
बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के मुंबई आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट पर हुई फायरिंग मामले से जुड़ा घटनाक्रम
मुंबई, (Shah Times)। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने मुंबई में अपने आवास पर हुई फायरिंग मामले से जुड़े घटनाक्रम में एक आरोपी की हिरासत में मौत की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराये जाने की मांग से संबंधित याचिका में अपना नाम हटाने का आग्रह किया है।न्यायमूर्ति एनआर बोरकर और न्यायमूर्ति सोमशेखर सुंदरेसन की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष याचिका की सुनवाई के दौरान अभिनेता के वकील आबाद पोंडा ने आरोपी अनुज थापन की मां रीता देवी की ओर से सीबीआई जांच की मांग को लेकर दायर याचिका में प्रतिवादी के रूप में अभिनेता का नाम हटाने की मांग की।
थापन का शव मुंबई क्राइम ब्रांच लॉकअप में लटका हुआ पाया गया था जहां उसे रखा गया था। रीता देवी ने अपनी याचिका में दावा किया कि उनके बेटे को हिरासत में प्रताड़ित किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।संबंधित मामले में बहस के दौरान पोंडा ने दावा किया कि सलमान के खिलाफ कोई आरोप नहीं था फिर भी याचिका में उनका नाम डालकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया गया। याचिका में दावा किया गया कि वह (सलमान) आरोपी की हिरासत में मौत के लिए जिम्मेदार थे।दूसरी ओर रीता देवी के वकील ने कहा कि वह अभिनेता के खिलाफ कोई निर्देश की मांग नहीं कर रहे हैं और प्रतिवादी के रूप में उनका नाम हटाने पर सहमत हैं।
अदालत ने रीता देवी से राज्य सीआईडी को प्रतिवादी के रूप में जोड़ने के लिए कहा क्योंकि वह हिरासत में मौत की जांच कर रही है।पुलिस ने कहा कि उच्च न्यायालय के 15 मई के निर्देश के अनुसार उस थाने के सीसीटीवी फुटेज को संरक्षित कर लिया गया है जहां थापन को रखा गया था। इसके साथ ही थाने और संबंधित पुलिस अधिकारियों के कॉल डेटा रिकॉर्ड (सीडीआर) भी संरक्षित किए गए हैं।न्यायालय ने थापन की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर भी राज्य सरकार से सवाल किया था और कहा था कि शव परीक्षण रिपोर्ट में थापन की गर्दन पर चोट के निशान का चित्र शामिल नहीं किया गया। यह भी पूछा कि क्या कोई अन्य चोट के निशान थे।थापन का शव एक मई को क्रॉफर्ड मार्केट में क्राइम ब्रांच के लॉक-अप के शौचालय में लटका हुआ पाया गया था।
पुलिस ने दावा किया कि उसने इसके के लिए बेडशीट का इस्तेमाल किया। अदालत ने कहा कि रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि थापन की मृत्यु दम घुटने से हुई।न्यायमूर्ति बोरकर ने टिप्पणी की कि यह गला घोंटने के कारण भी हो सकता है। इसके बाद राज्य सरकार के अधिवक्ता जयेश याग्निक ने पीठ को एक पूरक रिपोर्ट दिखाई जिसमें थापन के शरीर पर चोट के निशानों का उल्लेख था। याग्निक ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट अधूरी नहीं थी।न्यायाधीशों ने अभियोजन पक्ष से मृतक की मां को रिपोर्ट पढ़ने की अनुमति देने को कहा। अदालत के सवाल पर याग्निक ने कहा कि एक मजिस्ट्रेट कथित हिरासत में मौत की जांच कर रहे हैं और अभी जांच जारी है।






