्तावेजों को सौंपे जाने के लिए उन्हे वहां पर बुलवाया। 

स्पेशल टास्क फोर्स के डिप्टी एसपी द्वारा की जा रही मामले की जांच के दौरान कई मर्तबा दोनों पक्ष प्रवेश कुमार मित्तल और मोहित भटेजा एसटीएपफ कार्यालय पहुंचे और अपनी-अपनी बात जांच अधिकारी के समक्ष रखी। लेकिन साढ़े चार करोड़ रूपये की धोखाधड़ी करने के मामले की जांच के दौरान नया मोड़ आ गया। 

21 फरवरी को मोहित भटेजा ने अपने मकान पर फांसी के फंदे से झुलते हुए मौत को गले लगा लिया। इस बात की जानकारी जब एसटीफ अधिकारियों को मिली तो उन्होंने आनन-फानन में उक्त जांच से अपना पल्ला झाड़ने का काम किया।

स्पेशल टास्क फोर्स एसटीएफ के एसएसपी पीयुष अग्रवाल ने 27 पफरवरी यानी मोहित भटेजा द्वारा की गई आत्महत्या के छहः दिन बाद प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक अपराध् एवं कानून व्यवस्था को पत्रा लिखा। पत्रा के पत्रांक संख्या एसटीफ-जांच/2024 में इस बात का उल्लेख किया गया कि जांच अधिकारी की जांच आख्या से आवेदक एवं मोहित भटेजा का परिचित होना और उनके माध्य जमीन की खरीद फरोख्त सम्बन्धी लेनदेन होना अंकित किया गया है।

अपने पत्र में एसएसपी एसटीएफ ने इस बात का भी उल्लेख किया कि विपक्षी मोहित भटेजा द्वारा 21 फरवरी को आत्महत्या करना जिसके संबंध में पटेलनगर कोतवाली में  मु.अ.स. 133/24 धरा 306 पंजीकृत होना, उपरोक्त अभियोग एवं प्रकरण का एक दूसरे से परस्पर सम्बन्ध्ति होना आदि तथ्य अंकित किए गए पूरे प्रकरण की जांच दून पुलिस से करवाएं जाने का अनुरोध किया है। एसटीएपफ के एसएसपी के पत्रा के बाद एडीजी एलओ ने 28 पफरवरी को डीआईजी एलओ को उक्त पत्र का संज्ञान लेने को संबंध्ति प्रकरण की पत्रावली उनके कार्यालय भेज दी। डीआईजी ने साढ़े चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की जांच दून पुलिस से करवाएं जाने के लिए उक्त प्रकरण से संबंध्ति दस्तावेजों को दून पुलिस के सुपूर्द कर दिया। जिसकी जांच अब दून पुलिस द्वारा संपादित की जा रही है।

वहीं दूसरी ओर मृतक मोहित की पत्नी  आंचल ने 22 फरवरी को पटेलनगर कोतवाली में मु.अ.स. 133/24 में प्रवेश कुमार मित्तल, उसके पुत्रा राधव मित्तल और मरिनल डोभाल निवासी दून ट्रफलनगर के खिलाफ दर्ज करवाएं गए मुकदमे में इस बात का उल्लेख किया कि उनके द्वारा मेरे पति को परेशान किया जा रहा था। 

मृतका की पत्नी ने मुकदमे में इस बात का भी जानकारी दी कि उक्त नामजद आरोपियों पर मेरे पति के काफी पैसे थे जिनकों आरोपी काफी समय से दे नहीं रहे थे। 

रिपोर्ट में इस बात का भी उल्लेख आंचल ने किया कि मेरे पति पर दबाव बनाने के लिए एसटीफ में झूठे प्रार्थना पत्र देकर बार-बार बुलवाकर दबाव बनाया जा रहा था। उसने रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया कि मित्तल के लोगों द्वारा मेरे पति को रास्ते में रोककर डराया धमकाया जा रहा था,मेरे परिवार को जान से मारने को कहा जा रहा था। रिपोर्ट में बताया गया कि मेरे पति ने डीजीपी,आईजी,एसएसपी और पटेलनगर पुलिस को लिखित सूचना दे दी थी लेकिन प्रार्थना पत्रा पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जैसे ही मोहित भटेजा ने फांसी लगाकर मौत को गले लगाया वैसे ही एसटीएफ ने भी जांच से अपना पल्ला झाड़ लिया।

मेरे पति का आरोपी और उसके बेटे के सामने टार्चर करती थी एसटीएफ

मोहित भटेजा की मौत के मामले में जब शाह टाइम्स संवाददाता ने आंचल भटेजा से उनके मोबाइल नंबर पर उनका स्पष्टीकरण मांगा तो उन्होंने बताया कि जिस दिन उनके पति ने फांसी लगाकर आत्महत्या की उससे ठीक एक दिन पहले 20 फरवरी को एसटीएपफ ने मोहित भटेजा को एसटीएफ कार्यालय बुलवाया था। उन्होंने बताया कि एसटीएफ कार्यालय वह अपने पति के साथ गई थी तो वहां पर पहले से प्रवेश मित्तल और उनका बेटा राधव मित्तल मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि एसटीएफ अध्किारी ने उन्हे शीशे के पीछे एक कमरे में बैठा दिया था और उसके पति को वह दोनों के सामने टार्चर कर रहे थे।आंचले ने आरोप लगाया कि एसटीएफ द्वारा एक पक्षीय कार्रवाई किए जाने और टार्चर किए जाने से क्षुब्ध् होकर उसके पति ने उस समय अपने मकान पर ही फांसी लगाकर मौत को गले लगा लिया था जब वह मकान से बाहर गई हुई थी। मोहित भटेजा द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने और आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले की विवेचना एसआईएस में तैनात निरीक्षक संजय द्वारा संपादित की जा रही है। 

शाह टाइम्स संवाददाता ने प्रवेश मित्तल से भी उनके मोबाइल पर बात की और उनका स्पष्टीकरण का प्रयास किया तो उन्होंने यह कहकर की वह मुकदमा पहले दर्ज करवा चुके है और अपने बयान भी अंकित करवा चुके है उन्हे कुछ नहीं कहना उन्होंने मोबाइल डिस्कनेक्ट कर दिया।

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