एक्स यानी ट्विटर पर ट्रेंड हुआ “मेरठ मांगे योगेश वर्मा “

मेरठ में अखिलेश के टिकट का खुद सपाइयों में विरोध शुरू टिकट

वितरण से दलित मुस्लिम में दिखी भारी नाराज़गी

सपाई बोले पार्टी ने नही किया पुनः विचार तो करना होगा 2027 में भी इंतज़ार

मेरठ।शाहवेज खान,(Shah Times) l आज चुनाव आयोग देश मे चुनाव आचार संहिता लगाएगा और देश मे लोकसभा चुनाव का बिगुल बजेगा,  चुनाव में टिकट और हार जीत के आंकड़ों को देखते हुए राजनीतिक पार्टियां अपने  सभी पत्ते खोलने को है यूपी में सबकी निगाहें  इंडिया अलायंस पर है  ऐसे में शुक्रवार की रात  जैसे ही इंडिया अलायंस की तरफ से सपा ने मेरठ से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता और ईवीएम हटाओ अभियान को गति देने वाले सूर्य प्रताप भानु का टिकट फाइनल किया वैसे ही मेरठ में समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं मायूसी दिखाई दी। 

समाजवादी पार्टी के नेता सार्वजनिक मंच से अखिलेश यादव द्वारा किए गए टिकट का विरोध करते हुए दिखाई दे रहे हैं कई नेताओं ने पार्टी से इस्तीफे की भी बात की है खुद सपाई इस टिकट को  सार्वजनिक मंच से डमी कंडिडेट तक कह रहे है , मेरठ की जनता और कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी ने बाहरी का टिकट पर मेरठ के नेताओ और कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ा है। सपाइयों ने अपनी प्रतिकिर्या देते हुए कहा कि मेरठ में अनगिनत ऐसे चहरे है जो लोकसभा चुनाव मजबूती से लड़ सकते है उसके बावजूद पार्टी ने जो फैसला लिया उससे पार्टी का बेस वोट यानी मुस्लिम भी छिटक सकता है। जैसा मेयर के चुनाव में हुआ।और इसका खामियाजा  2027  के चुनाव में भी समाजवादी पार्टी को उठाना पड़ेगा जिससे जीत का इंतजार भी मेरठ में पार्टी को  करना पड़ सकता है। 

आपको बता दे कि मेरठ की जनता योगेश वर्मा और अतुल प्रधान दोनों में से किसी एक का टिकट फाइनल मानकर चल रही थी लेकिन दोनों में शुरू हुई आपसी रार को देखते हुए अखिलेश यादव ने बाहरी व्यक्ति को मैदान में उतरना ही मुनासिब समझा। लेकिन मेरठ की जनता का कहना है कि मेरठ में और भी कई चेहरे पर दाव खेला जा सकता था हालांकि जीत और उत्साह की नजर से मेरठ की जनता योगेश वर्मा की तरफ देख रही थी योगेश वर्मा मुस्लिम समाज में एक अच्छी पकड़ रखते हैं और वह दलित समाज  में बड़े नेता माने जाते हैं इन दोनों को देखते हुए मेरठ के अंदर दलित मुस्लिम समीकरण अच्छी तरह साधा जा सकता था लेकिन अखिलेश यादव ने विधानसभा चुनाव की तरह ही लोकसभा के टिकट वितरण में एक बार फिर समाजवादी पार्टी को पीछे की तरफ जाने के लिए मजबूर कर दिया है। 

एक्स ( ट्विटर) पर ट्रेंड हुआ # मेरठ मांगे  योगेश वर्मा शुक्रवार की शाम अखिलेश यादव ने अधिवक्ता भानु प्रताप का टिकट फाइनल कर दिया इसके बाद मेरठ के युवाओं और बुद्धिजीवी वर्ग भी हैरान दिखाई दिए वही शनिवार को अचानक ट्विटर यानी एक्स पर  एक अलग ही ट्रेंड देखने को मिला यहां पर मेरठ मांगे योगेश वर्मा ट्रेंडिंग करता हुआ दिखाई दिया। मेरठ मांगे योगेश वर्मा के ट्रेड करते ही मेरठ की सियासत में भूचाल आ गया जो कार्यकर्ता मायूस बैठे थे उनमें अचानक जोश देखने को मिला मेरठ के इतिहास में यह पहली बार हुआ है की कोई नेता ट्विटर यानी एक्स पर  पहले नंबर पर ट्रेड करता दिखाई दिया। चंद्र मिनट में ही हजारों पोस्ट एक्स पर दिखाई दी ।

लोगों का कहना है कि वह अखिलेश यादव को मेरठ की सच्चाई से रूबरू कराना चाहते हैं और उसके बावजूद भी अगर अखिलेश यादव मेरठ की सियासत को समझ नहीं पाए तो फिर 2027 में समाजवादी पार्टी को मेरठ से जीत का ख्वाब  भी भूलना होगा।

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