
हल्दी और मोरिंगा का पानी पीने से हमारी सेहत पर क्या असर पड़ता हैं?

आजकल अपनी सेहत को लेकर जागरूक हो रहे हैं। जिसके चलते लोग प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपायों की ओर तेजी से लौट रहे हैं। इसी कड़ी में हल्दी और मोरिंगा (सहजन) का पानी पीने का चलन बढ़ा है। सोशल मीडिया से लेकर योग शिविरों तक, इसे कई बीमारियों का रामबाण बताया जा रहा है। लेकिन सवाल यह है कि इसका हमारी सेहत पर वास्तविक असर क्या होता है? आइए, आज आपके इन्ही सवालों खा जवाब लेकर हम आएं हैं?
हल्दी के फायदे
सूजन कम करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक?
हल्दी भारतीय रसोई का अभिन्न हिस्सा है। इसमें मौजूद करक्यूमिन नामक तत्व अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार हल्दी का पानी नियमित रूप से पीने से शरीर में सूजन कम हो सकती है, इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और पाचन में सुधार आता है। कुछ शोध यह भी संकेत देते हैं कि हल्दी हृदय रोग और गठिया जैसी समस्याओं में सहायक हो सकती है।
मोरिंगा के फायदे।
पोषक तत्वों से भरपूर
मोरिंगा को “सुपरफूड” कहा जाता है। इसमें आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम, विटामिन A, C और प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। मोरिंगा का पानी पीने से ऊर्जा स्तर बढ़ने, ब्लड शुगर नियंत्रित रहने और कोलेस्ट्रॉल घटने में मदद मिल सकती है। ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से इसे कुपोषण से लड़ने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है।
हल्दी और मोरिंगा का पानी पीने से होने वाले फायदे?
जब हल्दी और मोरिंगा को एक साथ पानी में उबालकर पिया जाता है, तो माना जाता है कि इनके गुण एक-दूसरे को पूरक बनाते हैं। यह मिश्रण शरीर को डिटॉक्स करने, वजन नियंत्रित रखने और त्वचा की सेहत सुधारने में सहायक हो सकता है।
हालांकि, डॉक्टर चेतावनी देते हैं कि हर प्राकृतिक चीज़ हर किसी के लिए समान रूप से फायदेमंद नहीं होती। गर्भवती महिलाएं, लो ब्लड प्रेशर या ब्लड थिनर दवाएं लेने वाले लोग इसे नियमित रूप से लेने से पहले चिकित्सक की सलाह लें। अधिक मात्रा में सेवन से पेट में जलन या मतली जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
निष्कर्ष
हल्दी और मोरिंगा का पानी कोई चमत्कारी औषधि नहीं, लेकिन संतुलित मात्रा और सही जीवनशैली के साथ यह सेहत को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है।







