दुनियां में 30 प्रतिशत लोग जूझ रहे हैं एलर्जी से

आजकल एलर्जी एक आम समस्या बन गई है। जैसे ही मौसम में थोड़ा बदलाव होता है, लोगों को एलर्जी होने लगती है। वैसे तो इसके कई और कारण भी हो सकते हैं

New Delhi , (Shah Times)। कभी कभी मौसम के बदलने से भी हम इस बीमारी का शिकार हो सकते है। आपको बता दें कि हम सब को कभी न कभी किसी न किसी चीज से एलर्जी तो अवश्य हुई ही होगी। हर व्यक्ति को अलग अलग चीजों से एलर्जी हो जाती है। किसी को धूल-मिट्टी से एलर्जी होती है। जिससे बार-बार छीकें आती है। तो किसी को फूड एलर्जी हो, जिससे स्किन में रैशेज हो जाते हों। आपको ये जानकर हैरानी होगी की विश्व में 30 प्रतिशत लोग इसी बीमारी से जूझ रहे हैं। जी हां ये बिल्कुल सच है।

आजकल एलर्जी एक आम समस्या बन गई है। जैसे ही मौसम में थोड़ा बदलाव होता है, लोगों को एलर्जी होने लगती है। वैसे तो इसके कई और कारण भी हो सकते हैं जैसे कमजोर इम्यूनिटी, प्रदूषण, गलत खान-पान आदि। कभी कभी तो ये एलर्जी इतनी घातक साबित हो जाती हैं की इंसान की जान पर बन आती हैं। एलर्जी सिर्फ इंसान को नही बल्कि जानवर भी इसका सामना करते हैं। कभी कभी तो जानवरों के चपेट में आने से भी हम एलर्जी का शिकार हो सकते है।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार किसी भी फॉरेन सब्सटेंस यानी बाहरी पदार्थ के प्रति हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम का सक्रिय हो जाना एलर्जी है। मेडिसिन की भाषा में इन विदेशी पदार्थों को एलर्जेन कहते हैं।

एलर्जी होने के कारण

•ऑस्ट्रेलियन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी एंड एलर्जी के अनुसार एलर्जेन के कारण ही एलर्जी होती है।

•ये एलर्जेन धूल के कण (डस्टमाइट) पालतू जानवर, कीड़े, फफूंद, खाद्य पदार्थ और दवाओं में हो सकते हैं।

•कमजोर इम्यूनिटी ही हमारे शरीर की दुश्मन है। यही एलर्जी का मुख्य कारण भी है।

•जब एटोपिक लोग (जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है) एलर्जेंस के संपर्क में आते हैं तो उन्हें एलर्जी संबंधी समस्याएं हो जाती हैं।

•लैंसेट में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक यूरोप में 20 फीसदी लोग एलर्जी से पीड़ित हैं, लेकिन डॉक्टरों और शोधकर्ताओं के पास इस सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं है कि एलर्जी क्यों होती है।

शरीर में एलर्जेन श्वास, त्वचा और खाने की नली के द्वारा प्रवेश कर सकते हैं, जिससे इसके अलग-अलग लक्षण देखने को मिलते हैं। जब एलर्जेन शरीर में प्रवेश करता है तो यह एंटीबॉडी प्रतिक्रिया को सक्रिय कर देता है। जिससे इसका असर त्वचा, आंखों और नाक-गले में नजर आने लगता है। एलर्जी एक ही समय में शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित करती है। जैसे नाक, कान, आंख

दरअसल जब एलर्जी पैदा करने वाले तत्व सांस के माध्यम से बॉडी में प्रवेश करते हैं तो नाक बहने लगती है और इसमें बलगम बनने लगता है। साथ ही वह सूज जाती है। उसमें जलन और खुजली भी होने लगती है। फिर सर्दी, खांसी, छींकें आना, आंखों से पानी आना और गले में खराश होना भी इसमें आम बात है।

एलर्जी का सबसे ज्यादा असर हमारी स्किन पर ही पड़ता है। एलर्जी के कारण होने वाली त्वचा संबंधी समस्याओं में एटोपिक डर्माटाइटिस (एक्जिमा) और अर्टिकेरिया (पित्ती) शामिल हैं। इसमें स्किन में रैशेज और दाने हो जाते हैं। एलर्जी के कारण अस्थमा हो सकता है। कई बार लोगों को अस्थमा का पता भी नहीं चल पाता है कि उन्हें ये बीमारी है। जब कोई एलर्जेन सांस के जरिए अंदर जाता है तो श्वास नली में सूजन आ जाती है और इससे सांस लेना बेहद मुश्किल हो जाता है।

एक्सपर्ट के अनुसार आमतौर पर एलर्जी पैदा करने वाले खाद्य पदार्थों में मूंगफली, सी फूड, डेयरी प्रोडक्ट और अंडे शामिल हैं। बच्चों में गाय के दूध से भी एलर्जी होने की संभावना रहती है और इससे एक्जिमा, अस्थमा, पेट दर्द हो सकता है।

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