देश के युवाओं को नए हुनर सिखाने की जरूरत : जयंत चौधरी 

Jayant Chaudhary shahtimesnews
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राज्य सभा के सदस्य एवं राष्ट्रीय लोक दल के नेता जयंत चौधरी ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) का कार्यभार संभाला

नई दिल्ली,(Shah Times)। राज्य सभा के सदस्य एवं राष्ट्रीय लोक दल के नेता जयंत चौधरी ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) का कार्यभार संभाला और कहा कि देश के युवाओं के कौशल बढ़ाने और उन्हें नए नये हुनर सिखाने की जरूरत है ताकि उन्हें आकांक्षाएं पूरी करने में मदद मिल सके।

जयंत चौधरी का कौशल भवन में उनके कार्यालय में पहुंचने पर विभाग के सचिव अतुल कुमार तिवारी ने स्वागत किया।उन्होंने कहा, “भारत की विशाल युवा आबादी को अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए कौशल और कौशल उन्नयन की आवश्यकता है।यह काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के दृष्टिकोण के साथ पूरी तरह से मेल खाता है जहां प्रत्येक नागरिक को देश की समृद्धि में योगदान करने और फलने-फूलने का अवसर मिले।

जयंत  चौधरी ने कहा कि जीवन के सभी क्षेत्रों में नए और उद्योग से जुड़े कौशल की निरंतर आवश्यकता है, और मुझे विश्वास है कि मंत्रालय के सतत प्रयास कौशल और रोजगार परिदृश्य पर ठोस प्रभाव डालेंगे।”कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय इस समय प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) और राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) जैसी प्रमुख योजनाएं चला रहा है।

ये कार्यक्रम रोजगार क्षमता बढ़ाने और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।मंत्रालय देश भर में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दे रहा है तथा मंत्रालय कौशल विकास कार्यक्रमों को वैश्विक मानकों के साथ जोड़ा जा रहा है ताकि युवाओं को अंतराष्ट्रीय कर अंतर्राष्ट्रीय रोजगार बजार में अधिक अवसर मिल सकें।स्किल इंडिया डिजिटल हब (एसआईडीएच ) जैसे प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से डिजिटल तकनीकों को अपनाकर, बुनियादी ढाँचे को बढ़ाकर और समावेशी कौशल प्रशिक्षण को बढ़ावा देकर, एमएसडीई का उद्देश्य व्यक्तियों को सशक्त बनाने की पहल भी की गयी है।

जयंत चौधरी पहले संसद की वाणिज्य संबंधी स्थायी समिति, वित्त संबंधी परामर्शदात्री समिति, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और सरकारी आश्वासनों संबंधी समिति के सदस्य थे।वह कृषि और वित्त संबंधी स्थायी समितियों के साथ-साथ आचार संबंधी समिति में भी कार्य कर चुके हैं।

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