
आप भी बना रहे हैं ऋषिकेश घूमने का प्लान तो इन मंदिरों के दर्शन अवश्य करें?

गर्मियों की छुट्टियां पड़ते ही लोग बाहर घूमने जाने का प्लान करते हैं।कुछ बच्चे तो अपने नाना, बुआ, मौसी के घर जाना पसंद करते हैं तो वहीं ज्यादातर लोग छुट्टियों में अपने बच्चों के साथ हिल स्टेशन पर जाना पसंद करते हैं। जैसे शिमला मसूरी ऋषिकेश आदि। वहां जाने का एक सबसे बड़ा रीजन शांत वातावरण, ठंडी हवाएं, सुंदर पहाड़ और हरियाली भी होता है क्योंकि, पर्वतीय इलाकों के नजारे मन को मोह लेते हैं। अगर आप भी इन छुट्टियां में ऋषिकेश ढाने का प्लान बना रहे हैं तो आज हम आपको वहां मौजूद कुछ ऐसे मंदिरों के बारे में बताने वाले हैं, जो अपनी सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है और अपनी प्राचीन सभ्यता के लिए जाने जाते हैं।
गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही लोग हिल स्टेशन घूमने का प्लान फैमिली और फ्रेंड्स के साथ करने लगते हैं। समर वेकेशन के लिए लोग आमतौर पर पहाड़ी जगहों को चुनते हैं। इसके पीछे वजह यहां का शांत वातावरण और प्रकृति की छांव और सफेद चमकते बर्फ से ढके पहाड़ हैं, जो भागदौड़ भरी जिंदगी में दिल दिमाग और शरीर को सुकून देने वाला होता है। इसलिए लोग हिल स्टेशन पर समर वेकेशन मनाना पसंद करते हैं। दिल्ली के आस-पास रहने वाले ऋषिकेश, हरिद्वार, नैनीताल, मंसूरी, शिमला, जैसे हिल स्टेशन पर जाना पसंद करते हैं। अगर आप इस साल उत्तराखंड में छुट्टियां बिताने का सोच रहे हैं और आपको अध्यात्म और धर्म में रूचि है तो आप ऋषिकेश के 5 मंदिरों में एक बार जरूर दर्शन करें। मान्यता है यहां दर्शन पूजन करने से सारी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।
नीलकंठ महादेव मंदिर
यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। आपको बता दें कि भोलेनाथ को नीलकंठ भी कहते हैं। यह मंदिर ऋषिकेश से थोड़ी दूर, पौड़ी गढ़वाल में स्थित है। माना जाता है यह वही स्थान है जहां पर समुद्र मंथन से निकलने वाले विष को भगवान शंकर ने पीया था। यही कारण है इस मंदिर का नाम नीलकंठ रखा गया।
त्र्यंबकेश्वर मंदिर
यह मंदिर ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला के पास स्थित है। इस मंदिर में कुल 13 मंजिल हैं। हर मंजिल में अलग-अलग देवताओं की मूर्तियां विराजमान हैं। मंदिर के आस-पास गंगा नदी और पहाड़ियां इस मंदिर की खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं।
त्रिवेणी घाट
आप ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट की गंगा आरती में जरूर शामिल हों। यह प्रसिद्ध घाट है, जहां हर शाम गंगा जी की भव्य आरती होती है। आपको बता दें कि इस जगह पर ही गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम होता है। यह घाट बहुत शांत और सुंदर है। जहां पर आप कुछ देर बीताते हैं, तो अध्यात्मिक ऊर्जा का एहसास होगा।
भारत माता मंदिर
भारत माता मंदिर, जिसे मदर इंडिया मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, हरिद्वार में स्थित सबसे ज़्यादा देखे जाने वाले मंदिरों में से एक है। इसमें 8 मंज़िलें हैं, जो किसी खास थीम और भगवान को समर्पित हैं। यह मंदिर 180 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। आप वहां से पूरे हरिद्वार और हिमालय का दृश्य देख सकते हैं।
कुंजापुरी देवी मंदिर
यह एक पवित्र प्रसिद्ध देवी मंदिर है, जो 1676 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह उत्तराखंड के 52 शक्तिपीठ में शामिल है। कहा जाता है इसी स्थान पर माता सती की जली छाती गिरी थी। यहां से बर्फ से ढके पहाड़, गंगोत्री, बंदरपंच और चौखंबा की चोटियों का शानदार नजारा देखने को मिलता है।
चंडी देवी मंदिर
यह मंदिर हरिद्वार में नील पर्वत पर स्थित है। माना जाता है यह मंदिर करीब 1200 साल पुराना है।और शक्तिपीठ में भी आता है। इस मंदिर की बहुत मान्यता है और लोग चंडी देवी के दर्शन करने दूर दूर से आते हैं।
मनसा देवी मंदिर
यह मंदिर माता मनसा देवी को समर्पित है। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए कठिन चढ़ाई करनी पड़ती है या फिर आप यहां पर रोपवे के सहारे भी जा सकते हैं। मान्यता है यहां मांगी गई हर मुराद पुरी होगी।







