
अमेरिका और हमास के बीच गुप्त वार्ता से गाजा में बंधकों की रिहाई की उम्मीद जगी है। ट्रंप प्रशासन की इस रणनीति ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। जानें पूरी खबर।
वाशिंगटन,(Shah Times) ।अमेरिकी प्रशासन ने गाजा में मौजूद हमास नेतृत्व के साथ गुप्त वार्ता की है। इसका मकसद गाजा में बंधक बनाए गए अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करना है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह बातचीत इजरायल को पूर्व में जानकारी दिए बिना की गई थी।
यह पहली बार है जब अमेरिका और हमास के बीच प्रत्यक्ष संपर्क हुआ है। अमेरिका ने 1997 में हमास को आतंकवादी संगठन घोषित किया था और अब तक उससे किसी भी प्रकार की आधिकारिक वार्ता से इनकार करता रहा है। लेकिन बदलते हालात और बंधकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रंप प्रशासन ने यह कदम उठाया।
कतर में हुई बातचीत
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत एडम बोहलर ने हाल ही में कतर की राजधानी दोहा में हमास नेताओं के साथ मुलाकात की। इस बैठक में बंधकों की रिहाई को लेकर चर्चा की गई। अमेरिका ने इजरायल को इस संभावित बातचीत की सूचना दी थी, लेकिन इजरायल को इसकी पूरी जानकारी अन्य माध्यमों से मिली।
गौरतलब है कि गाजा में हमास के कब्जे में 59 बंधक होने की बात सामने आई है, जिनमें से पांच अमेरिकी नागरिक हैं। अमेरिका चाहता है कि इन बंधकों की रिहाई के लिए जल्द से जल्द समाधान निकाला जाए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी
इस बातचीत के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा:
“सभी बंधकों को तुरंत रिहा करो, अन्यथा परिणाम बहुत गंभीर होंगे।”
उन्होंने हमास आतंकियों को ‘बीमार मानसिकता’ का बताते हुए कहा कि यदि उन्होंने बंधकों को नुकसान पहुंचाया, तो इसका अंजाम बेहद गंभीर होगा।
गाजा में युद्धविराम और संघर्ष की स्थिति
गाजा में इजरायल और हमास के बीच अक्टूबर 2023 से जारी संघर्ष में हाल ही में अस्थायी युद्धविराम हुआ था। हालांकि, अमेरिका को चिंता है कि यदि इस युद्धविराम को आगे नहीं बढ़ाया गया, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
इस मामले पर चर्चा करने के लिए व्हाइट हाउस के विशेष दूत स्टीव विट्कॉफ कतर के प्रधानमंत्री से मिलने वाले थे, लेकिन हमास की तरफ से सकारात्मक रुख नहीं दिखने के कारण यह बैठक रद्द कर दी गई।
क्या वार्ता से हल निकलेगा?
अमेरिका और हमास के बीच यह सीधी बातचीत पिछले अमेरिकी प्रशासन की नीतियों से अलग मानी जा रही है। ट्रंप प्रशासन ने इस कदम से यह संकेत दिया है कि वह बंधकों की सुरक्षित रिहाई और क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति समझौते के लिए नए विकल्प तलाशने को तैयार है।
हालांकि, इजरायल ने इस वार्ता को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि बिना उसके सहयोग के की गई कोई भी बातचीत उसके हितों के लिए सही नहीं होगी। अब देखना यह होगा कि क्या यह गुप्त वार्ता अमेरिकी बंधकों की रिहाई और गाजा में शांति स्थापित करने में सफल होती है या नहीं।
Hostage Crisis in Gaza: Donald Trump’s Stern Warning to Hamas





