
12 घंटे तक पुलिस रही बेखबर ,हमलावरों में पुलिस वालों के बेटे शामिल
मुरादाबाद। मुरादाबाद में एसएसपी के बंगले के पास हुई बमबाजी में एक युवक के हाथ के चिथड़े उड़ गए। युवकों के बीच बमबारी और फायरिंग की घटना हुई है। इसमें दो युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। गोली चलाने और बमबाजी करने का आरोप पुलिस कर्मियों के बेटों पर लगा है। इनमें से एक ट्रैफिक में तैनात पुलिस वाले का बेटा भी बताया जा रहा है। घायलों में से एक की हालत नाजुक है और उसे दिल्ली रेफर किया गया है।
मुरादाबाद में बंगला गांव निवासी विष्णु ने बताया कि शुक्रवार को रात 12 बजे वह अपने भाई बाॅबी का बर्थडे मनाकर लौट रहा था। तभी पीली कोठी से निकलने के बाद माॅडल शाॅप के पास कुछ युवकों में आपस में झगड़ा हो रहा था। इन लोगों ने पहले बम फेंके फिर फायरिंग शुरू कर दी। देसी बमों से हुए हमले में विष्णु और उसके साथ आ रहा सुमित उर्फ विष्णु प्रजापति गंभीर रूप से घायल हो गए। विष्णु ने बताया कि हमलावर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर रहे थे। उन्होंने देसी बम से भी हमले किए। हमलावर पुलिस लाइन में रहते हैं और पुलिस कर्मियों के बेटे हैं। इसकी वजह से पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की। बमबाजी की घटना में गंभीर रूप से जख्मी हुए पियूष ;20 साल का बायां हाथ पूरी तरह से खराब हो गया है। पियूष को नाजुक हालत में दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया है। उसके पिता पप्पू ने बताया कि उनके बेटे के बाएं हाथ के पंजे के चिथड़े उड़ गए हैं। पूरा हाथ खराब हो चुका है। करीब तीन घंटे तक उसके हाथ का आॅपरेशन हुआ है।
पप्पू प्रजापति ने बताया कि उनका बेटा काशीपुर में चश्मे की दुकान पर काम करता है। घटना के समय वो ट्रेन से उतरने के बाद बाइक से अपने घर आ रहा था। सुमित उर्फ पियूष के बडे़ भाई अभिषेक ने बताया कि वो सहारनपुर में जाॅब करते हैं। उन्होंने बताया कि रात में करीब 11.30 बजे की घटना है। उनके भाई को कुछ हमलावरों ने बम से हमला करके जख्मी कर दिया। बमबाजी और फायरिंग की घटना जिस जगह हुई, उससे पुलिस कप्तान का बंगला चंद कदमों के फासले पर है। लेकिन सिविल लाइंस पुलिस अपने कप्तान के बंगले के पड़ोस में हुई घटना से भी पूरी रात बेखबर रही। पुलिस कप्तान को भी घटना के बारे में ब्रीफ नहीं किया गया।
इस घटना में अपना हाथ गंवा चुके पियूष की मां ममता ने बताया कि उनका बेटा तो काशीपुर से नौकरी करके लौट रहा था। फिर उसे किसी ने फोन करके पीली कोठी बुला लिया था। इसके बाद बमबाजी और फायरिंग में उनके बेटे का हाथ बुरी तरह से जख्मी हो गया। ममता ने बताया कि पुलिस की ओर से उन्हें घटना की कोई जानकारी नहीं दी गई। रात में करीब 2 बजे टीएमयू हाॅस्पिटल से किसी ने फोन करके उन्हें बेटे के जख्मी होने की सूचना दी थी।
पहले भी हो चुका है गोलीकांड
मुरादाबाद में 7 अगस्त 2023 को फ्रेंडशिप डे पर भी माॅडल शराब शाॅप के बाहर ऐसी ही घटना हुई थी। कमेंट्स को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद एक युवक को गोली मार दी गई थी। घटना मुरादाबाद के सिविल लाइंस एरिया में पीली कोठी के पास माॅडल शाॅप के ठीक बाहर की थी। यहां से मुरादाबाद के एसएसपी का बंगला चंद कदमों के फासले पर है। मुगलपुरा थाना क्षेत्रा में लाल बाग गली नंबर 1 निवासी सचिन प्रजापति ;22 साल रेती स्ट्रीट मोहल्ले में एक मेडिकल स्टोर पर काम करता है। घटना के बाद सचिन के भाई अनिल ने बताया था कि घटना की रात करीब 10.30 बजे दुकान बंद करने के बाद सचिन अपने दुकान मालिक दिव्यांशु के साथ पीली कोठी पहुंचा था। सचिन और दिव्यांशु माॅडल शाॅप के बाहर खड़े होकर सिगरेट पी रहे थे। तभी कुछ युवकों ने कमेंट्स पास किए और विरोध करने पर सचिन को गोली मार दी थी। आरोपी सत्ताधरी दल से जुड़े थे। इसलिए पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने के बजाय मामले को रफादफा कर दिया था।







